नोबेल पुरस्कार 2026 का हुआ एलान, मस्तिष्क का रहस्य समझने के लिए 3 वैज्ञानिकों को मिला सम्मान
Nobel Prize 2026: फिजियोलॉजी या मेडिसिन के लिए 2026 का नोबेल पुरस्कार का एलान हो गया है. मस्तिष्क के काम करने के तरीके और उसके रहस्यों को समझने में अहम योगदान के लिए 3 वैज्ञानिकों को यह पुस्कार दिया गया है. इन वैज्ञानिकों के नाम कार्ल डेइसेरोथ, पीटर हेगेमैन और जॉर्ज नागेल हैं.
मस्तिष्क के काम करने के तरीके और उसके रहस्यों को समझने में अहम योगदान देने के लिए 2026 का नोबेल पुरस्कार शरीर क्रिया विज्ञान या चिकित्सा के क्षेत्र में तीन वैज्ञानिकों को दिया गया है. इस साल का पुरस्कार कार्ल डीसेरोथ, पीटर हेगेमैन और जॉर्ज नागल को मिला है. तीनों वैज्ञानिकों को प्रकाश की मदद से आयन चैनलों को नियंत्रित करने और ऑप्टोजेनेटिक्स से जुड़ी खोजों के लिए सम्मानित किया गया है. यह पुरस्कार लाइट-गेटेड आयन चैनलों और ऑप्टोजेनेटिक्स से जुड़ी उनकी खोजों के लिए" दिया गया है.
The 2026 Nobel Prize in Physiology or Medicine has been awarded to Karl Deisseroth, Peter Hegemann and Georg Nagel “for their discoveries concerning light-gated ion channels and optogenetics.”
— ANI (@ANI) October 5, 2026
(Pic: The Nobel Prize/X) pic.twitter.com/LnFeoyDMQ0
9 लाख पाउंड का मिलेगा इनाम
नोबेल पुरस्कार समिति ने सोमवार को स्वीडन के स्टॉकहोम स्थित कैरोलिंस्का इंस्टीट्यूट में विजेताओं के नामों की घोषणा की. तीनों वैज्ञानिकों के बीच 12 मिलियन स्वीडिश क्रोनर (करीब 9 लाख पाउंड) की पुरस्कार राशि साझा की जाएगी.
117वीं बार दिया गया इस साल नोबेल
2026 का यह नोबेल पुरस्कार 117वीं बार दिया जा रहा है. अब तक कुल 235 लोगों को यह पुरस्कार मिल चुका है, जिनमें इस साल के विजेता भी शामिल हैं. इनमें सिर्फ 14 महिलाएं हैं.
Shardiya Navratri 2026: 11 अक्टूबर से शुरू होंगे शारदीय नवरात्रि, जानें इस बार मां दुर्गा किस वाहन पर सवार होकर आएंगी?
Shardiya Navratri 2026: शारदीय नवरात्रि का प्रारंभ इस वर्ष 11 अक्टूबर 2026 को होने वाला है. नवरात्रि में दुर्गा माता के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है. ऐसा माना जाता है कि इन नौ दिनों में दुर्गा मां अपने अलग-अलग रूपों के माध्यम से भक्तों संग पृथ्वी पर वास करती है. इन दिनों में जो भक्त सच्चे मन और पूरी श्रद्धा के साथ माता दुर्गा की पूजा करते हैं. दुर्गा देवी की पूजा करने से घर में खुशहाली आती है और परिवार में धन और तरक्की आती है. दुर्गा मां अपने साथ सुख-समृद्धि लेकर आती है. दुर्गा मां नवरात्रि के प्रारंभ में और समापन में अलग-अलग वाहनों से आती हैं. चलिए जानते हैं इस वर्ष नवरात्रि पर मां दुर्गा किस वाहन से आएंगी.
शारदीय नवरात्रि 2026 में किस वाहन पर आएगी दुर्गा मां?
देवी भागवत पुराण के अनुसार, दुर्गा मां के वाहन को लेकर एक श्लोक बताया जाता है. इस श्लोक का अर्थ है कि जब भी नवरात्रि का प्रारंभ रविवार और सोमवार के दिन होता है, तो दुर्गा मां गज यानी कि हाथी पर सवार होकर आती हैं. वहीं, जब भी नवरात्रि शनिवार के दिन या फिर मंगलवार के दिन होता है तो मां दुर्गा घोड़े पर सवार होकर आती है. वहीं, जब देवी माता गुरुवार या शुक्रवार के दिन आती है, तो दुर्गा मां डोली में सवार होकर आती हैं. वहीं, बुधवार के दिन दुर्गा माता का वाहन नौका होती हैं.
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इस वर्ष नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर को रविवार के दिन से हो रहा है. ऐसे में दुर्गा माता हाथी पर विराजमान होकर आ रही है. भागवत पुराण के अनुसार, दुर्गा माता हाथी पर विराजमान होकर आएगी. इसे एक शुभ संकेत माना जाता है. मां दुर्गा हाथी पर आकर अपने भक्तों को आशीर्वाद भी देती है.
देवी भागवत में मौजूद है यह श्लोक
शशि सूर्ये गजारूढ़ा, शनि भौमे तुरंगमे.
गुरौ शुक्रे च दोलायां, बुधे नौका प्रकीर्तिता.
इस श्लोक का अर्थ होता है कि यदि नवरात्रि की शुरुआत रविवार के दिन होती है दुर्गा मां हाथी पर सवार होकर आएंगी.
हाथी पर सवार आएंगी मां दुर्गा
माता रानी का आगमन इस वर्ष हाथी पर सवार होकर आने वाली है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब माता रानी हाथी पर बैठकर धरती पर सवार होकर आ रही है, तो यह अत्यंत शुभ होने वाला है. देवी भागवत पुराण में हाथी पर माता के आगमन को शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि हाथी पर दुर्गा मां का आना यानी इस साल वर्षा होगी, खेती और कृषि की उपज बढ़ेगी. देश में सुख-समृद्धि और धन-धान्य में वृद्धि होती है. इस लिहाज से दुर्गा मां का हाथी पर आना देश के लिए शुभ रहने वाला है.
किस वाहन पर होगा दुर्गा मां का प्रस्थान?
दुर्गा माता का प्रस्थान 20 अक्टूबर 2026 को होगा. इस दिन नवरात्रि का समापन हो रहा है और विजयदशमी भी मनाई जाएगी. धार्मिक मान्यता है कि इस साल शारदीय नवरात्रि का समापन मंगलवार को हो रहा है तो माता का प्रस्थान घोड़े पर होगा. इस वाहन का संबंध अशांति और बेचैनी से होता है. कहा जाता है कि इसका अर्थ होता है कि लोगों के मन में मानसिक तनाव और अस्थिरता बढ़ती है.
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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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