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North Western Railway RRC NWR Apprentices Online Form 2026 for 2008 Post

RRC NWR North Western Railway Jaipur Recruitment 2026 Apply Online for Apprentices 2008 Post Post Date: 04-10-2026 Short Description : North Western Railway has released notification for North Western Railway Apprentice in which there are 2008 Post . Eligible candidates can apply online between 07/10/2026 to 06/11/2026. All the North Western Railway Apprentices 2026 Job related ...

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Congress ने महिला पत्रकारों के कथित उत्पीड़न मामले में उठाया सवाल, मांगा PM Modi और Shah का इस्तीफा

नयी दिल्ली, चार अक्टूबर कांग्रेस ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से सवाल किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा महिला पत्रकारों के कथित यौन उत्पीड़न पर उन्होंने संज्ञान क्यों नहीं लिया? विपक्षी पार्टी ने कहा कि शाह को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज हो और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। कांग्रेस ने कहा कि प्रधानमंत्री को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि महिला आरक्षण कानून को जल्द से जल्द लागू किया जाये; अन्यथा उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने कहा कि महिला पत्रकारों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की कवरेज के दौरान पुलिसकर्मियों पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि दर्जनों पत्रकारों के विरोध प्रदर्शन के बावजूद न तो प्राथमिकी दर्ज की गई और न ही कोई ठोस कार्रवाई की गई। प्रियंका ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने यह आरोप भी लगाया है कि पुलिस उनके साथ बहुत अभद्र तरीके से पेश आ रही है।

उन्होंने कहा कि जिस पुलिस का काम सुरक्षा देना है, उससे ही महिलाएं खतरा महसूस कर रही हैं। कांग्रेस महासचिव ने कहा कि कॉलेज की छात्राओं से लेकर पत्रकारों तक, हर जगह महिलाएं असुरक्षा का सामना कर रही हैं। प्रियंका ने कहा, ‘‘नरेन्द्र मोदी जी, अमित शाह जी, क्या महिलाओं के साथ ऐसा व्यवहार उचित है?

अगर नहीं, तो आप इस पर संज्ञान क्यों नहीं लेते?’’ कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि एक बार फिर दिल्ली पुलिस पर एक महिला की गरिमा का उल्लंघन करने के आरोप लगाए गए हैं। खेड़ा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘अमित शाह चुप हैं। ऐसा पहले भी हो चुका है, खासकर छात्र आंदोलनों के दौरान।

उन्होंने कहा कि अगर कोई राह चलता बदमाश महिला के साथ गलत हरकत करे तो उसे उम्मीद रहती है कि पुलिस उसकी मदद करेगी, लेकिन अगर पुलिस पर ही ऐसे आरोप लगें तो महिलाएं न्याय के लिए कहां जाएंगी?’’ उन्होंने कहा, ‘‘महिलाएं इस देश की आधी आबादी हैं। सड़कों से लेकर संसद तक, हर जगह उनका अधिकार है। गृह मंत्री अमित शाह को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की जाए और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाये।’’ उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि महिला आरक्षण कानून को जल्द से जल्द लागू किया जाए ताकि महिलाएं संसद में अपना उचित और समान स्थान प्राप्त कर सकें।’’ खेड़ा ने कहा, ‘‘महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और सत्ता में समान भागीदारी चाहिए।

अगर यह सुनिश्चित नहीं किया जा सकता, तो प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के लिए इस्तीफा दे देना ही बेहतर होगा। वैसे भी, वे चीजों को संभाल नहीं पा रहे हैं।’’ एक अधिकारी ने रविवार को बताया कि तीन महिला पत्रकारों ने तीन अक्टूबर को जंतर-मंतर पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने निष्पक्ष जांच के लिए उनकी शिकायतें अपराध शाखा को भेज दी हैं।

इन महिला पत्रकारों में से एक ने शनिवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया था कि एक सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) ने कथित तौर पर उसका यौन उत्पीड़न किया। अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान कथित घटनाओं को लेकर नयी दिल्ली जिला पुलिस को शिकायतें मिली हैं। प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था।

भारतीय प्रेस परिषद ने प्रदर्शन की कवरेज कर रहे पत्रकारों के साथ पुलिस के व्यवहार पर हैरानी और चिंता जताई तथा दिल्ली पुलिस से शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया।

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  Sports

Sri Lanka से 63 रन की हार के बाद Bangladesh कप्तान Litton Das ने किया कप्तानी छोड़ने से इनकार

बांग्लादेश क्रिकेट टीम के लिए एशियाई खेलों का अभियान निराशाजनक रहा है। टीम कांस्य पदक के मुकाबले में श्रीलंका से 63 रन से हार गई और पहली बार एशियाई खेलों में क्रिकेट से कोई पदक हासिल नहीं कर सकी। इस हार के बाद कप्तान लिटन दास की कप्तानी पर भी सवाल उठने लगे हैं, लेकिन उन्होंने पद छोड़ने की किसी संभावना से साफ इनकार किया है।

बता दें कि कांस्य पदक के मुकाबले में श्रीलंका की शुरुआत बेहद खराब रही थी। टीम ने शुरुआती दौर में 21 रन पर 4 विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद थारिंदु रत्नायके ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 65 रन की तेज पारी खेली और मुकाबले का रुख बदल दिया। उनकी पारी की बदौलत श्रीलंका मुश्किल स्थिति से बाहर निकलने में सफल रहा और अंत में बांग्लादेश को 63 रन से हरा दिया।

मौजूद जानकारी के अनुसार, मुकाबले के बाद लिटन दास ने माना कि बांग्लादेश की टीम अपने स्तर के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी। उन्होंने खास तौर पर थारिंदु रत्नायके की पारी की तारीफ की। लिटन के मुताबिक, बांग्लादेश के गेंदबाजों ने शुरुआती 8 ओवर में अच्छी गेंदबाजी की थी, लेकिन इसके बाद रत्नायके ने जिस तरह के शॉट खेले, उससे गेंदबाजों के लिए वापसी करना मुश्किल हो गया।

लिटन ने कहा कि रत्नायके ने असाधारण बल्लेबाजी की और बांग्लादेश के गेंदबाजों के पास उन्हें रोकने का कोई आसान तरीका नहीं था। उन्होंने यह भी माना कि जब बांग्लादेश की टीम बल्लेबाजी के लिए उतरी तो वह श्रीलंका के स्कोर का सही जवाब नहीं दे सकी। टीम की बल्लेबाजी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही और इसी वजह से मुकाबला हाथ से निकल गया।

कप्तान के तौर पर खुद लिटन का प्रदर्शन भी इस प्रतियोगिता में अच्छा नहीं रहा। उन्होंने एशियाई खेलों में बांग्लादेश के 2 मुकाबलों में क्रमशः 2 और 0 रन बनाए। उन्होंने खुद माना कि उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। हालांकि, इसके बावजूद उन्होंने कप्तानी छोड़ने की बात को खारिज कर दिया।

लिटन ने कहा कि क्रिकेट में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। एक दिन प्रदर्शन अच्छा होता है और दूसरे दिन खराब हो सकता है। उन्होंने कहा कि वह बड़े लक्ष्य के साथ एशियाई खेलों में आए थे और उसे पूरा नहीं कर पाने का उन्हें भी दुख है, लेकिन सिर्फ इस वजह से कप्तानी छोड़ने का कोई मतलब नहीं है। उनका कहना है कि बांग्लादेश की टीम ने पहले भी काफी कुछ हासिल किया है और भविष्य में भी बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश जारी रखेगी।

गौरतलब है कि हार के बाद बांग्लादेशी खिलाड़ियों के टीम होटल से बिना अधिकारियों को जानकारी दिए बाहर जाने की खबरें भी सामने आई हैं। ऐसी चर्चा थी कि इस मामले में खिलाड़ियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है। हालांकि, लिटन ने खिलाड़ियों का बचाव किया और टीम को मिलने वाली सुविधाओं पर सवाल उठाए हैं।

लिटन के मुताबिक खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए उचित जगह चाहिए और अगर होटल या एशियाई खेलों की ओर से उपलब्ध कराई गई भोजन व्यवस्था उनकी जरूरत के मुताबिक नहीं है, तो खिलाड़ियों को बाहर जाकर खाना पड़ सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसी खिलाड़ी को पूरे दिन होटल के कमरे में ही बंद रहना चाहिए।

लिटन ने कहा कि खिलाड़ियों को ऊर्जा की जरूरत होती है और उनकी जरूरतों को समझना जरूरी है। उनके मुताबिक खिलाड़ियों ने बाहर जाकर खाना इसी वजह से खाया था।

बता दें कि बांग्लादेश के लिए एशियाई खेलों में यह नतीजा खास तौर पर निराशाजनक है, क्योंकि टीम इससे पहले क्रिकेट प्रतियोगिता में पदक जीतती रही है। इस बार बिना पदक लौटने के बाद टीम के प्रदर्शन, कप्तानी और खिलाड़ियों की तैयारियों को लेकर चर्चा बढ़ गई है। हालांकि, लिटन ने साफ कर दिया है कि वह इस मुश्किल दौर के बाद भी कप्तानी की जिम्मेदारी से पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं।

Sun, 04 Oct 2026 21:52:00 +0530

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