Responsive Scrollable Menu

मीडिया रिपोर्ट के आधार पर आदेश पारित नहीं कर सकते, CEC ज्ञानेश कुमार के निलंबन की मांग SC में खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को भारत के चुनाव आयोग (ECI) को उन फैसलों के रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश दिया, जिन्हें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेंद्र कुमार के अधिकारों के इस्तेमाल पर सवाल उठाने वाली याचिकाओं में चुनौती दी गई है। इन फैसलों में 'फॉर्म 6' में किए गए विवादित बदलाव भी शामिल हैं। कोर्ट ने कहा कि वह यह जांचना चाहता है कि क्या ये फैसले अकेले ज्ञानेंद्र कुमार ने लिए थे या चुनाव आयोग ने सर्वसम्मति से या बहुमत से इन्हें मंज़ूरी दी थी। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने कहा, "जब रिकॉर्ड पेश किया जाएगा, तो हम देखना चाहेंगे कि फॉर्म 6 में किसने बदलाव किया है। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) की अध्यक्षता वाली बेंच तीन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। इन याचिकाओं में CEC (मुख्य चुनाव आयुक्त) द्वारा 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (SIR) प्रक्रिया पर लिए गए उन फैसलों को चुनौती दी गई थी, जो कथित तौर पर अन्य दो चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना एकतरफा तरीके से लिए गए थे।

इसे भी पढ़ें: Election Commission के SIR पर SC Judge का सवाल: Article 326 का उल्लंघन बर्दाश्त के बाहर

कोर्ट में क्या हुआ?


याचिकाकर्ताओं  शैलेंद्र मणि त्रिपाठी, राकेश कुमार सिंह और सुधाकर सिंह की ओर से पेश हुए सीनियर वकील विकास सिंह ने तर्क दिया कि चुनाव आयोग एक बहु-सदस्यीय संस्था है और फैसले या तो सर्वसम्मति से या बहुमत से लिए जाने चाहिए। सिंह ने CEC को निलंबित करने के लिए एक अंतरिम आदेश की मांग की और कोर्ट से आग्रह किया कि जब तक मामला लंबित है, तब तक यह निर्देश दिया जाए कि फैसले सर्वसम्मति से या कम से कम बहुमत से लिए जाएं। हालांकि, CJI ने कहा कि ये आरोप समाचार रिपोर्टों पर आधारित थे। कोर्ट ने कहा, "हो सकता है कि यह पूरी तरह सही हो या आंशिक रूप से सही हो।

इसे भी पढ़ें: Rahul Gandhi ने MP के CM Mohan Yadav को लिखा पत्र, Teacher Recruitment में पद बढ़ाने की मांग की

सिंह ने कहा कि चुनाव आयोग ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से इन रिपोर्टों का खंडन नहीं किया है। कोर्ट ने कहा कि चुनाव आयोग के कामकाज को नियंत्रित करने के लिए पहले से ही एक कानून मौजूद है और उम्मीद जताई कि उसका पालन किया जा रहा है और आगे भी किया जाएगा। बेंच ने कहा कि हम याचिका पर नोटिस जारी कर रहे हैं और ECI तथा तीनों चुनाव आयुक्तों को जवाब देने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कोई भी तुरंत आदेश देने से इनकार कर दिया और कहा कि 10 दिनों से कोई खास फ़र्क नहीं पड़ेगा और अगर कुछ गलत पाया जाता है, तो उसे बाद में रद्द किया जा सकता है। कोर्ट ने कहा यह याचिका एक न्यूज़ रिपोर्ट पर आधारित है जो 100 प्रतिशत सही, आंशिक रूप से सही या गलत हो सकती है। हम न्यूज़ रिपोर्ट के आधार पर कोई आदेश नहीं दे सकते। सिंह ने चुनौती दिए गए फैसलों से जुड़े रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने के लिए भी निर्देश देने की मांग की, लेकिन कोर्ट ने इस अनुरोध पर कोई आदेश नहीं दिया। इस मामले की सुनवाई अगले हफ़्ते फिर से होगी।

Continue reading on the app

स्मार्टफोन के दौर में Nokia का 2G फोन क्यों? ₹1,999 वाला ये मॉडल क्या बताता है

Nokia 123 Shield ₹1,999 में उपलब्ध 2G फीचर फोन है. जानें इसकी IP65 रेटिंग, लंबी बैटरी और PhonePe UPI सपोर्ट जैसी खासियतें, जो इसे खास बनाती है.

The post स्मार्टफोन के दौर में Nokia का 2G फोन क्यों? ₹1,999 वाला ये मॉडल क्या बताता है appeared first on Prabhat Khabar.

Continue reading on the app

  Sports

IND vs URU: अनिरुद्ध थापा ने दोहराया 44 साल पुराना इतिहास, लेकिन उरुग्वे ने दागे 6 गोल, भारत को 1-6 से मिली करारी हार

Uruguay Beat India: इंटरनेशनल फ्रेंडली फुटबॉल मैच में भारत को उरुग्वे के खिलाफ 1-6 से हार का सामना करना पड़ा. इस मुकाबले में भारतीय मिडफील्डर अनिरुद्ध थापा ने एक यादगार गोल दागा. Tue, 06 Oct 2026 23:47:52 +0530

  Videos
See all

US death row inmate Christa Pike “conscious and talking” after surviving lethal injection | BBC News #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-06T22:28:30+00:00

Iran America War Update: ईरानी सेना को देख भागी ट्रंप की सेना? | Trump | Iran News | US Army | War #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-06T22:30:29+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers