जरूरत की खबर- क्या फ्रोजन मटर खाना अच्छा है?:न्यूट्रिशनिस्ट से जानें यूज करने का सही तरीका, खरीदते हुए बरतें ये 6 सावधानियां
फ्रोजन मटर साल के बारहों महीने आसानी से मिलती है। इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसे न छीलने का झंझट होता है और न ही साफ करने की जरूरत। इससे समय और मेहनत दोनों की बचत होती है। अपनी इसी 'रेडी-टू-यूज' खासियत के कारण फ्रोजन मटर आज डेली कुकिंग का एक जरूरी हिस्सा बन चुकी है। हालांकि इसे लेकर अक्सर लोगों के मन में कई तरह के सवाल आते हैं कि क्या यह फ्रेश मटर जितनी ही फायदेमंद है? क्या फ्रीज करने की प्रक्रिया में इसके पोषक तत्व सुरक्षित रहते हैं? कहीं ये भी प्रोसेस्ड फूड की कैटेगरी में तो नहीं आती है? चलिए, आज ‘जरूरत की खबर’ में हम फ्रोजन मटर के बारे में विस्तार से बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- फ्रोजन मटर इस्तेमाल करने का सही तरीका क्या है? बाजार से खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? एक्सपर्ट: डॉ. अनु अग्रवाल, न्यूट्रिशनिस्ट और ‘वनडाइटटुडे’ की फाउंडर सवाल- फ्रोजन मटर कैसे तैयार की जाती है? जवाब- इसे ताजी हरी मटर से ही तैयार किया जाता है। सबसे पहले मटर को छीलकर अच्छी तरह साफ किया जाता है। फिर इसे धोकर उबलते पानी में डाला जाता है, जिसे ब्लांचिंग कहते हैं। इससे मटर का स्वाद और पोषक तत्व दोनों सुरक्षित रहते हैं। ठंडा होने पर मटर को फ्रीज कर दिया जाता है। यह प्रक्रिया मटर को लंबे समय तक ताजा और सुरक्षित बनाए रखती है। सवाल- मटर को फ्रीज क्यों किया जाता है? इसके क्या फायदे हैं? जवाब- इससे उसकी ताजगी, स्वाद और पोषक तत्व लंबे समय तक सुरक्षित रहते हैं। फ्रीज करने से मटर खराब नहीं होती है। उसे महीनों तक इस्तेमाल किया जा सकता है। साथ ही कुकिंग आसान और तेज होती है। सवाल- क्या फ्रोजन मटर में प्रिजर्वेटिव्स मिलाए जाते हैं? जवाब- नहीं, अच्छी क्वालिटी की फ्रोजन मटर में आमतौर पर कोई प्रिजर्वेटिव नहीं मिलाया जाता है। फ्रीजिंग की प्रक्रिया ही मटर को सुरक्षित रखने का आसान तरीका है। फिर भी खरीदते समय पैकेट पर इंग्रीडिएंट लिस्ट एक बार जरूर देखें। सवाल- क्या फ्रोजन मटर और फ्रेश मटर के पोषक तत्व एकसमान होते हैं? जवाब- डॉ. अनु अग्रवाल बताती हैं कि दोनों के पोषक तत्व लगभग एकसमान होते हैं। दिसंबर, 2014 में ‘जर्नल ऑफ एग्रीकल्चर एंड फूड केमिस्ट्री’ में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, फ्रोजन सब्जियों में ताजी सब्जियों के समान ही विटामिन-मिनरल्स होते हैं। नीचे दिए ग्राफिक से 100 ग्राम फ्रेश मटर और फ्रोजन मटर की न्यूट्रिशनल वैल्यू समझिए- सवाल- क्या फ्रोजन मटर सेहत के लिए सुरक्षित है? जवाब- हां, फ्रोजन मटर सेहत के लिए सुरक्षित है। सही तरीके से स्टोर और इस्तेमाल की गई फ्रोजन मटर में पोषक तत्व बने रहते हैं। यह फ्रेश मटर की तरह ही पौष्टिक और फायदेमंद होती है। नीचे दिए ग्राफिक से मटर के हेल्थ बेनिफिट्स समझिए- सवाल- फ्रोजन और फ्रेश मटर में से कौन सी ज्यादा हेल्दी है? जवाब- स्वाद के मामले में फ्रेश मटर थोड़ी बेहतर लगती है। इसकी मिठास ज्यादा नेचुरल होती है। लेकिन अगर बात पोषण की करें तो फ्रोजन मटर किसी भी तरह से कम नहीं है। सवाल- क्या फ्रोजन मटर खाने के कोई नुकसान भी हैं? जवाब- फ्रोजन मटर आमतौर पर सुरक्षित होती है। लेकिन कुछ लोगों को इसके हल्के नुकसान हो सकते हैं। जैसेकि- सवाल- फ्रोजन मटर यूज करने का सही तरीका क्या है? जवाब- फ्रोजन मटर को सही तरीके से इस्तेमाल करने पर उसका स्वाद और पोषण दोनों बने रहते हैं। नीचे दिए ग्राफिक से इसका सही तरीका समझिए- सवाल- फ्रोजन मटर खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? जवाब- अच्छी फ्रोजन मटर खरीदने के लिए कुछ बेसिक बातों का ध्यान रखना जरूरी है। इसे नीचे ग्राफिक से समझिए- सवाल- क्या फ्रोजन मटर बच्चों और बुजुर्गों के लिए सुरक्षित है? जवाब- हां, फ्रोजन मटर बच्चों और बुजुर्गों के लिए सुरक्षित है। बशर्ते यह अच्छी क्वालिटी की हो और इसे सही तरीके से पकाया गया हो। सवाल- किन लोगों को फ्रोजन मटर नहीं खाना चाहिए? जवाब- कुछ लोगों को फ्रोजन मटर खाने से समस्या हो सकती है। इसलिए उन्हें इससे बचना चाहिए। जैसेकि- ……………………. जरूरत की ये खबर भी पढ़िए जरूरत की खबर- शकरकंद में रोडामाइन-बी की मिलावट: FSSAI ने बताया शुद्धता की जांच कैसे करें, चमकदार नहीं, मिट्टी वाला ही खरीदें मिलावटखोर बाजार में मिलने वाली गुलाबी या गहरे बैंगनी रंग की शकरकंद को ज्यादा ताजा, चमकदार और आकर्षक दिखाने के लिए केमिकल रंगों का इस्तेमाल करते हैं। ये सिंथेटिक कलर शरीर के लिए बहुत नुकसानदायक हैं। पूरी खबर पढ़िए…
भारत-EU डील से पाकिस्तान में 1 करोड़ नौकरी खतरे में:पाकिस्तानी नेता बोले- हमारा जीरो-टैरिफ हनीमून खत्म, अरबों डॉलर के नुकसान का खतरा
भारत और यूरोपियन यूनियन (EU) के फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) से पाकिस्तान में 1 नौकरियां खतरे में हैं। उसे अरबों डॉलर के नुकसान का भी डर है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान ने इस समझौते को लेकर गुरुवार को कहा कि वह EU के अधिकारियों के संपर्क में है। वो ये समझने की कोशिश कर रहा है कि भारत-EU FTA का उसके निर्यात पर क्या असर पड़ेगा। वहीं, पाकिस्तान के पूर्व वाणिज्य मंत्री गोहर एजाज ने सोशल मीडिया पर लिखा- EU के साथ पाकिस्तान का 'जीरो-टैरिफ हनीमून' खत्म हो गया है और करीब एक करोड़ नौकरियां खतरे में हैं। सरकार उद्योगों को सस्ती बिजली, कम टैक्स और आसान कर्ज दे, ताकि वे दूसरे देशों की इंडस्ट्री से मुकाबला कर सकें। भारत और (EU) ने 27 जनवरी को FTA पर साइन किए थे। इस समझौते से दो ऐसी अर्थव्यवस्थाएं एक साथ आई हैं, जो दुनिया की लगभग एक-चौथाई आबादी, 25% ग्लोबल GDP और करीब 2 अरब लोगों का साझा मार्केट बनाती हैं। यूरोपीय मार्केट में पाकिस्तान की बढ़त खत्म होने का खतरा पाकिस्तान इस डील से परेशान इसलिए है क्योंकि लंबे समय से उसे यूरोपीय मार्केट में भारत पर बढ़त हासिल थी। इसकी वजह EU की GSP प्लस योजना थी। इस योजना के तहत पाकिस्तान को अपने करीब 66% उत्पादों को बिना टैक्स के यूरोप भेजने की सुविधा मिली हुई थी। इसमें कपड़ा और रेडीमेड कपड़े जैसे सामान शामिल थे। वहीं भारत को ऐसे ही सामान पर 9 से 12% तक टैक्स देना पड़ता था। इसके बावजूद पाकिस्तान का टेक्सटाइल एक्सपोर्ट 6.2 अरब डॉलर रहा, जबकि भारत का टेक्सटाइल एक्सपोर्ट 5.6 अरब डॉलर का था। अब भारत और EU के बीच हुआ यह फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, जिसे 'मदर ऑफ ऑल डील्स' कहा जा रहा है, भारत को यूरोप में बिना टैक्स के बड़ा बाजार देता है। इससे पाकिस्तान की वह बढ़त लगभग खत्म हो जाती है। इसके साथ ही पाकिस्तान की GSP प्लस सुविधा, जो उसे 2014 में मिली थी, दिसंबर 2027 में खत्म होने वाली है। अगर इसे आगे नहीं बढ़ाया गया, तो पाकिस्तान को यूरोप में मिलने वाली यह खास व्यापार सुविधा पूरी तरह खत्म हो सकती है। EU पाकिस्तान का सबसे बड़ा एक्सपोर्ट मार्केट EU पाकिस्तान का सबसे बड़ा एक्सपोर्ट मार्केट है। ऐसे में पाकिस्तान के कारोबारी वर्ग को डर है कि इस समझौते के बाद वह यूरोपीय बाजार में अपनी पकड़ खो सकता है और दूसरे देशों से मुकाबला और कठिन हो जाएगा। ऑल पाकिस्तान टेक्सटाइल मिल्स एसोसिएशन के प्रमुख कामरान अरशद ने कहा कि भारत अब यूरोपीय बाजार में काफी ज्यादा प्रतिस्पर्धी हो गया है। कई सेक्टर्स में पाकिस्तान की GSP प्लस बढ़त खत्म हो चुकी है। FPCCI के उपाध्यक्ष साकिब फैयाज मगून ने कहा कि जैसे ही भारत को EU में बिना टैक्स के पहुंच मिलेगी, पाकिस्तान की बढ़त खत्म हो जाएगी और उसके निर्यात को भारी नुकसान हो सकता है। उन्होंने कहा कि एक बार बाजार हाथ से निकल गया, तो उसे वापस पाना बहुत मुश्किल होता है। पाकिस्तान बोला- GSP प्लस योजना EU के लिए भी फायदेमंद पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा कि GSP प्लस योजना पाकिस्तान और EU दोनों के लिए फायदेमंद रही है। इसके जरिए यूरोप को सस्ते कपड़े और रेडीमेड सामान की लगातार आपूर्ति मिलती रही है। उन्होंने बताया कि जीएसपी प्लस का मुद्दा पिछले साल हुई रणनीतिक बातचीत में उठा था और इसके बाद EU और उसके सदस्य देशों के साथ कई बैठकों में इस पर चर्चा हुई है। पाकिस्तान इस मामले को ब्रसेल्स स्थित EU के मुख्यालय और अलग-अलग सदस्य देशों के साथ लगातार उठा रहा है। इस समझौते के लागू होने के बाद भारत के करीब 95% लेबर बेस्ड प्रोडक्ट्स को EU में बिना टैक्स के पहुंच मिलेगी। वहीं यूरोप से भारत आने वाली लग्ज़री कारें और वाइन भी सस्ती हो जाएंगी। भारत-यूरोपियन यूनियन में 18 साल बाद ट्रेड डील भारत और यूरोपियन यूनियन (EU) के बीच 18 साल की लंबी बातचीत के बाद 27 जनवरी को FTA हुआ। भारत और यूरोपियन यूनियन के नेताओं ने मंगलवार को 16वें भारत-EU समिट के दौरान इसका ऐलान किया। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक इस समझौते को 2027 में लागू किए जाने की संभावना है। इस डील के बाद भारत में इम्पोर्ट होने वाली यूरोपीय कारें जैसे कि BMW, मर्सिडीज पर लगने वाले टैक्स को 110% से घटाकर 10% कर दिया जाएगा। इसके अलावा भारत में यूरोप से आने वाली शराब और वाइन पर टैक्स कम हो सकता है। यूरोपीय देशों की शराब पर अभी 150% टैरिफ लगता है। इसे घटाकर 20–30% किया जाएगा। पढ़ें पूरी खबर… मर्सिडीज-BMW की इम्पोर्टेड कारें भारत में सस्ती होंगी भारत में अब यूरोप से इम्पोर्ट होने वाली कारें सस्ती हो जाएंगी। भारत सरकार ने यूरोप से आने वाली कारों पर लगने वाले इम्पोर्ट ड्यूटी को 110% से घटाकर 10% कर दिया है। हालांकि, सरकार ने इसके लिए 2.5 लाख गाड़ियों की सालाना लिमिट तय की है। ये फैसला भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का हिस्सा है। हालांकि भारत में मर्सिडीज बेंज और BMW की ज्यादातर पॉपुलर कारें पहले से ही लोकल असेंबली के जरिए बनती हैं। यानी पार्ट्स इम्पोर्ट करके यहां जोड़कर बनाई जाती हैं। इन पर इम्पोर्ट ड्यूटी केवल 15-16.5% तक लगती है, इसलिए EU के साथ FTA होने से इनकी कीमत में कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा। पढ़ें पूरी खबर…
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