AIIMS Bilaspur के पहले दीक्षांत समारोह में पहुंचेंगी President Droupadi Murmu
बिलासपुर (हिमाचल प्रदेश), चार अक्टूबर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), बिलासपुर का पहला दीक्षांत समारोह मंगलवार को आयोजित किया जाएगा, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि होंगी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा भी समारोह में शामिल होंगे। संस्थान के अधिकारियों ने बताया कि दीक्षांत समारोह के मद्देनजर छह अक्टूबर (मंगलवार) को एम्स बिलासपुर में बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) की सेवाएं पूरी तरह बंद रहेंगी। एम्स बिलासपुर में पहला शैक्षणिक सत्र 12 जनवरी, 2021 को शुरू हुआ था।
मंगलवार को ओपीडी में मरीजों का पंजीकरण और चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध नहीं होगा। एम्स के रजिस्ट्रार राकेश कुमार सिंह ने मरीजों और आम लोगों से छह अक्टूबर को नियमित जांच या चिकित्सकीय परामर्श के लिए एम्स आने की योजना नहीं बनाने का आग्रह किया है। मरीजों को किसी असुविधा से बचने के लिए नियमित स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के लिए किसी अन्य दिन का समय लेने की सलाह दी गई है।
हालांकि, ओपीडी बंद रहने के बावजूद एम्स की आपातकालीन सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी। केंद्रीय मंत्री नड्डा के प्रस्तावित दौरे के लिए जारी कार्यक्रम के अनुसार, वह सोमवार को दिल्ली से चंडीगढ़ होते हुए बिलासपुर पहुंचेंगे और रात अपने पैतृक स्थान विजयपुर में रुकेंगे। प्रदेश भाजपा के सह-प्रभारी स्वदेश ठाकुर ने कहा कि नड्डा के शाम करीब छह बजे चंडीगढ़ से सड़क मार्ग से रवाना होने, रात करीब नौ बजे विजयपुर पहुंचने और मंगलवार को दीक्षांत समारोह में शामिल होने की उम्मीद है।
BJP प्रदेश अध्यक्ष Pankaj Chaudhary ने सपा पर साधा निशाना, लगाए गंभीर आरोप
लखनऊ, चार अक्टूबर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने रविवार को समाजवादी पार्टी (सपा) पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में उसकी सरकारों के शासनकाल में विकास से ज्यादा विवाद, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामले सामने आए। प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में चौधरी ने कहा कि लोहिया के आदर्शों के नाम पर राजनीतिक सफर शुरू करने वाली सपा के 34 वर्षों के राजनीतिक रिकॉर्ड में जनता के कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं। सपा के 34वें स्थापना दिवस के दिन उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से सपा के पाप का घड़ा फोड़ा और कहा कि सपा के 34 वर्षों के राजनीतिक सफर का हिसाब अब जनता के सामने है।
चौधरी ने 1994 के रामपुर तिराहा कांड और 1995 के लखनऊ गेस्ट हाउस कांड का उल्लेख करते हुए सपा की राजनीतिक कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2012 से 2017 के बीच अखिलेश यादव सरकार में सत्ता के केंद्रीकरण, मंत्रियों और अधिकारियों के कामकाज में कथित हस्तक्षेप तथा बिजली आपूर्ति में कुछ जिलों को प्राथमिकता देने जैसे मुद्दे पुरजोर तरीके से उठे थे। चौधरी ने यादव सिंह प्रकरण, यश भारती पुरस्कारों के वितरण और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) में भर्ती से जुड़े विवादों का उल्लेख करते हुए पारदर्शिता पर सवाल उठाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि सपा शासन में सरकारी भर्तियों की प्रक्रिया को लेकर विवाद लगातार चर्चा में रहे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने मुजफ्फरनगर दंगों का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2013 में हुई इस हिंसा में 60 से अधिक लोगों की मौत हुई और 50 हजार से अधिक लोगों को विस्थापित होना पड़ा था। उन्होंने तत्कालीन सरकार की कानून-व्यवस्था और तत्कालीन मंत्री आजम खान की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
चौधरी ने मुफ्त लैपटॉप योजना और बेरोजगारी भत्ते को लेकर भी सपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि करीब 15 लाख लैपटॉप खरीदे गए, लेकिन लगभग छह लाख ही वितरित किए गए। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने बेरोजगारी भत्ते के मुकाबले प्रचार पर अधिक राशि खर्च किए जाने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने गन्ना किसानों, जेपीएनआईसी परियोजना, 72,825 शिक्षक भर्ती, जल निगम भर्ती, महिला सुरक्षा और पत्रकारों की सुरक्षा से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए तत्कालीन सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
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