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नाजियों की जीत का कारण हिंसा, हिटलर का करिश्मा नहीं:जर्मनी के दो प्रांत्रों में नाजी समर्थक पार्टी की जीत से छिड़ी नई बहस

जर्मनी के दो प्रांतों में धुर-दक्षिणपंथी पार्टी के सत्ता में आने के बाद यूरोप में जर्मन तानाशाह एडॉल्फ हिटलर (1933-1945 तक सत्ता में था) पर नई बहस छिड़ गई है। आम धारणा है कि हिटलर गजब का करिश्माई नेता था। उसका प्रचार मंत्री जोसेफ गोएबल्स का प्रोपेगैंडा बेजोड़ था और जर्मनी की आर्थिक मंदी ने नाजियों की राह आसान की। अब इन बातों को जर्मनी के लेखक और इतिहासकार फिलिप रुख ने सिरे से खारिज किया है। अपनी नई शोधपरक किताब ‘डेर रुकफॉल’ में रुख बताते हैं कि हिटलर कोई कुशल नेता नहीं था। वह एक आलसी अपराधी था, जो दोपहर तक सोता था। उसकी नाजी पार्टी की जीत को समझने के लिए 14 सितंबर 1930 के चुनावों को देखना होगा। 1928 में नाजी पार्टी को महज 8 लाख वोट और 12 सीटें मिली थीं। रुख बताते हैं कि 1930 में नाजियों को 64 लाख वोट और 107 सीटें मिलीं, जिससे यह सनकी गुट दूसरी राजनीतिक ताकत बना। हिंसा के खौफ से लोग नाजियों के साथ हुए और 1933 में सत्ता में आया। हिटलर से जुड़े 3 बड़े भ्रम ‘सेंटर फॉर पॉलिटिकल ब्यूटी’ के संस्थापक रुख कहते हैं- 1. हिटलर का करिश्मा छलावा था 1930 के चुनाव में हिटलर उम्मीदवार भी नहीं था, क्योंकि उसके पास जर्मन नागरिकता नहीं थी। तख्तापलट की साजिश में उस पर देश से निकाले जाने का खतरा था। 1929 में हिटलर ने पूरे साल में केवल 29 भाषण दिए थे। पार्टी दफ्तर जाने के बजाय कैफे और सिनेमाघरों में वक्त बिताता था। 2. कमजोर प्रोपेगैंडा नाजी अखबार जैसे- ‘इलुस्ट्रिएटर बीओबैक्टर’ बेहद स्तरहीन था। उसे बहुत कम लोग पढ़ते थे। अन्य पार्टियों के पास प्रचार के लिए नियॉन साइन जैसे बेहतर साधन थे, जबकि नाजियों की प्रचार सामग्री पेशेवर नहीं थी। 3. महामंदी मुख्य वजह नहीं जिन इलाकों में बेरोजगारी ज्यादा थी, वहां नाज़ियों को सबसे कम वोट मिले। महामंदी का असर जर्मनी में जुलाई 1931 में दिखा। रुख लिखते हैं कि नाजियों की सबसे बड़ी ताकत उनकी ‘राजनीतिक हिंसा और विरोधियों के सफाए की खुली सनक’ थी। दावा- दक्षिणपंथी पार्टियां समाज में नफरत का फायदा उठाती हैं फिलिप रुख के अनुसार, नाजी पार्टी किसी आर्थिक या सामाजिक नीति पर बात नहीं कर रही थी, बल्कि विरोधियों की हत्याओं के षड्यंत्र रच रही थी। दुर्भाग्य से यही हिंसक सनक उस समय के जर्मन मतदाताओं के एक बड़े वर्ग को आकर्षित कर गई। रुख चेताते हैं कि आज के दौर में भी दक्षिणपंथी, चरमपंथी पार्टियों पर घोटालों या खुलासों का असर नहीं पड़ता, क्योंकि वे समाज के भीतर मौजूद नफरत का फायदा उठाती हैं।

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Amritsar में Influencer Mad Sandhu की गोली मारकर हत्या, बाइक सवार दो हमलावरों ने की फायरिंग

पंजाब से हैरान करने वाली खबर सामने आई है। शनिवार को अमृतसर में मोटरसाइकिल पर सवार दो लोगों ने पंजाबी इन्फ्लुएंसर और मेकअप आर्टिस्ट मैड संधू की गोली मारकर हत्या कर दी। गोली लगने के बाद वे सड़क पर खून से लथपथ हालत में पाए गए।

इस दौरान सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें संधू सड़क पर पड़े हुए दिखाईं दे रहे हैं।  पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, संधू (जिनका पूरा नाम मधुसूदन था) की अस्पताल जाते समय मौत हो गई।

मौके पर पुलिस पहुंची और गोलीबारी घटना की जांच शुरु कर दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त सिरिवेनेला ने बताया, "शाम करीब 6 बजे दो अज्ञात लोगों ने उन पर गोली चलाई।"

मैड संधू कौन थे?

मैड संधू मेकअप आर्टिस्ट है, जो कि फिल्म इंडस्ट्री और जेंडर से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के लिए पॉडकास्ट में गेस्ट के तौर पर शामिल होते थे, उन्हें सोशल मीडिया पर अक्सर होमोफोबिक ट्रोलिंग का सामना करना पड़ता  था।

उन्होंने आलोचना का जवाब देते हुए कहा, "भगवान ने मुझे जैसा बनाया है, मैं वैसा ही हूं", और वे एक गे (gay) पुरुष के तौर पर अपनी पहचान को लेकर खुलकर बात करते थे।

मैड संधू का बेबाक अंदाज था

संधू के परिवार के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। हालांकि, संधू ने फैशन इंडस्ट्री में अपने प्रोफेशनल करियर की शुरुआत बतौर एक स्टाइलिस्ट और असिस्टेंट कॉस्ट्यूम डिजाइनर से की। पंजाब व मुंबई में फिल्मों के लिए काम किया।

बाद में उन्हें इंस्टाग्राम रील्स और वायरल वीडियो से काफी लोकप्रियता मिली, जहां वे लग्जरी फैशन और ब्यूटी टिप्स लाइफस्टाइल से संबंधित बातें और सामाजिक रीति-रिवाजों, LGBTQ+ समुदाय को स्वीकार करने और पॉप कल्चर पर अपनी बेबाक राय शेयर करते थे।

इसके अलावा, संधू 'ओये भोले ओये' सीरीज सहित कई पंजाबी फिल्मों में भी नजर आए।

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  Sports

भुवनेश्वर कुमार की तरह मोहम्मद शमी करेंगे टीम इंडिया में वापसी?

भुवनेश्वर कुमार चार साल बाद टीम इंडिया में लौट आए जिसके बाद मोहम्मद शमी के लिए भी उम्मीदें बढ़ी हैं. क्या इस गेंदबाज का भी कमबैक होगा? Wed, 07 Oct 2026 20:37:16 +0530

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