भारत का पाकिस्तान पर बड़ा एक्शन, राजदूत को 'हड़काया'... हिलाया पूरा इस्लामाबाद
पाकिस्तान फिर से बॉर्डर पर तनाव बढ़ाने के लिए लगातार कायराना हरकतों को अंजाम दे रहा है। हालांकि भारतीय सेना उसकी सारी कोशिशों पर पानी फेरते हुए मुंहतोड़ जवाब दे रही है। बीते दिनों की ही बात है जब भारतीय जवानों ने पाकिस्तान के दो घुसपैठियों को बॉर्डर पर ढेर कर दिया था। जिसके बाद से ही पाकिस्तान तिलमिलाया हुआ है। बॉर्डर पर बीएसएफ के एक्शन के बाद पाकिस्तान ने भारत के प्रभारी राजदूत को तलब कर बॉर्डर पर मारे गए दोनों घुसपैठियों को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया है और दावा किया है कि वह आम नागरिक थे। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी करके कहा कि बीएसएफ कर्मियों ने निहत्ते नागरिकों के खिलाफ बिना उकसावे के घातक बल का इस्तेमाल किया। बल का इस्तेमाल पूरी तरह अनुचित था। फिर क्या था? भारत के प्रभारी राजदूत को तलब करने को लेकर भारत के विदेश मंत्रालय ने बड़ा एक्शन लिया।
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भारत ने पाकिस्तान को बड़ी नसीहत भी दे डाली। दरअसल पाकिस्तान की ओर से भारतीय प्रभारी राजदूत को तलब किए जाने पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई है। भारत ने पाकिस्तान के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए सीमा पार घुसपैठ और ड्रग्स तस्करी पर प्रभावी कार्रवाई करने को कहा है। भारत का कहना है कि पाकिस्तान से सीमा पार अवैध घुसपैठ को लेकर बढ़ावा दिया जा रहा है। भारत ने 2 अक्टूबर को पंजाब के फिरोजपुर सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पार हुई घटना को लेकर लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। भारत ने बताया कि तीन लोग पाकिस्तान की तरफ से भारतीय सीमा के अंदर घुस आए थे। सीमा सुरक्षा बल यानी बीएसएफ ने उन्हें कई बार चेतावनी दी कि वह वापस पाकिस्तान लौट जाएं। इसके बावजूद वो लोग रुके नहीं और सीमा पर लगी बाढ़ की तरफ बढ़ते रहे। हालात को देखते हुए बीएसएफ को उन पर कारवाई करनी पड़ी क्योंकि वह सुरक्षा के लिए तुरंत खतरा बन चुके थे।
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भारत ने साफ कहा है कि कोई अकेली घटना नहीं है। यह इस बात का सबूत है कि पाकिस्तान से काम करने वाले हथियार बंद नशा तस्करों के गिरोह बार-बार सीमा पार आने की कोशिश करते हैं। भारत ने पाकिस्तान सरकार से मांग की है कि वो इन घुसपैठों और नशे की तस्करी की जांच कराएं। साथ ही पाकिस्तान के सीमा सुरक्षा बलों की मिलीभगत की भी जांच हो और इस पर जरूरी सुधार के कदम उठाए जाएं। यानी कि भारत ने एक तरफ घुसपैठ और नशा तस्करी पर पाकिस्तान को घेरा है तो दूसरी तरफ फिरोजपुर की घटना पर लगे आरोपों को गलत बताया है। पाकिस्तान को लग रहा था कि वो भारत के प्रभारी राजदूत को तलब करके बहुत बड़ा तीर मार देगा। लेकिन वो भूल गया था कि भारत भी सख्त एक्शन लेने से पीछे नहीं हटता है।
Imran Khan की रिहाई के लिए PTI के मार्च ने शहबाज-मुनीर को हिलाया, इस्लामाबाद के रास्ते बंद, धारा 144 लागू, 2000 कार्यकर्ता गिरफ्तार
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन एक बार फिर तेज़ हो गए हैं। उनकी पार्टी, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ (PTI) ने खैबर पख्तूनख्वा से इस्लामाबाद की ओर एक बड़ा मार्च शुरू किया है। यह मार्च सरकार और PTI के बीच बातचीत बेनतीजा रहने के बाद शुरू किया गया। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को राजधानी में घुसने से रोकने के लिए इस्लामाबाद में धारा 144 लागू कर दी है। PTI के नेतृत्व में यह मार्च अभी इस्लामाबाद की ओर बढ़ रहा है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या प्रदर्शनकारी राजधानी तक पहुँच पाएँगे या उन्हें रास्ते में ही रोक दिया जाएगा।
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बिना किसी समझौते के बातचीत के दो दौर खत्म
सरकार के बातचीत करने वालों और इमरान खान की पार्टी के नेताओं के बीच बातचीत का दूसरा दौर शनिवार शाम 4 बजे शुरू हुआ और रात भर चलता रहा। हालांकि, रविवार तड़के बातचीत खत्म हुई और दोनों पक्षों के बीच कोई समझौता नहीं हो सका।
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PTI का दावा: 2,000 कार्यकर्ता गिरफ्तार, सड़कें बंद
PTI समर्थकों ने खैबर पख्तूनख्वा के लक्की मरवत से लॉन्ग मार्च शुरू किया। रविवार, 4 अक्टूबर को बड़ी संख्या में पार्टी समर्थक गांधी चौक पर जमा हुए और वहां से मार्च में शामिल हुए। हजारों प्रदर्शनकारी अब लगभग 275 किलोमीटर दूर स्थित इस्लामाबाद की ओर बढ़ रहे हैं। PTI का दावा है कि मार्च को राजधानी तक पहुंचने से रोकने की सरकारी कोशिशों के दौरान उसके लगभग 2,000 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। इस बीच, पाकिस्तान की संसद और इस्लामाबाद के मुख्य हाईवे पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। प्रदर्शनकारियों के आने की तैयारी के तहत कई रास्तों को कंटेनरों का इस्तेमाल करके बंद कर दिया गया है।
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मार्च पहले 27 सितंबर को होना था
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने शुरू में घोषणा की थी कि वह 27 सितंबर को इस्लामाबाद की ओर मार्च करेगी। हालांकि, शहबाज शरीफ सरकार द्वारा प्रदर्शनों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाने के बाद पार्टी ने बाद में विरोध प्रदर्शन को 4 अक्टूबर तक के लिए टाल दिया। इन घटनाक्रमों से पाकिस्तान सरकार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी पड़ा है। PTI नेता जेल में इमरान खान से मिलने की अनुमति मांग रहे हैं। वे इमरान खान की जांच के लिए निजी डॉक्टर की अनुमति भी मांग रहे हैं।
इमरान खान के समर्थकों का काफिला कहाँ-कहाँ रुकेगा?
काफिले का तय रूट और रुकने की जगहें इस प्रकार हैं:
5 अक्टूबर: काफिला दोपहर 12:30 बजे करक से निकलेगा और रात में कोहाट के पास रुकेगा।
6 अक्टूबर: कोहाट, हंगू, कुर्रम और ओरकजई से प्रदर्शनकारी दोपहर में काफिले में शामिल होंगे। इसके बाद काफिला पेशावर की ओर बढ़ेगा और रात में मट्टानी के पास रुकेगा।
7 अक्टूबर: काफिला दोपहर में पेशावर के बुध बैर से निकलेगा। पेशावर के दूसरे इलाकों से लोग कोहाट रोड ब्रिज और मोटरवे टोल प्लाजा पर इसमें शामिल होंगे। इसके बाद काफिला रात में चारसड्डा इंटरचेंज के पास रुकेगा।
8 अक्टूबर: चारसड्डा और मोहमंद से लोग दोपहर 12:30 बजे काफिले में शामिल होंगे।
इमरान खान 2023 से जेल में हैं।
73 साल के पूर्व क्रिकेटर और राजनेता इमरान खान 2023 से जेल में हैं। उन पर भ्रष्टाचार और हिंसा भड़काने जैसे आरोपों सहित 100 से ज़्यादा मामले चल रहे हैं। इमरान खान अभी रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं। 18 अगस्त को पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि उन्हें जांच और इलाज के लिए इस्लामाबाद के एक प्राइवेट अस्पताल में भेजा जाए, क्योंकि उनकी सेहत को लेकर चिंताएं थीं, खासकर उनकी आंखों से जुड़ी समस्या के कारण।
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