Iran US War: होर्मुज में अमेरिका के मिलिट्री एक्शन के लिए ईरान तैयार? जानें US से कैसे निपटेगा तेहरान
Iran US War: होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव जारी है. पिछले छह महीनों से जारी जंग को रोकने के लिए कई बार शांति वार्ता हुई, लेकिन अभी तक हुई बातचीत का कोई सटीक हल नहीं मिल पाया. इस बीच दोनों ही देश होर्मुज पर अपने-अपने कब्जे का दावा कर रहे हैं. ऐसे में ईरान ने कहा है कि वह अमेरिका से जंग में उतरने के लिए पूरी तरह से तैयार है. ऐसे में माना जा रहा है कि ईरान के ये आक्रामक तेवर उसके परमाणु हथियार हासिल करने की दिशा में मिली की बड़ी कामयाबी को दिखा रहे हैं. ऐसे में ये समझना जरूरी है कि आखिर ईरान इतना आक्रामक रुख कैसे अपना रहा है, क्योंकि वह परमाणु हथियार हासिल करने के करीब पहुंच गया है या इसके पीछे कोई और वजह है. पूरा मामला समझने के लिए देखें ये रिपोर्ट...
UPI पर आया Payment Request तो रहें सावधान! एक गलती से खाली हो सकता है बैंक अकाउंट
UPI Collect Request Fraud: भारत में डिजिटल लेन-देन ने आम आदमी की जिंदगी को बेहद आसान और तेज बना दिया है. चाय की दुकान से लेकर बड़े मॉल तक हर जगह लोग अपनी जेब से बटुआ निकालने के बजाय मोबाइल स्क्रीन पर अंगूठा चलाकर पलक झपकते ही भुगतान कर देते हैं. तकनीक की इस शानदार प्रगति ने नकद पैसे साथ रखने की मजबूरी को लगभग खत्म कर दिया है. हालांकि सिक्के का दूसरा पहलू यह भी है कि जैसे-जैसे आम लोगों की निर्भरता डिजिटल भुगतान पर बढ़ रही है, वैसे-वैसे शातिर ठगों ने भी लोगों की गाढ़ी कमाई लूटने के लिए नए और चालाक रास्ते तलाश लिए हैं. आजकल ऑनलाइन फ्रॉड का सबसे आम और खतरनाक जरिया बन गया है यूपीआई कलेक्ट रिक्वेस्ट का गलत इस्तेमाल. जालसाज लोगों के सीधेपन, तकनीकी समझ की कमी और लालच का फायदा उठाकर उनके बैंक खातों में सेंध लगा रहे हैं.
कलेक्ट रिक्वेस्ट के खेल को समझना है जरूरी
यूपीआई पेमेंट व्यवस्था में दो तरह के लेन-देन मुख्य रूप से होते हैं. पहला तरीका तब काम आता है जब आप किसी को पैसे भेजते हैं और दूसरा तरीका तब काम आता है जब सामने वाला व्यक्ति आपसे पैसे मांगता है. इसी दूसरे विकल्प को तकनीकी भाषा में कलेक्ट रिक्वेस्ट कहा जाता है. जब कोई व्यक्ति आपके यूपीआई आईडी पर कलेक्ट रिक्वेस्ट भेजता है, तो आपके मोबाइल स्क्रीन पर एक सूचना दिखाई देती है. इसमें साफ तौर पर लिखा होता है कि कोई आपसे एक निश्चित रकम मांग रहा है. जालसाज इसी बुनियादी व्यवस्था की आड़ में आम लोगों को भ्रमित करते हैं. वे फोन पर ऐसी मीठी बातें करते हैं जिससे यूजर को लगता है कि यह संदेश पैसे पाने के लिए आया है, जबकि असलियत में वह पैसे कटने का संदेश होता है.
पैसे पाने के लिए पिन की जरूरत कभी नहीं होती
डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने का सबसे पहला और सुनहरा नियम यह है कि किसी से भी पैसे प्राप्त करने के लिए आपको कभी अपना पिन दर्ज नहीं करना पड़ता. यह एक ऐसा बुनियादी नियम है जिसे हर डिजिटल उपभोक्ता को अपने दिमाग में बैठा लेना चाहिए. आपका चार या छह अंकों का गुप्त पिन केवल तभी काम आता है जब आपके बैंक खाते से रकम बाहर जा रही हो या फिर आप अपने खाते का बैलेंस देख रहे हों. अगर कोई व्यक्ति फोन पर आपसे यह दावा करता है कि वह आपके खाते में पैसे भेज रहा है और पैसे पाने के लिए आपको संदेश खोलकर अपना गुप्त कोड डालना होगा, तो समझ लीजिए कि वह सीधे तौर पर आपके साथ ठगी करने की कोशिश कर रहा है.
अनजान संदेशों और नोटिफिकेशन की पड़ताल करें
जब भी आपके मोबाइल स्क्रीन पर किसी अनजान नंबर या व्यक्ति की तरफ से कलेक्ट रिक्वेस्ट का संदेश आए, तो कभी भी हड़बड़ी में उसे खोलने या स्वीकार करने का काम न करें. ऐसे हर संदेश में स्पष्ट तौर पर रकम और यह जानकारी लिखी होती है कि वह पैसा आपके खाते में जमा होगा या फिर आपके खाते से कटेगा. जालसाज अक्सर खरीदार या लॉटरी अधिकारी बनकर लोगों को कॉल करते हैं और बातों-बातों में उलझाकर जल्दी बटन दबाने का दबाव बनाते हैं. अगर कोई आपको खाते में कैशबैक या इनाम का लालच देकर संदेश स्वीकार करने को कह रहा है, तो उस संदेश को तुरंत नकार देना ही सबसे समझदारी भरा कदम है.
ऑनलाइन सामान बेचने वालों पर रहता है बड़ा खतरा
आजकल इंटरनेट पर पुरानी गाड़ियां, फर्नीचर या मोबाइल बेचने वाले आम नागरिक इन जालसाजों के सबसे आसान शिकार बन रहे हैं. ठग खरीदार बनकर तुरंत सामान खरीदने की हामी भरते हैं और पेशगी रकम भेजने का झूठा नाटक करते हैं. इसके बाद वे विक्रेता को कलेक्ट रिक्वेस्ट भेजकर कहते हैं कि लिंक खोलकर अपना पिन डालिए ताकि पैसे आपके खाते में आ जाएं. विक्रेता खुशी और जल्दबाजी में बिना पढ़े पिन डाल देता है और पल भर में उसके अपने खाते से रकम साफ हो जाती है. किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ कारोबार करते समय हमेशा भुगतान सीधे अपने खाते में आने का इंतजार करें और कभी उनके कहे अनुसार कोई डिजिटल कदम न उठाएं.
खाते से पैसे कट जाएं तो तुरंत उठाएं यह कदम
अगर दुर्भाग्य से आप किसी चालाकी का शिकार हो जाते हैं और आपके खाते से अनचाही रकम कट जाती है, तो घबराने के बजाय फौरन कदम उठाना जरूरी है. सबसे पहले अपने बैंक के ग्राहक सेवा केंद्र पर फोन करके अपनी सारी डिजिटल सेवाएं और यूपीआई तुरंत बंद करवाएं ताकि ठग और पैसे न निकाल सकें. इसके बाद उसी पेमेंट ऐप पर जाकर उस संदिग्ध लेन-देन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराएं. इसके साथ ही भारत सरकार की राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर उन्नीस सौ तीस पर कॉल करके पूरी घटना की जानकारी दें. जितनी जल्दी आप शिकायत दर्ज कराएंगे, उतनी ही ज्यादा संभावना रहेगी कि पुलिस और बैंक मिलकर उस कटे हुए पैसे को जालसाज के खाते में जाने से पहले ही रोक सकें.
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