ओडिशा के जाजपुर में BJD पदयात्रा पर हमला, पूर्व विधायक ने दर्ज कराई शिकायत
भुवनेश्वर/जाजपुर, चार अक्टूबर बीजू जनता दल (बीजद) नेता प्रणब बलबंतराय ने रविवार को आरोप लगाया कि ओडिशा के जाजपुर जिले में पार्टी की ‘जन संपर्क पदयात्रा’ के दौरान सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़े और धर्मशाला के निर्दलीय विधायक हिमांशु शेखर साहू के समर्थक हथियारबंद लोगों के एक समूह ने उन पर और उनके समर्थकों पर हमला किया तथा उनके वाहनों में तोड़फोड़ की। बीजद अध्यक्ष और ओडिशा विधानसभा में विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने इस घटना की कड़ी निंदा की। यह घटना दोपहर करीब तीन बजे जेनापुर थाना क्षेत्र के मधुपुरगढ़ ग्राम पंचायत में हुई, जब बलबंतराय पदयात्रा का नेतृत्व कर रहे थे।
दो बार विधायक रह चुके बलबंतराय ने पत्रकारों से कहा, “तलवार, कुल्हाड़ी और अन्य हथियार लिए करीब 40-50 लोगों ने मुझे और बीजद के अन्य नेताओं को गंभीर चोट पहुंचाने के इरादे से हमला किया। हमले में तीन वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया।” उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटना पुलिस की मौजूदगी में हुई। बाद में बलबंतराय ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।
जाजपुर के पुलिस अधीक्षक यश प्रताप श्रीमाल ने कहा कि अभी तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। साहू से प्रतिक्रिया के लिए फिलहाल संपर्क नहीं हो सका है, जबकि भाजपा की जाजपुर जिला अध्यक्ष देबजानी प्रधान ने आरोपों को खारिज कर दिया।
Congress नेता Aradhana Mishra का UP सरकार पर आरोप, राज्य में महिलाएं और बच्चियां असुरक्षित
लखनऊ, चार अक्टूबर उत्तर प्रदेश कांग्रेस की अध्यक्ष आराधना मिश्रा ने प्रदेश में महिलाओं और नाबालिग लड़कियों के खिलाफ कथित अपराधों को लेकर रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि राज्य महिलाओं के लिए सर्वाधिक असुरक्षित प्रदेश बन गया है। मिश्रा ने एक बयान में दावा किया कि पिछले एक सप्ताह में बुलंदशहर, बस्ती, बांदा, सोनभद्र, कौशाम्बी, ललितपुर, मुजफ्फरनगर, गोरखपुर, मेरठ, प्रयागराज और लखनऊ में नाबालिगों से दुष्कर्म, सामूहिक दुष्कर्म और अपहरण के कई मामले सामने आए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने सोनभद्र में 14 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता की प्रसव के दौरान मौत होने का उल्लेख करते हुए कहा कि यह घटना नाबालिगों के खिलाफ अपराध के गंभीर परिणामों को दर्शाती है।
उन्होंने ललितपुर में पांच वर्षीय बच्ची और प्रयागराज में 10 वर्षीय लड़की से दुष्कर्म के आरोपों का भी जिक्र किया। आराधना ने कहा कि सवाल केवल इन घटनाओं का नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था का है। उनके मुताबिक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश में एक वर्ष में महिलाओं के खिलाफ अपराध के 66,381 मामले दर्ज हुए, यानी रोजाना औसतन करीब 182 मामले।
उन्होंने कहा कि इसी अवधि में दुष्कर्म के 3,516 और हत्या के 3,206 मामले दर्ज किए गए। मिश्रा ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने भी 30 सितंबर को एक आपराधिक मामले की जांच में उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यशैली पर कड़ी नाराजगी जताई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि अदालत की टिप्पणियों के बावजूद प्रदेश सरकार की कार्यशैली में कोई बदलाव नहीं आया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल किया, जब स्कूल से घर लौटती बच्चियां, पांच और 10 साल की बच्चियां तथा नाबालिग छात्राएं सुरक्षित नहीं हैं, तो सरकार हाथ पर हाथ रखकर क्यों बैठी है? मिश्रा ने कहा कि बेटियां डर में नहीं, सम्मान और सुरक्षा के साथ जीना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि जो सरकार बेटियों को स्कूल, सड़क और घर में सुरक्षा नहीं दे सकती, उसे जनता सत्ता से हटा देगी।
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