भोपाल सीएम यूथ कॉन्क्लेव में 13 हजार छात्रों को लाने का निर्देश, जीतू पटवारी ने MP सरकार से किए सवाल
आज भोपाल में सीएम यूथ कॉन्क्लेव का आयोजन हो रहा है। यहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव युवाओं से संवाद करेंगे। इस आयोजन से पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार कब समझेगी कि युवाओं को बसों में भरकर सरकारी कार्यक्रम में लाने से प्रदेश का भविष्य नहीं बदलेगा।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भोपाल और आसपास के जिलों के निजी विश्वविद्यालयों से लगभग 13 हजार विद्यार्थियों को कार्यक्रम में लाने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि युवाओं को सरकारी कार्यक्रम में बुलाने की बजाय सरकार को उनके रोजगार, शिक्षा और भर्ती से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।
उच्च शिक्षा आयुक्त ने जारी किया पत्र
दरअसल, उच्च शिक्षा आयुक्त कार्यालय की ओर से 30 सितंबर को मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के सचिव को पत्र जारी किया गया है। इस पत्र में भोपाल और आसपास के जिलों के निजी विश्वविद्यालयों से लगभग 13 हजार विद्यार्थियों की सीएम यूथ कॉन्क्लेव में सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
पत्र के अनुसार, एक बस में 50 विद्यार्थियों को ले जाया जाएगा। छात्र-छात्राओं वाली बस में एक महिला और एक पुरुष प्राध्यापक को बस प्रभारी बनाया जाएगा। हर बस के आगे सीएम यूथ कॉन्क्लेव, विश्वविद्यालय का नाम और बस क्रमांक वाला फ्लेक्स लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं। विद्यार्थियों के लिए विश्वविद्यालय की ओर से बस रवाना होने से पहले नाश्ता और पानी उपलब्ध कराया जाएगा। बस में कूड़ेदान रखने और विद्यार्थियों को खाली बोतल व अन्य कचरा उसमें डालने के लिए निर्देशित करने को भी कहा गया है। कार्यक्रम के बाद सभी विद्यार्थियों के सुरक्षित घर पहुंचने की जानकारी भी संबंधित अधिकारियों को देने के निर्देश हैं। खास बात यह है कि पत्र में बस, नाश्ता और पानी समेत इस पूरी व्यवस्था पर होने वाला खर्च संबंधित विश्वविद्यालयों की संचित निधि से वहन करने की बात कही गई है।
रोजगार और भर्ती को लेकर कांग्रेस ने सरकार से किए सवाल
जीतू पटवारी ने इसे लेकर प्रदेश सरकार से सवाल किए है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के युवाओं को कॉन्क्लेव चाहिए या करियर, सरकारी कार्यक्रमों के फोटो चाहिए या रोजगार और भाषण चाहिए या बेहतर शिक्षा। उन्होंने कहा कि सरकार को शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, रोजगार देने, भर्ती परीक्षाएं समय पर कराने और खाली पदों को भरने को प्राथमिकता बनाना चाहिए। कांग्रेस नेता ने कहा कि मध्यप्रदेश का युवा सिर्फ तालियां बजाने के लिए नहीं, बल्कि अपना भविष्य बेहतर बनाने के लिए पढ़ रहा है। उन्होंने सरकार से युवाओं की शिक्षा, रोजगार और करियर से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से काम करने की मांग की है।
मुख्यमंत्री जी,
युवाओं को बुलाने से,
युवा आपके साथ नहीं आएंगे!– भोपाल/करीबी जिलों के निजी विश्वविद्यालयों से करीब 13,000 विद्यार्थियों को “सीएम यूथ कॉन्क्लेव” में लाने की व्यवस्था के निर्देश हैं!
– बसें लगेंगी, शिक्षक प्रभारी होंगे, बैनर लगेंगे, नाश्ता/खाना होगा और खर्च… pic.twitter.com/ojR0g3nOTm
— Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) October 6, 2026
असम-मणिपुर में सुबह-सुबह भूकंप के झटके किए गए महसूस, नगांव में 4.5 और तमेंगलोंग में 2.9 तीव्रता, घरों से बाहर निकले लोग
मंगलवार की सुबह असम और मणिपुर में भूकंप के झटकों से लोगों की नींद खुल गई। दरअसल असम के नगांव में सुबह 4 बजकर 23 मिनट 47 सेकंड पर 4.5 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भूकंप की गहराई करीब 33 किलोमीटर बताई गई है। इसके कुछ ही मिनट बाद मणिपुर के तमेंगलोंग में भी धरती हिली। यहां भूकंप की तीव्रता 2.9 रही और इसकी गहराई 12 किलोमीटर दर्ज की गई।
दरअसल सुबह के वक्त आए झटकों के कारण कुछ इलाकों में लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए। सोते हुए लोगों को अचानक कंपन महसूस हुआ तो कई लोग सुरक्षित जगह की तरफ जाते नजर आए। शुरुआती जानकारी के मुताबिक दोनों राज्यों में भूकंप के इन झटकों से किसी तरह के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है। झटके कुछ समय बाद शांत हो गए और स्थिति सामान्य हो गई।
नगांव में 4.5 तीव्रता का सबसे तेज झटका
वहीं नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक मंगलवार सुबह पूर्वोत्तर भारत में आया सबसे तेज भूकंप असम के नगांव में रिकॉर्ड हुआ। दरअसल यह झटका सुबह 4:23:47 बजे आया। भूकंप का केंद्र नगांव में दर्ज किया गया और इसकी गहराई जमीन के अंदर करीब 33 किलोमीटर रही। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.5 मापी गई। भूकंप आने का समय ऐसा था जब ज्यादातर लोग अपने घरों में सो रहे थे। अचानक कंपन महसूस होने के बाद लोगों में घबराहट की स्थिति बनी। कई लोग नींद से उठकर घरों से बाहर निकल आए। कुछ जगहों पर लोगों के बीच भूकंप को लेकर डर का माहौल देखने को मिला।
मणिपुर में भी भूकंप का झटका दर्ज हुआ
हालांकि भूकंप के झटके रुकने के बाद स्थिति सामान्य हो गई। असम में आए इस झटके के करीब चार मिनट बाद मणिपुर में भी भूकंप दर्ज हुआ। तमेंगलोंग में सुबह 4:27:25 बजे 2.9 तीव्रता का झटका आया। इसकी गहराई करीब 12 किलोमीटर रही। यहां भी झटका सुबह के समय आया जिससे सो रहे लोगों की नींद खुल गई। भूकंप महसूस होने के बाद लोग घरों से बाहर निकल आए। दोनों राज्यों में कुछ ही मिनट के अंतर पर भूकंप आने से सुबह के समय लोगों के बीच काफी चर्चा रही। हालांकि उपलब्ध जानकारी के मुताबिक किसी बड़े नुकसान की सूचना सामने नहीं आई है।
अफगानिस्तान में भी भूकंप आया
वहीं मणिपुर के तमेंगलोंग में दर्ज किया गया भूकंप असम के मुकाबले कम तीव्रता का था। यहां रिक्टर स्केल पर तीव्रता 2.9 रही। भूकंप की गहराई 12 किलोमीटर दर्ज की गई। सुबह 4:27:25 बजे आए इस झटके के दौरान लोग गहरी नींद में थे। कंपन महसूस होने पर कई लोग घरों से बाहर आ गए। भारत के पूर्वोत्तर में इन दो भूकंपों के बाद अफगानिस्तान में भी भूकंप दर्ज किया गया। वहां सुबह 5 बजकर 25 मिनट 10 सेकंड पर 4.0 तीव्रता का भूकंप आया। इसकी गहराई करीब 103 किलोमीटर थी। भूकंप का केंद्र 36.884 अक्षांश और 68.864 देशांतर पर दर्ज किया गया।
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