कर्नाटक में BJP कार्यकर्ताओं पर FIR कराने का पुलिस पर दबाव: BY Vijayendra
बेंगलुरु, चार अक्टूबर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष बी. वाई. विजयेंद्र ने रविवार को आरोप लगाया कि राज्य की कांग्रेस सरकार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान प्रपत्र-7 आवेदनों को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामले दर्ज करने के लिए पुलिस पर दबाव बना रही है। राज्य के मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार बृहस्पतिवार को मंत्रिमंडल के अपने सहयोगियों और विधायकों के साथ राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) वी. अनबुकुमार के कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे थे और एसआईआर के दौरान कथित ‘‘चुनावी धोखाधड़ी’’ को लेकर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की थी। विजयेंद्र ने कहा कि भाजपा ने इस मुद्दे को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एम. ए. सलीम के समक्ष उठाया है।
उन्होंने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा, विपक्ष के नेता आर. अशोक और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने शुक्रवार को डीजीपी से मुलाकात की थी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनके कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी रही, तो पार्टी सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेगी। विजयेंद्र ने तुमकुरु जिले के गुब्बी विधानसभा क्षेत्र में ‘बूथ विजय संकल्प यात्रा’ के दौरान पत्रकारों से कहा, ‘‘प्रपत्र-7 को बहाना बनाकर डी. के. शिवकुमार यह भूल गए हैं कि वह राज्य के मुख्यमंत्री हैं और उन्होंने सीईओ के कार्यालय में धरना दिया।
इसके परिणामस्वरूप, कांग्रेस सरकार पुलिस विभाग पर दबाव बना रही है और भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवा रही है।’’ उन्होंने कहा कि प्रपत्र-7 मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया के तहत एक प्रावधान है, जिसका इस्तेमाल मतदाता सूची में दर्ज दोहरे या मृत मतदाताओं के नाम शामिल किए जाने पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए किया जा सकता है। विजयेंद्र ने कहा, ‘‘हमारे द्वारा जमा किया गया प्रपत्र-7 यदि वैध है, तो उसे स्वीकार किया जाएगा। लेकिन केवल ऐसा प्रपत्र जमा करने के आधार पर पुलिस विभाग को आपराधिक मामला दर्ज करने का कोई अधिकार नहीं है।
हमने कल डीजीपी एम. ए. सलीम से यही बात कही थी।’’ भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार इस विश्वास में सत्ता और धन का दुरुपयोग कर रही है कि वह कोई भी चुनाव जीत सकती है। उन्होंने कहा कि भाजपा उसे ‘‘उचित सबक सिखाएगी’’। उन्होंने आरोप लगाया कि सूखे के बीच राज्य सरकार किसानों की समस्याओं का समाधान करने में विफल रही है।
उन्होंने दावा किया कि सरकार ने 2,500 रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की थी, लेकिन अब तक यह राशि जारी नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने सूखा प्रभावित किसानों के लिए कम से कम 50,000 रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजे की मांग की है। विजयेंद्र ने कहा, ‘‘राज्य की वित्तीय स्थिति बेहद खराब हो गई है।’’ उन्होंने कर्नाटक की वित्तीय स्थिति पर श्वेतपत्र जारी करने की अपनी मांग दोहराई।
कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सिंचाई और सड़कों की मरम्मत के लिए धनराशि जारी करने में असमर्थ है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ विभागों में वेतन के भुगतान में भी देरी हुई है।
Pakistan को सेना की गोपनीय सूचनाएं भेजने के आरोप में असम से दो गिरफ्तार
गुवाहाटी, चार अक्टूबर असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने रविवार को कहा कि सुरक्षा संबंधी जानकारी पाकिस्तान को मुहैया कराने के आरोप में सेना के एक सेवानिवृत्त जवान समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। शर्मा ने कहा कि सेना के सेवानिवृत्त जवान को अनुबंध के आधार पर फिर से नियुक्त किया गया था। उन्होंने बताया कि दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी केंद्रीय एजेंसियों से मिली सूचना के आधार पर की गई।
शर्मा ने एक संवाददाता सम्मेलन में जासूसी के आरोप में हुई गिरफ्तारी के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘‘आज केंद्रीय एजेंसियों से मिली जानकारी के आधार पर असम पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक सेना का सेवानिवृत्त जवान है जो फिलहाल सेना में अनुबंध के आधार पर काम कर रहा था।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आरोप है कि वे पाकिस्तान के संपर्क में थे और सेना की गतिविधियों के बारे में जानकारी दे रहे थे। हम उन्हें केंद्रीय एजेंसियों को सौंप देंगे।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि शुरुआती जानकारी के अनुसार, दोनों को कथित तौर पर उन लोगों ने ‘मोहपाश’ में फंसाया था, जो उनसे जानकारी हासिल कर रहे थे।
इससे पहले रविवार को असम पुलिस ने एक बयान में कहा था कि विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने यहां किराये के मकान में रह रहे बिहार निवासी एक व्यक्ति को कथित जासूसी गतिविधियों के आरोप में गिरफ्तार किया है। बयान के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सुरक्षा बलों से संबंधित गोपनीय जानकारी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी से जुड़े व्यक्ति को कथित तौर पर मुहैया कराने समेत ऐसी गतिविधियों में उसकी संलिप्तता सामने आई है। आरोपी की पहचान बिहार के पूर्वी चंपारण निवासी अभिषेक कुमार सिंह के रूप में हुई है।
पुलिस ने बताया कि संदिग्ध के बारे में शुरुआती सूचना तेजपुर स्थित गजराज कोर की सैन्य खुफिया इकाई ने साझा की थी। पुलिस के अनुसार, एसटीएफ ने सोनितपुर पुलिस के साथ समन्वय करके सिंह के बारे में और जानकारी जुटाई। उस पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी से जुड़े व्यक्ति के निर्देश पर राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल होने का संदेह था।
पुलिस ने कहा, ‘‘इस सूचना के आधार पर तीन और चार अक्टूबर की दरम्यानी रात असम एसटीएफ ने अभियान चलाया और गुवाहाटी स्थित किराये के मकान से 31 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया।’’ अभियान के दौरान उसके कब्जे से एक मोबाइल फोन, सिम कार्ड और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए। बयान में कहा गया, ‘‘मामले में आगे की जांच जारी है।
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