बजट तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए जनता की आकांक्षाओं को दर्शाता है: चंद्रबाबू नायडू
अमरावती, 1 फरवरी (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने केंद्रीय बजट का स्वागत करते हुए इसे संतुलित और दूरदर्शी बताया।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश किया गया बजट 2026-27 तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए जनता की आकांक्षाओं को दर्शाता है।
चंद्रबाबू नायडू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री सीतारमण को बधाई दी।
कुप्पम में मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि यह बजट भारत को 2047 तक एक विकसित अर्थव्यवस्था बनने में मदद करेगा।
टीडीपी अध्यक्ष का मानना है कि यह बजट आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त करने और लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को मजबूत करने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि बजट में महिलाओं, किसानों और युवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि यह बजट राज्य सरकार को उन मुद्दों पर और अधिक सक्रिय रूप से कार्य करने में मदद करेगा, जिन पर वह ध्यान केंद्रित कर रही है।
उन्होंने कहा कि यह बजट राज्य द्वारा कार्यान्वित की जा रही ईज ऑफ डूइंग बिजनेस नीति को और अधिक समर्थन देगा। राज्य सरकार पहले ही एमएसएमई पर काफी ध्यान केंद्रित कर चुकी है, और उन्हें और मजबूत करने का अवसर है।
बजट को दिशा और गति प्रदान करने वाला बताते हुए उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह एआई सहित विभिन्न प्रौद्योगिकियों और अगले स्तर के सुधारों को आवश्यक बढ़ावा देगा।
उन्होंने यह भी कहा कि बजट नवीकरणीय ऊर्जा और एक ग्रिड राष्ट्र पर केंद्रित है। चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि इसे अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक लक्ष्यों के अनुरूप तैयार किया गया है। यह जीवन स्तर में सुधार और जीवन को सुगम बनाने में योगदान देगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हैदराबाद-बेंगलुरु और हैदराबाद-चेन्नई हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से राज्य को लाभ होगा। तिरुपति और अमरावती भी हाई-स्पीड कॉरिडोर से जुड़ेंगे।
बेंगलुरु-चेन्नई हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पलमनेर, चित्तूर और अन्य क्षेत्रों को कवर करेगा। ये तीनों हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर आंध्र प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों को जोड़ेंगे और हैदराबाद, अमरावती, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे शहरों को आपस में मिलाएंगे।
उन्होंने बताया कि आंध्र प्रदेश को स्पेशल रेयर अर्थ कॉरिडोर में भी शामिल किया गया है। इससे बहुमूल्य भारी खनिजों के खनन और महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक्स के निर्माण में उनके उपयोग का अवसर मिलेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि आईएसएम 2.0 के तहत सेमीकंडक्टर के लिए 40,000 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। कपड़ा क्षेत्र को भी बढ़ावा दिया गया है, जिससे आंध्र प्रदेश को काफी लाभ होगा।
--आईएएनएस
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डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
नशे की लत पाकिस्तान की सामाजिक-आर्थिक संरचना को लगातार कमजोर कर रही है: रिपोर्ट
इस्लामाबाद, 1 फरवरी (आईएएनएस)। नशे की लत पाकिस्तान की सामाजिक और आर्थिक संरचना को लगातार कमजोर कर रही है और यह देश के सामने सबसे बड़े चुनौतियों में से एक बनती जा रही है।
संयुक्त राष्ट्र के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, पाकिस्तान में लगभग 67 लाख लोग नियंत्रित ड्रग्स का सेवन करते हैं, जिसमें सबसे अधिक इस्तेमाल की जाने वाली दवा कैनबिस है, जबकि हेरोइन की लत से देश में सैकड़ों हजार लोग प्रभावित हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, कैनबिस, ओपियोइड्स, कोकेन और विभिन्न सिंथेटिक नारकोटिक्स न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य के लिए खतरा हैं, बल्कि ये सार्वजनिक सुरक्षा और राष्ट्रीय स्थिरता के लिए भी गंभीर चुनौती हैं। दैनिक अखबार पाकिस्तान टुडे में प्रकाशित रिपोर्ट में कहा गया है, “नशे की लत एक गहरी सामाजिक आपदा बन चुकी है, जो पाकिस्तान की सामाजिक-आर्थिक संरचना को लगातार कमजोर कर रही है और हमारे समय की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बन रही है।”
रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान की युवा आबादी, जो कुल जनसंख्या का 64 प्रतिशत है, विशेष रूप से कमजोर है। उनके सामने साथी दबाव, पारिवारिक कलह, शैक्षिक तनाव, बेरोजगारी और सामाजिक अनिश्चितता जैसी समस्याएं हैं, जो उन्हें विनाशकारी आदतों की ओर धकेलती हैं।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान को एक मजबूत समाज बनाने, युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ाने और घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क को तोड़ने के लिए एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने की आवश्यकता है। पुलिस, एंटी-नारकोटिक्स फोर्स, कस्टम अधिकारियों, अर्धसैनिक बलों और समुदायिक भागीदारों को मिलकर काम करना होगा ताकि ड्रग्स का दुरुपयोग और अवैध तस्करी कम लाभकारी और कम प्रचलित बन सके।
भूगोल के दृष्टिकोण से, गोल्डन क्रिसेंट क्षेत्र में अपने रणनीतिक स्थान के कारण, पाकिस्तान अफगानिस्तान और ईरान के साथ मिलकर नशे के ओपिओइड्स, विशेषकर अफगानिस्तान में उगाए जाने वाले हेरोइन और अफीम, के लिए एक ट्रांजिट और उपभोग क्षेत्र के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इतिहास में, गोल्डन क्रिसेंट ने दक्षिण-पूर्व एशियाई गोल्डन ट्रायंगल (बर्मा, थाईलैंड और लाओस) को वैश्विक नारकोटिक्स उत्पादन में पीछे छोड़ दिया है, और इसके परिणामस्वरूप अफगान ओपिओइड्स का बड़ा हिस्सा अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए पाकिस्तान के भूमि और समुद्री मार्गों से गुजरता है।
इस चुनौती का सामना करने के लिए पाकिस्तान के कानून प्रवर्तन ढांचे ने अपनी कार्रवाई की पहुंच बढ़ाई है। फैसलाबाद के रीजनल पुलिस ऑफिसर सोहैल अख्तर सुक्हेरा ने अपराध नियंत्रण और ड्रग नेटवर्क को जमीन स्तर पर तोड़ने के लिए रणनीतियाँ अपनाई हैं।
उनके नेतृत्व में, इंटेलिजेंस आधारित अभियान और लक्षित छापे फैसलाबाद और आसपास के जिलों में किए गए, जिनमें पेशेवर ड्रग तस्कर, आदतशील अपराधी और नशे की लत वाले हजारों लोग हिरासत में लिए गए। इसके अलावा, सुक्हेरा ने छात्रों में आत्मविश्वास, मानसिक लचीलापन और निर्णय लेने की क्षमता बढ़ाने के लिए गतिविधि-आधारित हस्तक्षेप मॉडल तैयार किया, ताकि वे साथी दबाव का सामना कर सकें और नकारात्मक व्यवहारों जैसे ड्रग्स के सेवन से दूर रहें।
--आईएएनएस
डीएससी
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