रुई के फाहों से मखमली गद्दों तक, पाली में आज भी जिंदा है पिंजारा समाज का सदियों पुराना हुनर
पाली में पिंजारा समाज आज भी गद्दे बनाने की अपनी पारंपरिक कला को जिंदा रखे हुए है. फोम और ब्रांडेड गद्दों के बढ़ते चलन के बावजूद यहां कारीगर दशकों पुरानी मशीनों से रुई धुनते हैं और सुई-धागे की मदद से हाथों से खूबसूरत डिजाइन वाले गद्दे तैयार करते हैं. इंदौर से पाली आए परिवारों ने वर्षों पहले इस काम की शुरुआत की थी, जो धीरे-धीरे उनकी पहचान बन गया. इन गद्दों की मजबूती और मुलायमियत आज भी लोगों को पसंद आती है. हालांकि कड़ी मेहनत, कम मुनाफे और बदलती जीवनशैली के कारण नई पीढ़ी इस हुनर से दूर हो रही है.
घर के बाहर नेट से WPL तक का सफर, 10 साल की उम्र में शुरू किया क्रिकेट, गुजरात जायंट्स ने फिर जताया भरोसा
Jhunjhunu Cricket News: झुंझुनूं की 18 वर्षीय क्रिकेटर हैप्पी कुमारी खीचड़ को वीमेंस प्रीमियर लीग के आगामी सीजन-5 के लिए गुजरात जायंट्स ने अपनी टीम में बरकरार रखा है. उन्होंने 10 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया और कड़ी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया.
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