सुप्रीम कोर्ट ने शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को आय से अधिक संपत्ति के मामले में जमानत दे दी। कोर्ट ने इस बात पर गौर किया कि वे पिछले सात महीनों से हिरासत में हैं। जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता की बेंच ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती देते हुए मजीठिया की याचिका पर सुनवाई की, जिसमें हाई कोर्ट ने पहले उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया था। सर्वोच्च न्यायालय ने मामले में मजीठिया की हिरासत की अवधि को ध्यान में रखा। पंजाब के पूर्व मंत्री को पिछले साल 25 जून को पंजाब सतर्कता ब्यूरो ने उनकी ज्ञात आय के स्रोतों से अधिक लगभग 540 करोड़ रुपये की संपत्ति जमा करने के आरोपों के संबंध में गिरफ्तार किया था।
पिछले साल 4 दिसंबर को दिए गए अपने आदेश में उच्च न्यायालय ने मजीठिया की जमानत याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि उनके द्वारा चल रही जांच को प्रभावित करने की संभावना है। साथ ही, न्यायालय ने सतर्कता ब्यूरो को तीन महीने के भीतर जांच पूरी करने का निर्देश दिया था और कहा था कि मजीठिया उस अवधि के बाद जमानत के लिए आवेदन कर सकते हैं। मजीठिया के खिलाफ मामला 2021 के एक मादक पदार्थों से संबंधित मामले से जुड़ी एक व्यापक जांच का हिस्सा है, जिसकी जांच पंजाब पुलिस की एक विशेष जांच टीम कर रही है। सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान, मजीठिया की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता एस मुरलीधर ने बताया कि याचिकाकर्ता को पहले मादक पदार्थ एवं मनोविकार पदार्थ अधिनियम, 1985 के तहत दर्ज एक मामले में जमानत दी गई थी। उन्होंने यह भी बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने पहले पंजाब सरकार द्वारा उस जमानत आदेश को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया था।
बिक्रम सिंह मजीठिया कौन हैं?
बिक्रम सिंह मजीठिया शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के भारतीय राजनीतिज्ञ हैं। उन्होंने मजीठा से पंजाब के विधायक के रूप में कार्य किया (2007-2022)। उन्होंने पंजाब सरकार में राजस्व, पर्यावरण, जल आपूर्ति और जनसंपर्क सहित कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों का कार्यभार संभाला। मजीठिया, एसएडी प्रमुख सुखबीर सिंह बादल के बहनोई और बठिंडा की सांसद हरसिमरत कौर बादल के भाई हैं।
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बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने सोमवार को राज्य बजट पेश होने से पहले जनता के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। पत्रकारों से बात करते हुए सिन्हा ने विधानसभा की कार्यवाही शांतिपूर्ण ढंग से संचालित करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि नई सरकार की नई पहल बजट में झलकेंगी। उन्होंने कहा कि पूरी तरह से सकारात्मक ऊर्जा का माहौल रहेगा। मैं सभी से आग्रह करता हूं कि सदन की कार्यवाही शांतिपूर्ण ढंग से संचालित हो। नई सरकार की नई पहल बजट में दिखाई देंगी। सरकार पूर्ण समर्पण और सेवा भावना के साथ बिहार की जनता के उत्थान और कल्याण के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है, ताकि बिहारी जनता का आत्मसम्मान बढ़े।
इसके अलावा, सिन्हा ने केंद्रीय बजट 2026-27 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन की आधारशिला बताया। सिन्हा ने प्रशंसा की कि हर भारतीय को गर्व है। यह बजट भारत के लोगों, विशेष रूप से युवाओं, महिलाओं, किसानों और गरीबों के उत्थान और कल्याण के लिए समर्पित है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए रखी गई नींव ने अब एक मजबूत इमारत के निर्माण को जन्म दिया है।
इससे पहले रविवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया, जो उनका लगातार नौवां बजट है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को केंद्रीय बजट 2026-27 को युवशक्ति से प्रेरित और तीन कर्तव्य पर आधारित बताते हुए, अगले पांच वर्षों में सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, नए समर्पित माल ढुलाई कॉरिडोर और 20 राष्ट्रीय जलमार्गों को चालू करने का प्रस्ताव रखा।
केंद्रीय बजट में पर्यावरण के अनुकूल यात्री परिवहन को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है, जिसमें प्रमुख शहरी और आर्थिक केंद्रों के बीच सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने का प्रस्ताव है। ये कॉरिडोर विकास को जोड़ने का काम करेंगे, जिससे यात्रा का समय कम होगा, उत्सर्जन घटेगा और क्षेत्रीय विकास को समर्थन मिलेगा। प्रस्तावित मार्गों में मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी शामिल हैं। ये सभी कॉरिडोर मिलकर भारत के वित्तीय केंद्रों, प्रौद्योगिकी केंद्रों, विनिर्माण समूहों और उभरते शहरों को तेज और स्वच्छ परिवहन से जोड़ेंगे।
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