इम्पैक्ट प्लेयर नंबर-1, कुलदीप यादव की फिरकी में फंसा वेस्टइंडीज, बना डाला भारत का सबसे बड़ा स्पिन रिकॉर्ड
IND vs WI: भारत और वेस्टइंडीज के बीच हाल ही में 3 मैचों की वनडे सीरीज खेली गई, जिसे टीम इंडिया ने 2-1 से अपने नाम किया. इस सीरीज में टीम इंडिया की ओर से सबसे बुरा हाल गेंदबाजों का रहा. वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों की जमकर धुनाई की है, लेकिन इस हालत में भी इस पूरी सीरीज में अगर किसी एक खिलाड़ी का जादू फैंस के सिर चढ़कर बोला, तो वह भारत के स्टार स्पिन गेंदबाज कुलदीप यादव हैं. अपनी जादुई चाइनामैन गेंदबाजी से कैरेबियाई बल्लेबाजों को घुटनों पर लाने वाले कुलदीप यादव ने न सिर्फ इस सीरीज में सबसे ज्यादा विकेट चटकाए, बल्कि वनडे क्रिकेट का एक बेहद ऐतिहासिक और अनोखा रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया. सीरीज के खत्म होने के बाद कुलदीप यादव को इम्पैक्ट प्लेयर ऑफ द सीरीज का अवॉर्ड दिया गया.
कुलदीप यादव बने सबसे तेज 200 वनडे विकेट लेने वाले भारतीय स्पिनर
वेस्टइंडीज के खिलाफ इस वनडे सीरीज के दौरान कुलदीप यादव ने अपने वनडे करियर का 200वां विकेट हासिल किया. उन्होंने सिर्फ 123 वनडे मैचों में इस जादुई आंकड़े को छूकर महान स्पिनर अनिल कुंबले का रिकॉर्ड तोड़ दिया और भारत के इतिहास में सबसे तेजी से 200 वनडे विकेट लेने वाले स्पिनर बन गए हैं. अनिल कुंबले ने 147 मैचों में यह कारनामा किया था, जबकि कुलदीप यादव ने सिर्फ 123 मैचों में यह उपलब्धि हासिल कर ली है. भारत की तरफ से उनसे तेज सिर्फ तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने यह कारनामा किया है, जिन्होंने 122 मैचों में यह की कीर्तिमान बनाया था. कुलदीप की इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने पूरी दुनिया के क्रिकेट फैंस का दिल जीत लिया है.
कुलदीप यादव को मिला 'इम्पैक्ट प्लेयर' का अवॉर्ड
बीसीसीआई ने टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम का एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें कुलदीप यादव को इम्पैक्ट प्लेयर का अवॉर्ड (मेडल) दिया जाता है. वहां मेडल मिलने के बाद पूरी टीम कुलदीप के लिए चिल्ला रही है, "भाषण दो! भाषण दो! हर कोई एक भाषण चाहता है!" यह साफ दिखाता है कि टीम के अंदर और फैंस के बीच कुलदीप का प्रभाव कितना बड़ा रहा है. जब भी कप्तान को विकेट की जरूरत पड़ी, कुलदीप ने अपनी टर्निंग गेंदों से मैच का पासा पलट दिया. यही कारण है कि सीरीज के 'इम्पैक्ट प्लेयर' के रूप में फैंस और क्रिकेट पंडितों की पहली पसंद सिर्फ और सिर्फ कुलदीप यादव ही हैं.
Fastest Indian spinner to 200 ODI wickets⚡
— BCCI (@BCCI) October 4, 2026
Leading wicket-taker of the #INDvWI ODI series ????
Any guesses for the ???????????????????????? ???????????????????????? ???????? ???????????? ????????????????????????? ????????
???? Watch | #TeamIndia | @mflone_ | @imkuldeep18 https://t.co/JZMZB1EoCl
सीरीज के सबसे बड़े 'विकेट टेकर' बने कुलदीप यादव
"वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली गई इस वनडे सीरीज में जहां एक तरफ भारतीय तेज गेंदबाज रनों पर अंकुश लगाने के लिए संघर्ष कर रहे थे, वहीं स्पिन विभाग में कुलदीप यादव ने अकेले दम पर विपक्षी टीम के बल्लेबाजी क्रम की कमर तोड़ कर रख दी. तिरुवनंतपुरम में खेले गए पहले ही मुकाबले में कुलदीप ने अपनी जादुई फिरकी का ऐसा जाल बुना कि कैरेबियाई बल्लेबाज पूरी तरह बेबस नजर आए. उन्होंने शानदार स्पेल डालते हुए महज 40 रन देकर 4 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए.
उनका यह शानदार फॉर्म गुवाहाटी में खेले गए दूसरे मुकाबले में भी जारी रहा, जहां उन्होंने कसी हुई गेंदबाजी करते हुए 65 रन देकर 2 बड़े विकेट अपने नाम किए. पूरी सीरीज के दौरान जब भी टीम इंडिया को विकेट की सख्त जरूरत पड़ी, कप्तान ने गेंद कुलदीप के हाथों में थमाई और उन्होंने निराश नहीं किया. यही कारण रहा कि अपनी घातक और किफायती गेंदबाजी के दम पर वे इस द्विपक्षीय सीरीज में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बनकर उभरे.
यह भी पढ़ें: एक मैच, 22 नो-बॉल और टूट गया जम्मू-कश्मीर का सपना..., इस गेंदबाज की लापरवाही टीम पर पड़ी भारी
'दुनिया का बड़ा हिस्सा सैन्य शासन का समर्थन कर रहा था, तब भी रूस ने हमारा साथ दिया', म्यूनिख लीडर्स मीटिंग में बोले जयशंकर
विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने रविवार को रूस के साथ भारत के पुराने रिश्तों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि जब दिल्ली की सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता पर खतरा होता था और दुनिया का बड़ा हिस्सा सैन्य शासन का समर्थन कर रहा था, तब रूस हमारे संग खड़ा था. म्यूनिख लीडर्स मीटिंग में बोलते हुए जयशंकर ने कहा कि भारत और रूस के बीच 1950 के दशक से ही मजबूत संबंध रहे हैं. उन रिश्तों की विरासत आज भी हमारे संबंधों को रूप दे रही है.
भारत और रूस के रिश्ते ऐतिहासिक: जयशंकर
जयशंकर ने कहा कि भारत और रूस के रिश्ते ऐतिहासिक रूप से काफी बेहतर रहे हैं. खासकर 1950 के दशक से ही. उस को इतिहास को भुलाया नहीं जा सकता है. उन्होंने कहा कि रूस जो पहले सोवियत संघ था, कई मौकों पर हमारे संग खड़ा रहा. उस समय हमारी सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता को खतरा था.
उन्होंने कहा कि ऐसे वक्त में जब दुनिया का एक बड़ा भाग हमारे पड़ोसी देश में सैन्य शासन (पाकिस्तान) का समर्थन करता रहा, रूस एक ऐसा देश था, जिसके हमारे संग रिश्ते बेहतर थे. उस विरासत ने कई तरह से हमारे रिश्तों को आकार दिया.
ग्लोबल ऑर्डर पर जयशंकर का जवाब
विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने भारत में आने वाले पांच से दस वर्षों में ग्लोबल पावर की रैंकिंग में तेजी से ऊपर उठने की क्षमता है. उन्होंने इसके लिए आने वाले दशकों में तेजी से विकास, मददगार डेमोग्राफिक प्रोफाइल और नए आर्थिक मौकों को उभरने का जिक्र किया.
रविवार को दिल्ली में म्यूनिख लीडर्स मीटिंग में जयशंकर से यह पूछा गया कि अगले पांच से दस सालों में ग्लोबल ऑर्डर में भारत के हालात क्या होने वाले हैं. उन्होंने कहा कि जिन देशों को अभी मिडिल पावर की तरह देखा जाता है, जरूरी नहीं कि वे सभी एक ही रास्ते पर हों. कुछ शक्तियां कम और कुछ ज्यादा हैं.
भारत के बारे में बात करते हुए जयशंकर बोले कि देश के सामने तेज विकास के कई दशक हैं. उन्होंने तर्क दिया कि इसकी डोमोग्राफिक प्रोफाइल उस विकास को बनाए रखने में सहायक होगी.
ग्लोबल इकनॉमी में संभावनाएं- जयशंकर
जयशंकर ने तर्क दिया कि भारत को शायद पहले की अर्थव्यवस्थाओं की ओर से अपनाए गए पारंपरिक औद्योगीकरण के रास्ते पर चलने की आवश्यकता न हो, तेजी से बदलती ग्लोबल इकनॉमी में नई संभावनाएं हैं. उन्होंने कहा कि वे तो यही कहेंगे कि विश्व अब कहीं अधिक क्रिएटिव हो चुका है. कई संभावनाएं हैं, ऐसे में हमें जरूरी नहीं कि औद्योगीकरण के पुराने पथ पर चलने की.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation











