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सुबह खाली पेट हरी Elaichi चबाने से सुधरेगा Digestion, गैस और भारीपन से मिलेगी राहत

क्या आपको इलायची खाना पसंद है, तो बढ़िया है यदि नहीं, तो अभी से इलायची खाना शुरु कर दें। सुबह-सुबह खाली पेट इलायची चबाने से दिन की अच्छी शुरुआत मानी जाती है। दरअसल, छोटी-सी दिखने वाली इलायची सिर्फ चाय या मिठाई में खुशबू बढ़ाने के काम नहीं आती है बल्कि इसमें कुछ ऐसे एक्टिव कंपाउंड पाएं जाते हैं, जो डाइजेशन से संबंधित समस्याओं को ठीक करते हैं।

रोज सुबह एक इलायची खाने के क्‍या फायदे हैं?

गैस की समस्या हो या फिर पेट फूलना या खाना खाने के बाद भारीपन जैसे दिक्कतें हो, इलायची का सेवन काफी फायदेमंद माना जाता है। अगर आप रोजाना हरी इलायची खाना शुरु करेंगी, तो आपको मिलेंगे जबरदस्त फायदे।

गैस और पेट के भारीपन को कम करने में मदद करती है इलायची

बार-बार आपका पेट फूलता है या गैस की परेशानी रहती है, तो इलायची आपको राहत दिलाने का काम करता है। इसमें सिनेओल और टार्पिनिल एसीटेट जैसे एक्टिव वॉलेटाइल ऑयल्स पाए जाते हैं। इन कंपाउंड्स का कनेक्शन डाइजेस्टिव सिस्टम की मसल्स को रिलैक्स करने से हैं। वहीं, इलायची में एंटीस्पास्मोडिक भी पाया जाता है। यह पेट में जमा गैस और हवा को बाहर निकालता है। रोजाना सुबह इसे लेने से पेट संबंधित समस्याओं से छुटकारा मिलता है।

शरीर की सूजन कम करना और एक्स्ट्रा पानी बाहर निकालना

असल में इलायची एक प्रकार से दवा की तरह कार्य करती है, जो कि शरीर से पेशाब के रास्ते एक्स्ट्रा पानी और नमक को बाहर निकालने में मदद करती हैं। सबसे जरुरी बात यह है कि इससे शरीर को जरुरी इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस नहीं होता है। यदि आपके शरीर में सूजन हैं या वॉटर रिटेंशन की दिक्कत है, तो आप इलायची खा सकती हैं। यह ब्लड प्रेशर को भी कंट्रोल करता है।

खाना पचाने में कर सकती है मदद

मिठाईयों से लेकर बिरयानी जैसी डिशेज में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। वैसे यह स्वाद बढ़ाने के लिए नहीं बल्कि लिवर से बाइल निकलने की प्रॉसेस को भी ठीक करता है। बाइल खाने को डाइजेस्ट करने की प्रक्रिया में मदद करता है।

मुंह की बदबू और दांतों के लिए फायदेमंद

जब आप खाना खाएं तो उसके बाद इलायची को जरुर चबाएं। ऐसा करने से मुंह की बदबू दूर होती है। वहीं, इलायची में ऐसे गुण होते हैं, जो दांतों में कीड़ा (कैविटी) और गंदगी पैदा करने वाले बैक्टीरिया को हटाते हैं। इसलिए इलायची सिर्फ माउथ फ्रेशनर ही नहीं बल्कि आपके मुंह और दांतों की सेहत के लिए बढ़िया हैं।

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Anemia Risks: Hemoglobin और Iron बढ़ाने के लिए भीगी किशमिश के साथ Diet में शामिल करें Vitamin C

शरीर में खून की कमी यानी की एनीमिया होने एक बहुत आम समस्या है। वहीं इसका सबसे ज्यादा शिकार महिलाएं होती हैं। आंकड़ों के मुताबिक भारत में करीब 57% महिलाएं और लड़कियां एनीमिया की समस्या का शिकार हैं। खून में हीमोग्लोबिन का लेवल कम होने से एनीमिया होती है। हीमोग्लोबिन सभी अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचाता है, इसकी कमी होने पर शरीर के ऊतकों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाता है।

अगर आपको भी हर समय ज्यादा थकान और कमजोरी महसूस होने लगती है, स्किन पीली हो रही है, सांस फूलने या सांस लेने में समस्या रहती है या चक्कर आता है। तो एक बार आपको डॉक्टर से इसकी जांच करानी चाहिए कि कहीं यह एनीमिया का संकेत तो नहीं है। एनीमिया होने पर लोगों को गुड़, चुकंदर और रोजाना सुबह भीगी हुई किशमिश खाने की सलाह दी जाती है। वहीं किशमिश को लेकर दावा इतना ज्यादा वायरल हो रहा है कि कई लोगों का मानना है कि रोजाना सुबह भीगी हुई किशमिश खाने से खून की कमी दूर होगी। तो आइए जानते हैं इसमें कितनी सच्चाई है।

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जानें एनीमिया में किशमिश खाने के फायदे

शरीर में लाल रक्त कोशिकाएं और हीमोग्लोबिन बनाने में इस्तेमाल होने वाला खनिज आयरन किशमिश में पाया जाता है। यही वजह है कि इससे एनीमिया की समस्या ठीक हो सकती है।

अगर किसी में आयरन की कमी की वजह हल्का पोषण समस्या है, तो किशमिश और आयरन से भरपूर डाइट से फायदा मिल सकता है।

लेकिन अगर शरीर में हीमोग्लोबिन कम है या शरीर में आयरन ठीक से अवशोषित नहीं हो रहा है, तो ऐसी स्थिति में सिर्फ किशमिश खाने से काम नहीं चलेगा।

भीगी किशमिश के लाभ

एनीमिया की वजह पता करना भी बेहद जरूरी है। महिलाओं में भोजन में आयरन की कमी, अधिक मासिक रक्तस्त्राव, आंतों से आयरन का कम अवशोषण या दूसरी बीमारियों की वजह से भी एनीमिया की समस्या हो सकती है। डाइट में गड़बड़ी होने से एनीमिया होने पर किशमिश से काफी हद तक सुधार हो सकता है।

भिगोकर किशमिश खाने से यह नरम हो जाती है और इसको पचाना भी आसान हो जाता है।

किशमिश के अलावा आयरन के अन्य स्त्रोत जैसे हरी बीन्स, दालें, मांस-मछली और कुछ सूखे फलों को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए।

इन बातों का भी रखें खास ध्यान

बता दें कि एनीमिया में सिर्फ आयरन की मात्रा नहीं बल्कि इसका अवशोषण भी जरूरी है। पशु स्त्रोतों से मिलने वाले आयरन की तुलना में पौधों से मिलने वाले आयरन का अवशोषण कम होता है।

विटामिन सी भी इसके अवशोषण को बढ़ाने में सहायता करता है। यानी की आयरन वाली चीजों को खाने के साथ-साथ अपनी डाइट में विटामिन सी को भी शामिल करना जरूरी होता है।

हेल्थ एक्सपर्ट की मानें, तो गंभीर लेवल की एनीमिया में सिर्फ खाने के माध्यम में शरीर में आयरन की जरूरत को पूरा कर पाना मुश्किल होता है। ऐसे में डॉक्टर की सलाह और सप्लीमेंट्स लेना जरूरी हो जाता है।

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