भारत की गायब होती हरियाली को बचाते पीपल बाबा [ India's 'Tree Father' plants for a greener future]
पीपल बाबा के ट्रस्ट का अनुमान है कि उसने अब तक 2700 वर्ग किलोमीटर जितने बड़े इलाके में हरियाली को बहाल किया है. यानी दिल्ली के क्षेत्रफल से लगभग दोगुने इलाके में.
कब बोलना और कब चुप रहना जरूरी, 6 जगहों पर बोलने से बिगड़ सकती है बात, चाणक्य नीति के अनुसार चुप रहना बेहतर
Chanakya Niti: चाणक्य नीति से जुड़ी मान्यताओं के अनुसार हर जगह अपनी राय देना जरूरी नहीं है. विवाद, अधूरी जानकारी, निजी पारिवारिक मामले और गुस्से वाले माहौल में पहले स्थिति समझना बेहतर है. सही समय पर चुप रहना कई बार अनावश्यक विवाद से बचने का आसान तरीका बन सकता है.
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