रेलवे की बड़ी लापरवाही: बिना कोच BE2 के ही संबलपुर से रवाना हुई ट्रेन, यात्रियों में मचा हड़कंप
ईस्ट कोस्ट रेलवे (East Coast Railway) की एक गंभीर लापरवाही के कारण रविवार को दर्जनों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। संबलपुर स्टेशन से एक ट्रेन अपने निर्धारित कोच BE2 के बिना ही गंतव्य के लिए रवाना हो गई, जिससे प्लेटफॉर्म पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
इसे भी पढ़ें: Sushila Tiriya Passes Away | कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सुशीला तिरिया का निधन, ओडिशा ने खोया एक मुखर आदिवासी चेहरा
इसे भी पढ़ें: 68th Annual Grammy Awards | दलाई लामा को मिला पहला ग्रैमी, स्टीवन स्पीलबर्ग बने 'EGOT' और के-पॉप ने रचा इतिहास
इस घटना की पुष्टि करते हुए रेलवे ने एक बयान में कहा, “तकनीकी खराबी के कारण, एक आरक्षित कोच (बीई2) को ट्रेन संख्या 20809 से नहीं जोड़ा जा सका। प्रभावित यात्रियों को ट्रेन में मौजूद टीटीई ने अन्य कोच में उपलब्ध खाली बर्थ उपलब्ध कराई।” एक अधिकारी ने बताया कि यात्रियों को आरामदायक यात्रा की सुविधा देने के लिए बाद में विशाखापत्तनम स्टेशन पर एक नया कोच जोड़ा गया।
यात्रियों की यह परेशानी तब जाकर समाप्त हुई जब ट्रेन विशाखापत्तनम जंक्शन पहुँची। वहाँ रेलवे प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए एक अतिरिक्त एसी (AC) कोच जोड़ा, जिसके बाद यात्रियों को उनकी निर्धारित सीटें आवंटित की गईं।
Sushila Tiriya Passes Away | कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सुशीला तिरिया का निधन, ओडिशा ने खोया एक मुखर आदिवासी चेहरा
कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद सुशीला तिरिया का रविवार शाम एम्स भुवनेश्वर में इलाज के दौरान निधन हो गया। वह 70 वर्ष की थीं। तिरिया मयूरभंज लोकसभा सीट से दो बार सांसद चुनी गईं और दो बार राज्यसभा की सदस्य भी रहीं। परिजनों ने बताया कि तिरिया का फेफड़ों के संक्रमण को लेकर इलाज किया जा रहा था। कांग्रेस की ओडिशा इकाई के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने एक बयान में कहा, “मैं मयूरभंज की वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व राज्यसभा एवं लोकसभा सदस्य सुशीला तिरिया के निधन के बारे में जानकर बेहद दुखी हूं। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे।
इसे भी पढ़ें: इधर बजट पेश, उधर आई बड़ी खुशखबरी! IMF ने ग्लोबल ग्रोथ में भारत को US से रखा आगे, मस्क बोले- शक्ति का संतुलन बदल रहा है
सुशीला तिरिया का राजनीतिक सफर
सुशीला तिरिया ओडिशा की उन चुनिंदा नेताओं में से थीं, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई थी। उनका राजनीतिक करियर उपलब्धियों से भरा रहा:
संसद सदस्य (MP): वह राज्यसभा और लोकसभा दोनों सदनों की सदस्य रहीं। उन्होंने मयूरभंज लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था।
आदिवासी नेतृत्व: उन्हें ओडिशा में आदिवासियों और महिलाओं की एक मजबूत आवाज के रूप में जाना जाता था।
पार्टी के प्रति निष्ठा: तिरिया ने दशकों तक कांग्रेस पार्टी में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रहकर संगठन को मजबूती प्रदान की
इसे भी पढ़ें: T20 World Cup 2026 में खेलेगा पाकिस्तान, पर Colombo में Team India से भिड़ने से किया इनकार!
शोक की लहर
उनके निधन पर कांग्रेस के शीर्ष नेताओं सहित विभिन्न राजनीतिक दलों ने दुख व्यक्त किया है। नेताओं ने उन्हें एक ऐसी समर्पित राजनेता बताया जो हमेशा जमीन से जुड़ी रहीं और हाशिये पर मौजूद लोगों की लड़ाई लड़ती रहीं। "सुशीला तिरिया जी का निधन ओडिशा की राजनीति और कांग्रेस परिवार के लिए एक अपूरणीय क्षति है। आदिवासी उत्थान के लिए उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।" मयूरभंज और पूरे राज्य के लोगों के लिए वह केवल एक नेता नहीं बल्कि एक मार्गदर्शक थीं। उनका अंतिम संस्कार उनके पैतृक निवास पर किए जाने की संभावना है, जहाँ बड़ी संख्या में समर्थकों के जुटने की उम्मीद है।
Deeply saddened by the passing of Sushila Tiriya Ji, Former MP and ex CWC Member.
— Bhakta Charan Das (@BhaktaCharanDas) February 2, 2026
Her commitment to tribal welfare and social justice will be remembered. My heartfelt condolences to her family. I pray to Lord Jagannatha for her eternal peace. ???? pic.twitter.com/9qHzVWWnDv
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi





















