बार-बार चक्कर आना सिर्फ थकान नहीं, इन वजहों से भी घूम सकता है सिर
नई दिल्ली, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। अचानक उठते ही सिर हल्का लगना, चलते समय कदम लड़खड़ाना, या कुछ सेकेंड के लिए ऐसा महसूस होना जैसे पूरा कमरा घूम रहा है, चक्कर की अलग-अलग तरह की स्थिति हो सकती है। कई बार इसकी वजह शरीर में पानी की कमी, लंबे समय तक कुछ न खाना या अचानक ब्लड प्रेशर गिरना हो सकता है। हालांकि हर बार चक्कर को सिर्फ कमजोरी या थकान मान लेना सही नहीं है।
कुछ लोगों को चक्कर में ऐसा लगता है जैसे वे बेहोश होने वाले हैं या शरीर हल्का पड़ रहा है जबकि कुछ लोगों को अपने आसपास की चीजें घूमती हुई महसूस होती हैं। दूसरी तरह की स्थिति को आमतौर पर वर्टिगो कहा जाता है। इसके साथ जी मिचलाना, उल्टी, चलने में परेशानी या संतुलन बिगड़ना भी हो सकता है।
अगर लंबे समय तक बैठे या लेटे रहने के बाद अचानक खड़े होने पर आंखों के आगे अंधेरा छाने लगे, कमजोरी महसूस हो या सिर घूमे, तो इसका संबंध ब्लड प्रेशर में अचानक गिरावट से हो सकता है। इसे ऑर्थोस्टैटिक या पोस्टुरल हाइपोटेंशन कहा जाता है। शरीर की स्थिति बदलने पर कुछ समय के लिए ब्लड प्रेशर कम हो जाता है और इसी वजह से दिमाग तक रक्त का प्रवाह कुछ पल के लिए कम पड़ जाता है। ऐसे में डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
गर्मी में ज्यादा पसीना निकलना, उल्टी-दस्त होना, बुखार या पर्याप्त मात्रा में तरल न लेना शरीर में पानी की कमी पैदा करता है। डिहाइड्रेशन में प्यास लगने के अलावा थकान, मुंह सूखना, पेशाब कम होना या उसका रंग गहरा होना और चक्कर जैसी परेशानी होती है। अगर शरीर में पानी की कमी काफी बढ़ जाए तो स्थिति गंभीर भी हो सकती है। इसलिए लगातार चक्कर के साथ ऐसे संकेत दिखें तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
खासकर डायबिटीज की दवा या इंसुलिन लेने वाले लोगों में ब्लड शुगर बहुत कम होने पर चक्कर आते हैं। इसके साथ कंपकंपी, पसीना, भूख, कमजोरी, घबराहट या सोचने-समझने में परेशानी जैसे लक्षण भी हो सकते हैं। लंबे समय तक खाना न खाने या शरीर की जरूरत के मुकाबले कम कार्बोहाइड्रेट लेने से भी कुछ परिस्थितियों में ब्लड शुगर गिर सकता है। बार-बार ऐसा होने पर खुद से इलाज करने के बजाय डॉक्टर से कारण समझना जरूरी है।
एनीमिया में शरीर के ऊतकों तक ऑक्सीजन पहुंचाने की क्षमता प्रभावित होती है और इसके कारण थकान, कमजोरी, सिरदर्द और चक्कर जैसे लक्षण होते हैं। अगर चक्कर के साथ लगातार कमजोरी या बहुत ज्यादा थकान महसूस हो रही है तो खून की जांच करानी जरूरी है। इसके अलावा, माइग्रेन भी कुछ लोगों में चक्कर या वर्टिगो से जुड़ा हो सकता है।
अगर चक्कर के साथ बोलने में दिक्कत, अचानक नजर में बदलाव, डबल विजन, चेहरे या हाथ- पैर में कमजोरी या सुन्नपन, चलने में बहुत ज्यादा परेशानी, बेहोशी या अचानक तेज सिरदर्द हो, तो इसे मामूली चक्कर मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
--आईएएनएस
पीके/पीएम
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Rahu Gochar 2026: साल खत्म होने से पहले होगा राहु का महागोचर, 2027 में बदल जाएगी भाग्यशाली राशियों की किस्मत
Rahu Gochar 2026: वर्ष 2026 के अंत में ग्रहों की चाल में एक बड़ा बदलाव होने वाला है. इसका असर ज्योतिष के अनुसार, कई राशियों के जीवन पर देखने को मिलने वाला है. इस साल दिसंबर के महीने में छाया ग्रह राहु का महागोचर होने वाला है. 5 तारीख को राहु कुंभ राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करने वाले हैं. द्रिक पंचांग के अनुसार, छाया ग्रह की चाल और परिवर्तन सभी राशियों को अलग-अलग तरीके से प्रभावित करती है. राहु के गोचर से जातकों में महत्वाकांक्षा बढ़ती है, जीवन में अचानक बदलाव होता है और नए अवसर आते हैं.
मकर राशि में होगा राहु का गोचर
ज्योतिषाचार्य हरीगोपाल शर्मा के अनुसार, मकर राशि के स्वामी शनि ग्रह माने जाते हैं. शनि ग्रह को न्याय, कर्म, अनुशासन, पद-प्रतिष्ठा और करियर से संबंधित ग्रह माना जाता है. ऐसे में मकर राशि में राहु का प्रवेश कई लोगों के करियर पर असर डालने वाला है. आपकी महत्वाकांक्षाओं के स्तर में भी बदलाव होगा. खासतौर पर मेष, सिंह और मीन राशि के जातकों के लिए यह गोचर लाभकारी साबित होने वाला है.
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कब होगा राहु का गोचर?
राहु का महागोचर 5 दिसंबर 2026 को होने वाला है. राहु सामान्य ग्रहों की गति की तरह तेजी से राशि परिवर्तन नहीं करता है. इस ग्रह को एक राशि से दूसरे में प्रवेश करने में कम से कम डेढ़ साल का समय लगता है. 2026 में राहु काफी लंबे समय के लिए कुंभ राशि में था और अब दिसंबर में मकर राशि में जाएंगे. मकर राशि में राहु के इस गोचर से जातकों को अधिकार प्राप्त होंगे, करियर में ग्रोथ होगी, आर्थिक उपलब्धियों में बढ़ोतरी होगी और पद-प्रतिष्ठा में विस्तार होगा. ज्योतिषीय दृष्टि से यह बेहद खास रहने वाला है.
इन 3 राशियों को होगा राहु के गोचर से लाभ
1.मेष राशि
मेष राशि के जातकों को राहु का मकर राशि में प्रवेश होने पर करियर में बदलाव देखने को मिलेगा. कामकाज के लिहाज से इन्हें अचानक बढ़िया अवसर मिलेंगे, जिनकी उम्मीद इन लोगों ने शायद नहीं की थी. नौकरी करने वाले लोगों को नई जिम्मेदारियां मिलेंगी और प्रमोशन भी होगा. ये लोग किसी नए प्रोजेक्ट पर काम करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी भी उन्हीं की होगी. आपके पास बेहतर विकल्प भी आएंगे. नए ऑफर्स आएंगे लेकिन उन्हें एक्सेप्ट करने से पूर्व जांच करना न भूलें. कारोबारियों को भी नई रणनीति बनानी चाहिए ताकि बड़े लोगों के साथ संपर्क बन सके. राहु की स्थिति इन लोगों की इच्छाशक्ति को मजबूत बनाएगी. अतिरिक्त कमाई के भी विकल्प मिलने वाले हैं.
2.सिंह राशि
सिंह राशि वाले लोगों को भी राहु के गोचर से अच्छे अवसर मिलने वाले हैं. इन्हें प्रतियोगिता और चुनौतियों से निपटने में क्षमता मिलेगी. कार्यक्षेत्र में विरोधियों से भी प्रतिस्पर्धा करनी पड़ेगी. मगर आप अपनी रणनीति और मेहनत के दम पर आगे निकल सकते हैं. राहु के कुछ भावों में गोचर को ज्योतिषीय परंपरा में संघर्षों पर काबू पाने के लिए अनुकूल माना जाता है. नौकरीपेशा लोगों को अपने काम में नई जिम्मेदारियां उठानी पड़ेंगी. लंबे समय से प्रमोशन का वेट कर रहे लोगों को भी नया पद प्राप्त होगा. परिस्थितियां आपके पक्ष में आएंगी. बिजनेस करने वाले सिंह राशि के जातकों के पास नए ग्राहक पहुंचेंगे. पुराने तरीकों से हटकर काम करना आपको आगे बढ़ाएगा. डिजिटल या ऑनलाइन मार्केटिंग का काम कर रहे हैं, तो आपके लिए भी समय बेहतर है.
3.मीन राशि
मीन राशि के जातकों को भी राहु के गोचर से आर्थिक शक्ति प्राप्त होगी. ज्योतिषीय गणना में मीन राशि के लोगों को लाभ और आय से जुड़े क्षेत्रों में सक्रियता बढ़ती दिखेगी. इस अवधि में कमाई बढ़ाने के भी नए अवसर प्राप्त होंगे. नौकरी करने वाले जातकों की सैलरी इंक्रीज हो सकती है. अतिरिक्त कमाई करने के भी विकल्प मिलने वाले हैं. लंबे समय से अटका हुआ आर्थिक लाभ भी मिलने की उम्मीद बन सकती है. मीन राशि के लोगों के लिए नेटवर्क और संपर्क इस दौरान काफी महत्वपूर्ण रहने वाले हैं. किसी पुराने दोस्त, सहकर्मी और कारोबारी संपर्क के जरिए अवसर मिल सकते हैं. जो लोग अपना बिजनेस कर रहे हैं, उन्हें नया प्रोजेक्ट भी मिल सकता है.
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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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