उत्तराखंड: रेजिडेंट डॉक्टरों के मानदेय में हुई वृद्धि, कैबिनेट ने दी मंजूरी, जानें खाते में कितनी बढ़कर मिलेगी सैलरी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में रविवार, 4 अक्टूबर को अहम कैबिनेट बैठक हुई, जिसमें कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक में कुल 24 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सबसे अहम कैबिनेट ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीनियर रेजिडेंट, जूनियर रेजिडेंट और डेमोन्स्ट्रेटर के पदों पर कर्मचारियों की कमी को देखते हुए देय वेतन और मानदेय के दोबारा निर्धारण को मंजूरी दी।
कैबिनेट के फैसले के अनुसार, पहाड़ी क्षेत्रों में सीनियर रेजीडेंट डॉक्टरों को 90 हजार की जगह अब 1.10 लाख रुपये मासिक वेतन मिलेगा। मैदानी क्षेत्रों के अस्पतालों में सीनियर रेजीडेंट को 84 हजार की जगह 1.05 लाख रुपये वेतन मिलेगा। पर्वतीय क्षेत्रों के जूनियर रेजीडेंट डॉक्टरों का वेतन 76 हजार से बढ़ाकर 85 हजार रुपये और मैदानी क्षेत्रों वालों का 71 हजार से बढ़ाकर 80 हजार रुपये मासिक किया गया है।
पर्वतीय क्षेत्रों में डिमॉन्स्ट्रेटर को 76 हजार की जगह 85 हजार और मैदानी क्षेत्रों में 71 हजार की जगह 80 हजार रुपये मासिक वेतन मिलेगा। बता दें कि वर्तमान में प्रदेश के कॉलेजों में 251 जूनियर रेजिडेंट, 134 डेमोंस्ट्रेटर और 246 सीनियर रेजिडेंट कार्यरत हैं।
खास बात ये है कि पहाड़ी क्षेत्रों में कार्यरत डॉक्टरों के मानदेय में मैदानी क्षेत्रों की तुलना में अधिक वृद्धि की गई है, ताकि पर्वतीय क्षेत्रों में सेवा के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में वर्तमान में 251 जूनियर रेजिडेंट, 134 डेमोंस्ट्रेटर और 246 सीनियर रेजिडेंट कार्यरत हैं।
बता दें कि पिछले महीने हुई कैबिनेट बैठक में सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस इंटर्नस के मानदेय को 8000 रुपए प्रतिमाह बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी। इसके तहत एमबीबीएस इंटर्नस का मानदेय 17000 रुपए प्रतिमाह से बढ़ाकर 25000 रुपए किया गया था।
कर्मचारियों को लेकर ये भी हुए निर्णय
कैबिनेट बैठक में उत्तराखंड राज्य कर्मचारियों की आचरण (संशोधन) नियमावली, 2026 को मंजूरी दी गई है। इसके तहत ग्रुप ए, बी और ग्रुप सी कर्मचारियों के लिए अपनी संपत्ति का विवरण प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी के अधिकारियों को ग्रुप बी पदों पर नियुक्त करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इस निर्णय से योग्य अधिकारियों को निर्धारित पदों पर नियुक्ति का एक व्यवस्थित अवसर मिलने की उम्मीद है।
भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट बनबसा, चंपावत में पहली बार आयोजित कैबिनेट बैठक में प्रदेश के समग्र विकास और जनहित से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
ये निर्णय प्रदेश के विकास को नई गति देने और जनकल्याण को और सशक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) October 4, 2026
नरसिंहपुर SBI शाखा में टिफिन कम आने पर भड़का गार्ड, चलाई गोली, पुलिस ने पकड़ा
नरसिंहपुर में रविवार की रात अचानक अफरा तफरी का माहौल देखने को मिला। दरअसल यहां रात करीब 9 बजे एसबीआई की एसीबी शाखा में विवाद होने के बाद फायरिंग हो गई। यह पूरा विवाद टिफिन कम आने को लेकर हुआ।
दरअसल, बैंक शाखा में फर्नीचर का काम चल रहा है। ऐसे में यहां टिफिन आ रहा है। टिफिन संचालक विपिन नेमा यहां अपने दो बच्चों के साथ गार्ड और मजदूरों के साथ टिफिन लेकर आए थे। इसी दौरान हुए विवाद में गार्ड ने गोली चला दी।
गार्ड ने चलाई गोली
जब टिफिन सेंटर संचालक मौके पर पहुंचे तो एक टिफिन कम आने पर गार्ड राजकुमार को गुस्सा आ गया। उसने इस बात को लेकर विपिन से बहस करना शुरू कर दी। बातों ही बातों में जब विवाद बढ़ गया तो गार्ड ने अपनी बंदूक से फायरिंग कर दी। गोली की आवाज सुनकर बैंक में मौजूद लोगों के बीच अफरा तफरी मच गई। सभी ने इधर उधर छुपकर अपनी जान बचाई।
पुलिस की हिरासत में गार्ड
जैसे ही ये घटना हुई तुरंत कोतवाली पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद गार्ड को पकड़कर बंदूक जब्त कर ली गई। कोतवाली थाने में उससे पूछताछ की जा रही है। फायरिंग का असली कारण क्या है इसकी जांच पड़ताल चल रही है। बैंक में मौजूद लोगों के बयान दर्ज किए गए। ये पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ऐसी कौन सी परिस्थिति थी जिस वजह से फायरिंग की गई।
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