Ambikapur to Delhi Direct Train: छत्तीसगढ़ से दिल्ली जाने वाले यात्रियों के लिए खुशखबरी, अब सप्ताह में इतने दिन चलेगी सीधी ट्रेन, सांसद चिंतामणि ने दिखाई हरी झंडी
Chhattisgarh Ambikapur to Delhi Direct Train: छत्तीसगढ़ से दिल्ली जाने वाले यात्रियों के लिए खुशखबरी, अब सप्ताह में इतने दिन चलेगी सीधी ट्रेन, सांसद चिंतामणि ने दिखाई हरी झंडी
MP Weather Update: आज से दिखेगा मौसम में बदलाव, फिर छाएंगे बादल, जबलपुर-रीवा और शहडोल संभाग में 4 दिन बारिश के आसार
मध्य प्रदेश से भले ही मानसून की विदाई हो गई है लेकिन चक्रवाती परिसंचरण के असर से पूर्वी हिस्से में मौसम बदला रहेगा। मौसम विभाग ने अगले चार दिन जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग में बारिश की संभावना जताई है। भोपाल और इंदौर में मौसम साफ रहेगा। यहां दिन में तेज धूप और रात में ठंडक बनी रहेगी।
आज, मंगलवार को पन्ना, सतना, रीवा, मैहर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली और शहडोल में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है। 7 और 8 अक्टूबर को कुछ हिस्सों में बारिश होने का अनुमान है। फिलहाल प्रदेश कई जिलों में दिन का तापमान 37 डिग्री सेल्सियस से अधिक चल रहा है वहीं न्यूनतम तापमान 17-18 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है।
वर्तमान में सक्रिय है कई मौसम प्रणालियां
- वर्तमान में ट्रफ गंगा पश्चिम बंगाल से मराठवाड़ा तक की औसत समुद्र तल से 3.1 किमी की ऊंचाई पर झारखंड, आंतरिक ओडिशा, छत्तीसगढ़, विदर्भ और मराठवाड़ा होते हुए गंगा पश्चिम बंगाल से मध्य महाराष्ट्र तक फैली हुई है, जो ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुक रही है।
- एक ट्रफ मध्य समुद्र तल से 0.9 किमी की ऊंचाई पर बिहार, झारखंड और गंगा पश्चिम बंगाल होते हुए उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश से पूर्वी बांग्लादेश तक फैली हुई है।
- एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण मध्य समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर बिहार और उसके आसपास के क्षेत्र के ऊपर स्थित है।
- एक नया पश्चिमी विक्षोभ, जो मध्य और ऊपरी क्षोभमंडल की पछुआ हवाओं में एक ट्रफ के रूप में मध्य समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर उत्तर में विस्तृत है।
100 दिन सक्रिय रहा मानसून, 95.9 प्रतिशत हुई बारिश
मध्य प्रदेश में मानसून का सीजन 1 जून से 30 सितंबर तक होता है। इस बार पूरे सीजन में 908.4 मिमी यानी 35.8 इंच (95.9 प्रतिशत) बारिश दर्ज हुई है,जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 37.3 इंच (949.5 मिमी) होनी चाहिए थी। इस तरह पूरे सीजन में प्रदेश में करीब 4 फीसदी या 1.5 इंच बारिश कम हुई।
चुंकी इस बार मानसून 24 जून को प्रदेश में एंटर हुआ था और 3 अक्टूबर को विदाई हुई है, इस हिसाब से प्रदेश में करीब 100 दिन मानसून सक्रिय रहा। पिछले साल मानसून ने 16 जून 2025 को प्रदेश में प्रवेश किया था और 13 अक्टूबर 2025 को विदा हुआ था। इस बार पूर्वी मध्य प्रदेश में 4% ज्यादा पानी गिरा, लेकिन पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से 12% कम बारिश दर्ज की गई। इसी के चलते प्रदेश के 55 में से 30 जिलों में सामान्य बारिश का कोटा पूरा नहीं हो सका हालांकि 25 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई।इस सीजन में आलीराजपुर बारिश के मामले में सबसे पीछे रहा। निवाड़ी और मऊगंज में सामान्य से 150% से ज्यादा बारिश दर्ज हुई।
इन जिलों पर मेहरबान रहा मानसून, बारिश का कोटा पूरा
प्रदेश के 55 जिलों में से 25 जिलों में सीजन का बारिश कोटा पूरा हो गया। इस सीजन में भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में सामान्य से अधिक बारिश हुई।
इन जिलों में सामान्य से कम गिरा पानी
- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में आंकड़ा 4 प्रतिशत ज्यादा रहा लेकिन बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर, सिवनी में 5% से 21% तक कम बारिश हुई है।
- आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में भी औसत से 9% से 51% कम पानी गिरा है।
- नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर में भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई ।
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