CM Dhami Reached Khatima: सीएम धामी पहुंचे खटीमा, जनसुनवाई कार्यक्रम में जनता से किया सीधा संवाद
CM Dhami reached Khatima: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने गृह क्षेत्र खटीमा में एक खास बातचीत के दौरान राज्य के तमाम समसामयिक और राजनीतिक विषयों पर खुलकर अपने विचार रखे. चंपावत जिले के बनबसा में आयोजित होने वाली ऐतिहासिक कैबिनेट बैठक से ठीक पहले मुख्यमंत्री ने खटीमा में बड़ी संख्या में पहुंचे स्थानीय लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं. इस दौरान उन्होंने साफ लफ्जों में कहा कि उनकी सरकार केवल राजधानी तक सीमित रहने वाली व्यवस्था में विश्वास नहीं रखती, बल्कि जनता के सुख दुख में उनके द्वार तक पहुंचना उनकी कार्यशैली की पहली प्राथमिकता है.
सीमांत क्षेत्रों से सरकार चलाने का संकल्प
जब मुख्यमंत्री से यह सवाल पूछा गया कि सीमांत इलाके में कैबिनेट बैठक का आयोजन क्या आगामी चुनावी रणनीति का हिस्सा है, तो उन्होंने इसे सिरे से नकार दिया. उन्होंने कहा कि सरकार हमेशा से ही आम जनता के करीब रही है. उनका खुद का जीवन सीमांत इलाकों में बीता है और वह लंबे समय से ऐसे दूरदराज के क्षेत्रों में लगातार जाते रहे हैं जहां पहले कभी बड़े प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं हुए. उन्होंने दोहराया कि जनसेवा चुनाव देखकर नहीं की जाती बल्कि यह निरंतर चलने वाला दायित्व है. इसी कड़ी में आने वाले समय में प्रदेश के अन्य पर्वतीय और दूरस्थ जिलों में भी कैबिनेट बैठकों का सिलसिला जारी रखा जाएगा ताकि स्थानीय प्राथमिकताओं के आधार पर सीधे नीतियां तय की जा सकें.
शारदा नदी से गहरा जुड़ाव और भावनात्मक लगाव
बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री अपने पुराने दिनों को याद करते हुए काफी भावुक नजर आए. उन्हें स्थानीय स्तर पर शारदा पुत्र कहे जाने पर उन्होंने कहा कि मां शारदा का आशीर्वाद हमेशा उनके साथ रहा है. उनका बचपन इसी पावन नदी के किनारे बीता और यहीं से उनका राजनीतिक सफर भी परवान चढ़ा. वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद जब उनके सामने कई विकल्प थे और कई साथियों ने अपनी सीटें छोड़ने की पेशकश की थी, तब भी मां शारदा की कृपा से उन्हें सीमांत क्षेत्र के निकट रहकर ही प्रदेश का नेतृत्व करने का अवसर मिला. आज उसी शारदा के आंचल में कैबिनेट का जुटना उनके लिए बेहद खास और गौरवशाली पल है.
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वेस्टइंडीज सीरीज में 4 भारतीय खिलाड़ियों ने किया इतना खराब प्रदर्शन, भूलकर भी नहीं खिलाना चाहिए वर्ल्ड कप 2027
IND VS WI: भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज 2-1 से अपने नाम की, लेकिन सीरीज में टीम की कुछ कमजोरियां भी खुलकर सामने आईं. यकीनन कप्तान शुभमन गिल इन कमजोरियों को वनडे वर्ल्ड कप 2027 से पहले सुधारना चाहेंगे, ताकि वह मजबूती से खिताब की दावेदारी पेश कर सकें. दरअसल, वेस्टइंडीज के साथ खेली गई वनडे सीरीज में कुछ ऐसे खिलाड़ी रहे, जिन्होंने अपने प्रदर्शन से काफी निराश किया है.
ऐसे में कप्तान गिल और गौतम गंभीर इन खिलाड़ियों को आगे स्क्वाड से बाहर का रास्ता दिखा सकते हैं. चूंकि, अगले साल वनडे वर्ल्ड कप 2027 होना है, जिसमें टीम मैनेजमेंट बेस्ट और इनफॉर्म प्लेयर्स से सजी टीम को ही मैदान पर उतारना चाहेगा. तो आइए आपको इस आर्टिकल में ऐसे ही 3 खिलाड़ियों के बारे में बताते हैं, जो आने वाले वनडे वर्ल्ड कप में शायद ही नजर आएं...
रवींद्र जडेजा
भारतीय ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा का प्रदर्शन वेस्टइंडीज के साथ खेली गई वनडे सीरीज में सबसे ज्यादा चर्चा में रहा. एक समय वह भारत के सबसे भरोसेमंद ऑलराउंडरों में गिने जाते थे, लेकिन वनडे क्रिकेट में उनका प्रभाव अब पहले जैसा नजर नहीं आ रहा है. वेस्टइंडीज के खिलाफ वापसी करते हुए जडेजा ने गेंदबाजी में 10 ओवर में 54 रन दिए और उन्हें एक भी विकेट नहीं मिला.
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— BCCI (@BCCI) October 3, 2026
Congratulations to #TeamIndia as they seal the #INDvWI ODI series 2️⃣-1️⃣ ????????@mflone_ pic.twitter.com/hekddrIfoZ
सबसे बड़ी चिंता यह है कि पिछले 10 वनडे में उनके नाम सिर्फ 5 विकेट हैं और पिछले 7 मुकाबलों में वह केवल एक विकेट ले सके हैं. बल्लेबाजी में भी लंबे समय से उनका अर्धशतक नहीं आया है. ऐसे में 2027 वर्ल्ड कप के लिए टीम इंडिया को जडेजा के विकल्प पर गंभीरता से विचार करना पड़ सकता है. अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर जैसे खिलाड़ी उनकी जगह के लिए मजबूत दावेदार बन सकते हैं.
अंशुल कंबोज
The reward for all the hard yards ????
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???? Anshul Kamboj receives his debut ODI cap from @imVkohli ????
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तीसरे वनडे में अंशुल कंबोज को मौका मिला, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनका डेब्यू यादगार नहीं रहा. उन्होंने 5 ओवर में 41 रन खर्च किए और कोई विकेट नहीं ले सके. वेस्टइंडीज की सफल रन चेज के दौरान भारतीय गेंदबाजी में वह प्रभाव पैदा नहीं कर पाए जिसकी टीम को जरूरत थी.
हालांकि, केवल एक मैच के आधार पर किसी युवा खिलाड़ी को खारिज करना उचित नहीं होगा. कंबोज के पास खुद को साबित करने के लिए अभी काफी समय है. लेकिन अगर सवाल सीधे 2027 वर्ल्ड कप के मुख्य दल का है, तो उन्हें अभी लंबा सफर तय करना होगा. घरेलू क्रिकेट और भारत ए के प्रदर्शन के आधार पर उनकी दावेदारी मजबूत हो सकती है.
आकिब नबी
Another dream come true in blue ✨????
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???? Congratulations to Auqib Nabi as he receives his ODI debut cap from Vice-captain KL Rahul ????#TeamIndia | #INDvWI | @mflone_ pic.twitter.com/1kxKme516R
जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी को वेस्टइंडीज के साथ खेली गई वनडे सीरीज के दूसरे मैच में डेब्यू करने का मौका मिला. मगर, आकिब के लिए उनका डेब्यू मैच कुछ खास नहीं रहा, जिसमें उन्होंने बिना विकेट लिए 84 रन दिए. इसी वजह से तीसरे मैच से वे ड्रॉप हो गए. अब आगे उनका वनडे टीम में चयन मुश्किल ही नजर आ रहा है. इसी वजह से वर्ल्ड कप 2027 के लिए आकिब स्क्वाड में शायद ही सेलेक्ट हों.
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