एक्टर डीनो मोरिया से 6 घंटे पूछताछ:मुंबई की मीठी नदी सफाई घोटाले से जुड़ा मामला; ₹65 करोड़ के गबन का आरोप
मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने शुक्रवार को बॉलीवुड एक्टर डिनो मोरिया से मीठी नदी सफाई घोटाले के सिलसिले में छह घंटे तक पूछताछ की। EOW के एक अधिकारी के अनुसार, पूछताछ के बाद अभिनेता को जाने दिया गया। जरूरत पड़ने पर उन्हें फिर से बुलाया जा सकता है। मामला मीठी नदी डीसिल्टिंग (गाद निकालना) घोटाले का है। दावा है कि राज्य में नदियों की सफाई के नाम पर हुए 65 करोड़ रुपए का गबन हुआ। इस जांच में मोरिया का नाम इसलिए आया क्योंकि उन पर उन कॉन्ट्रैक्टर्स और अधिकारियों से जुड़े होने का आरोप है, जिन लोगों ने मुंबई में बाढ़ से बचाव और ड्रेनेज सिस्टम के रखरखाव के लिए दिए गए सरकारी फंड में हेराफेरी की थी। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब डीनो, दिशा सालियन की मौत के मामले में भी जांच का सामना कर रहे हैं। पिछले साल ED ने डीनो के घर छापा मारा था 2025 में भी ED ने मुंबई और कोच्चि में 15 जगहों पर छापेमारी की, जिसमें मोरिया का घर भी शामिल था। इन छापों में उन लोगों और संगठनों को निशाना बनाया गया जो जांच के दायरे में आए कॉन्ट्रैक्टर्स और अधिकारियों से जुड़े थे। जांच में सामने आया कि आरोपी केतन कदम और जय जोशी ने मैटप्रॉप कंपनी के अधिकारियों और बीएमसी के स्टॉर्म वॉटर ड्रेन्स विभाग के अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके घोटाला किया। जब घोटाले के मुख्य आरोपी केतन कदम के कॉल रिकॉर्ड्स की जांच हुई तो इसमें एक्टर डिनो मोरिया और उनके भाई का नाम सामने आया। दोनों ने कई मौकों पर केतन कदम से बात की थी। जांच अधिकारियों का मानना है कि डीनो मोरिया और केतन महज दोस्त नहीं हैं, बल्कि उनके बीच पैसों का लेन-देन भी हो सकता है। यही वजह है कि डिनो को जांच के दायरे में लेकर पूछताछ की जा रही है। क्या था मीठी नदी डीसिल्टिंग प्रोजेक्ट मीठी नदी से गाद निकालने यानी डीसिल्टिंग प्रोजेक्ट की शुरुआत 2005 में मुंबई में आई बाढ़ के बाद बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (BMC) और दूसरी सिविक एजेंसियों ने की थी। इस प्रोजेक्ट का मकसद मलबे को हटाकर और नदी के तल का रखरखाव करके बाढ़ मैनेजमेंट को बेहतर बनाना था। बाद की जांच में डीसिल्टिंग के बताए गए काम और असल में किए गए काम के बीच अंतर मिला, जिससे प्रोजेक्ट के फंड के इस्तेमाल पर शक पैदा हुआ। मई 2025 की पहली FIR में 13 लोगों को आरोपी बनाया गया, जिनमें 3 BMC अधिकारी, ठेकेदार, बिचौलिए और निजी कंपनी के अधिकारी शामिल हैं। ………… यह खबर भी पढ़ें... एक्ट्रेस नुसरत भरूचा को रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर:इंडोनेशिया के बाली में एक्सीडेंट, एयर एंबुलेंस से मुंबई लाया जा रहा, सर्जरी होगी एक्ट्रेस नुसरत भरूचा के बाली में हुए हादसे के बाद रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया है। न्यूज एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, नुसरत फिलहाल बाली के अस्पताल में भर्ती हैं और डॉक्टरों की निगरानी में हैं। शुक्रवार को नुसरत की टीम की पब्लिसिस्ट संचिता त्रिवेदी ने बताया कि डॉक्टर आगे की जांच के बाद उनकी रीढ़ की सर्जरी करेंगे। उन्हें इलाज के लिए एयर एंबुलेंस से बाली से मुंबई लाने की तैयारी की जा रही है। मुंबई पहुंचने के बाद उनकी सर्जरी होगी। पूरी खबर यहां पढ़ें...
'छठी मैया' गाने की शूटिंग में इमोशनल हुईं तमन्ना:बोलीं- 4 साल पहले रोल मिलता तो नहीं कर पाती; थिएटर्स के बाहर जूते-चप्पल उतारकर जा रहे लोग
एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया इन दिनों अपनी नई फिल्म 'द वन' को लेकर काफी सुर्खियों में हैं। फिल्म में उनका किरदार और खासतौर पर 'छठी मैया' गाना चर्चा में है। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में तमन्ना ने छठ महापर्व से अपने भावनात्मक जुड़ाव, स्पिरिचुअलिटी और सनातन पर खुलकर बात की। तमन्ना ने बताया कि सिनेमाघरों में दर्शक इस फिल्म को सिर्फ मनोरंजन के तौर पर नहीं, बल्कि एक पर्व की तरह देख रहे हैं; लोग थिएटर में पॉपकॉर्न छोड़कर ठेकुआ बांट रहे हैं और जूते-चप्पल बाहर उतारकर हॉल में जा रहे हैं। सवाल: 'द वन' की स्क्रिप्ट जब पहली बार आपके पास आई, तो आपने इसमें काम करने के लिए 'हां' क्यों कहा? जवाब: मुझे लगा कि यह बहुत ही दिलचस्प कॉन्सेप्ट है, जो लोककथा, फैंटेसी और आस्था को एक साथ लेकर आता है। हमारे देश में ऐसी कई कथाएं हैं जो अब तक आम लोगों तक नहीं पहुंची हैं। छठ महापर्व को करीब 30 से 40 करोड़ लोग मनाते हैं। हमने होली-दिवाली तो फिल्मों में बहुत देखी है, लेकिन छठ जैसे महापर्व को पहली बार इतने बड़े पैमाने पर बड़े पर्दे पर दिखाया गया है। साथ ही, इस एक्शन फिल्म के केंद्र में एक गहरा इमोशन है। मुझे बचपन से ही 'द ममी' जैसी फिल्में पसंद रही हैं, जिनमें मैजिक और फोकलोर होता है। इसलिए मुझे लगा कि यह एक ऐसी फिल्म है जिसे पूरी फैमिली साथ बैठकर देख सकती है। सवाल: फिल्म में 'छठी मैया' का गाना करते समय आप इमोशनल हो गईं थी। आपके अंदर क्या भावनात्मक और आध्यात्मिक बदलाव आए? जवाब: जब मैंने पहली बार विशाल मिश्रा की आवाज में यह गाना सुना, तो लगा कि यह हर भक्त की अंदरूनी भावना है। शूटिंग के दौरान जब मैं सूर्य देव को अर्घ्य देने का रिचुअल कर रही थी, तब मुझे एक बहुत बड़ी बात समझ में आई, जिस चीज का अस्त होता है, उसका उदय भी निश्चित है। हम जिंदगी में कई बार उतार-चढ़ाव देखकर निराश हो जाते हैं, लेकिन छठ महापर्व हमें सिखाता है कि डूबते सूरज के बाद उगता सूरज जरूर आता है। इस गाने ने मुझे ग्रेटिट्यूड का गहरा भाव महसूस कराया। सवाल: थिएटर से दर्शकों का किस तरह का रिएक्शन मिल रहा है, क्या आपने इस तरह की प्रतिक्रिया की उम्मीद की थी? जवाब: सच कहूं तो हमने फिल्म बनाते समय ऐसा बिल्कुल नहीं सोचा था। लेकिन अब जब मैं रील्स और वीडियो देख रही हूं, तो लोग सिनेमाघर के बाहर अपने जूते-चप्पल उतारकर अंदर जा रहे हैं। लोग हॉल में पॉपकॉर्न छोड़ ठेकुआ बांट रहे हैं। बिहार, पटना और झारखंड से जिस तरह का प्यार मिल रहा है, वैसा मैंने लंबे समय से किसी फिल्म के लिए नहीं देखा। कई लोग थिएटर में भावुक होकर रो रहे हैं, क्योंकि यह उनकी आस्था से जुड़ा है। यह देखना मेरे लिए बहुत मैजिकल है। सवाल: आप खुद शिव भक्त हैं और स्पिरिचुअल हैं। क्या इस जुड़ाव ने आपको इस रोल को निभाने में मदद की? जवाब: बिल्कुल। करीब चार साल पहले जब मैं अपने गुरु से मिली, तब मेरी असल स्पिरिचुअल जर्नी शुरू हुई। मुझे लगता है कि अगर यह फिल्म मुझे 4 साल पहले ऑफर होती, तो शायद मैं इसे उस तरह नहीं कर पाती। क्योंकि भक्ति एक ऐसा भाव है जिसमें आप कोई मिलावट या झूठी एक्टिंग नहीं कर सकते। अगर आपके अंदर वह भाव सच्चा नहीं है, तो दर्शक तुरंत पकड़ लेते हैं। पटना में एक स्टूडेंट ने मुझसे कहा था कि आप यह गाना इसलिए कर पाईं क्योंकि ऊपर वाले ने आपको इसके लिए चुना है। सवाल: आजकल सनातन और भारतीय संस्कृति पर आधारित फिल्मों को दर्शकों का काफी प्यार मिल रहा है। इस दौर को आप कैसे देखती हैं? जवाब: यह बहुत जरूरी दौर है, खासकर अर्बन इंडिया के लिए। हम हर चीज को लॉजिक और सबूत से तौलने की कोशिश करते हैं। सनातन संस्कृति में जो बातें कही गई हैं, वे जितनी स्पिरिचुअल हैं, उतनी ही साइंटिफिक भी हैं। स्पिरिचुअलिटी कहती है कि आप पहले विश्वास कीजिए, अनुभव अपने आप मिल जाएगा। आज लोग अपनी संस्कृति के बारे में और जानना चाहते हैं, इसलिए जब उन्हें ऐसी सच्ची कहानियां मिलती हैं, तो फिल्में बॉक्स ऑफिस पर बेहतरीन प्रदर्शन करती हैं। सवाल: फिल्मों में सिनेमैटिक लिबर्टी और कल्चरल ऑथेंटिसिटी के बीच संतुलन बनाना कितना मुश्किल होता है? जवाब: आपका इरादा सही होना चाहिए। जब हमने छठ का पूरा सीक्वेंस शूट किया, तो सभी नियमों और प्रोटोकॉल का पूरा ध्यान रखा। हमारे डायरेक्टर दीपक यूपी-बिहार बेल्ट से हैं, इसलिए वे बहुत पर्टिकुलर थे। हम कोई डॉक्यूमेंट्री नहीं बना रहे थे, बल्कि एक कहानी के जरिए छठ की आस्था और इमोशन को लोगों तक पहुंचा रहे थे। उस इमोशन को फील कराने के लिए थोड़ी सिनेमैटिक लिबर्टी लेनी पड़ती है, ताकि दर्शक उस श्रद्धा को गहराई से महसूस कर सकें। 'वन - फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट' का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन फिल्म 'वन - फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट' ने अपनी रिलीज के छठे दिन 7,070 शो के जरिए ₹4.25 करोड़ का नेट कलेक्शन दर्ज किया है। इस कमाई के साथ भारत में फिल्म का कुल नेट कलेक्शन ₹49.10 करोड़ और कुल ग्रॉस कलेक्शन ₹58.42 करोड़ तक पहुंच गया है। ओवरसीज मार्केट की बात करें तो फिल्म ने छठे दिन ₹0.50 करोड़ की कमाई की, जिससे इसका कुल ओवरसीज ग्रॉस कलेक्शन ₹5.00 करोड़ हो गया है। इन आंकड़ों को मिलाकर फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन अब ₹63.42 करोड़ हो चुका है। फिल्म 25 सितंबर को रिलीज हुई थी।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 









