Navratri Trend : इस नवरात्रि गरबा नाइट्स आउटफिट्स के साथ खूब जचेंगे ये स्टाइलिश शूज, बोहो गुजराती गहने, देखें डिजाइन्स
Garba fashion Trend : इस नवरात्रि(Navratri Trend Alert) गरबा नाइट्स में ट्रेडिशनल घाघरे के साथ खूब जचेंगे हैंड-पेंटेड, LED शूज और कलरफुल हेयर एक्सेसरीज. जानिए क्या है लेटेस्ट ट्रेंड और कहां से खरीदें ये स्टाइलिश फेस्टिव प्रोडक्ट्स.
सऊदी अरब में तैनात होंगी पाकिस्तान-तुर्किये की फौज:हूती विद्रोहियों के खिलाफ साथ आए तीनों देश; पिछले महीने पाकिस्तान ने मदद से इनकार किया था
पाकिस्तान और तुर्किये जल्द अपनी सेनाएं सऊदी अरब में तैनात करेंगे। रियाद में सोमवार को हुई मक्का रक्षा समझौते की आपात बैठक में यह फैसला लिया गया। हूती विद्रोहियों के बढ़ते हमलों और बाब अल-मंदेब स्ट्रेट के आसपास बढ़ते खतरे के बीच तीनों देशों ने सैन्य सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है। हूतियों ने यमन के लाल सागर तट और बाब अल-मंदेब के आसपास कई अहम इलाकों पर अपना नियंत्रण मजबूत किया है। यह इलाका सऊदी अरब के बेहद करीब है। ऐसे में यहां हूतियों की बढ़ती मौजूदगी से सऊदी अरब की सुरक्षा के साथ-साथ समुद्री व्यापार पर भी खतरा बढ़ गया है। सऊदी अरब ने हूती हमलों के बाद सबसे पहले पाकिस्तान से सैन्य मदद मांगी थी। हालांकि, पाकिस्तान ने सितंबर में मदद देने से इनकार कर दिया था। यरुशलम पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान ने तब कहा था कि उसकी सेना किसी दूसरे देश की जमीन पर युद्ध में शामिल नहीं होगी। हूती विद्रोहियों ने लाल-सागर में द्वीपों पर कब्जा किया यमन के हूती विद्रोहियों ने दक्षिणी लाल सागर में अहम द्वीपों पर कब्जा कर लिया है। यमन सरकार के मुताबिक हूतियों ने ग्रेटर हनीश और लेसर हनीश द्वीपों पर अपने लड़ाके तैनात किए हैं। ये द्वीप बाब अल-मंदेब स्ट्रेट से करीब 160 किमी उत्तर में हैं। इससे पहले पिछले हफ्ते हूतियों ने लाल सागर के किनारे बसे बंदरगाह शहर मोखा और बाब अल-मंदेब में मौजूद मायून द्वीप पर भी कब्जा किया था। इन दोनों जगहों पर सऊदी अरब के समर्थन वाली यमनी सरकारी सेना का नियंत्रण था। हूतियों के इन द्वीपों पर कब्जे से लाल सागर के समुद्री रास्ते पर उनका दबदबा और मजबूत हो गया है। बाब अल-मंदेब एशिया से यूरोप जाने वाले जहाजों के लिए शॉर्टकट रास्ता है। यहां से गुजरने के बाद जहाज स्वेज नहर के रास्ते भूमध्य सागर तक पहुंचते हैं। बाब अल-मंदेब के पास हूतियों से इलाके छीनने का दावा सऊदी समर्थित यमनी सुरक्षा बलों ने बड़े सैन्य अभियान के दौरान बाब अल-मंदेब स्ट्रेट के पास कई अहम इलाकों से हूती विद्रोहियों को पीछे हटाने का दावा किया है। अधिकारियों के मुताबिक, इस अभियान में अमेरिका खुफिया जानकारी और सैन्य योजना बनाने में मदद कर रहा है। सऊदी अरब जल्द हूतियों पर हमला कर सकता है सऊदी अरब यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ जंग शुरू करने की तैयारी कर रहा है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी 1 लाख से ज्यादा सैनिकों को यमन में उतार सकता है। इसका मकसद बाब अल-मंदेब स्ट्रेट को हूतियों के कब्जे से छुड़ाना और समुद्री व्यापार का रास्ता सुरक्षित करना है। रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब के सामने सैन्य कार्रवाई के दो विकल्प हैं - इस ऑपरेशन का नेतृत्व यमन की सेनाएं करेंगी, जिन्हें सऊदी अरब का समर्थन मिलेगा। जरूरत पड़ने पर सऊदी अरब हवाई हमले भी कर सकता है। मक्का पैक्ट लागू- एक पर हमला तीनों पर माना जाएगा रियाद में सोमवार को हुई बैठक के साथ मक्का रक्षा समझौता औपचारिक रूप से लागू हो गया। इसके तहत एक देश पर हमला तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। बैठक में तीनों देशों के वरिष्ठ रक्षा और सैन्य अधिकारी शामिल हुए। तुर्किये से विदेश मंत्री हाकान फिदान और रक्षा मंत्री याशार ग्यूलर, जबकि सऊदी अरब से विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान और रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान मौजूद रहे। पाकिस्तान की ओर से उप प्रधानमंत्री इशाक डार, चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ फील्ड मार्शल असीम मुनीर और रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ शामिल हुए। रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल नौमान महमूद भी बैठक में मौजूद रहे, जिन्हें मक्का रक्षा समझौते का महासचिव नियुक्त किया गया है।
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