यूपी में AI और डेटा सेंटर को मिलेगा बड़ा बूस्ट, लखनऊ-उन्नाव में 1000 एकड़ पर बनेगा क्लस्टर
लखनऊ और उन्नाव के बीच करीब 1000 एकड़ क्षेत्र में बड़े डेटा सेंटर क्लस्टर के विकास की तैयारी शुरू हो गई है. राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा सेंटर सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देने के लिए स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन ने इस दिशा में काम तेज कर दिया है. प्रस्तावित क्लस्टर में करीब 1 गीगावाट क्षमता वाले डेटा सेंटर विकसित किए जाने की योजना है. कमीशन ने इस परियोजना के लिए जमीन के साथ बिजली, पानी और फाइबर नेटवर्क जैसी जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता की जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इसके लिए लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है.
डेटा सेंटर के लिए जमीन की तलाश तेज
स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने लखनऊ और उन्नाव में उपलब्ध सरकारी और अधिग्रहीत जमीन का विवरण मांगा है. खास तौर पर ऐसे आपस में जुड़े भूखंडों की पहचान करने को कहा गया है, जहां बड़े स्तर पर डेटा सेंटर विकसित किए जा सकें।चिह्नित जमीनों की जीआईएस लोकेशन के साथ अक्षांश-देशांतर, ऊंचाई, स्थलाकृति, जल निकासी, मिट्टी और भू-तकनीकी स्थिति की भी जांच की जाएगी. परियोजना के लिए जमीन की उपयुक्तता का आकलन इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर किया जाएगा.
बीसीजी की टीम करेगी जगह का निरीक्षण
डेटा सेंटर परियोजना के लिए बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (BCG) का चयन किया गया है. कंपनी के प्रतिनिधि सुधांशु चावला के नेतृत्व में टीम प्रस्तावित क्षेत्र का निरीक्षण करेगी।यूपीएसआईडीए, यूपीईडा, एलडीए और उन्नाव-शुक्लागंज विकास प्राधिकरण समेत संबंधित विभागों को जल्द से जल्द उपयुक्त जमीन चिह्नित करने के निर्देश दिए गए हैं. इससे परियोजना के लिए जरूरी जमीन का चयन और आगे की योजना बनाने में मदद मिलेगी.
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20 एमएलडी पानी की होगी जरूरत
डेटा सेंटर क्लस्टर के संचालन के लिए कम से कम 20 एमएलडी पानी की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने की योजना है. इसके लिए जलाशयों से मिलने वाले पानी, मौजूदा और प्रस्तावित पाइपलाइन नेटवर्क तथा पानी की गुणवत्ता से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है. इसके अलावा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट यानी एसटीपी से मिलने वाले उपचारित पानी के इस्तेमाल की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है. इससे डेटा सेंटर की पानी की जरूरत को पूरा करने के साथ जल संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल की संभावना तलाशने में मदद मिलेगी.
कई कंपनियों के फाइबर नेटवर्क से जुड़ेगा क्लस्टर
डेटा सेंटर के लिए मजबूत इंटरनेट और फाइबर कनेक्टिविटी को भी प्राथमिकता दी जा रही है. लखनऊ-उन्नाव क्षेत्र में एयरटेल, बीएसएनएल, टाटा कम्युनिकेशन, रिलायंस जियो और रेलटेल समेत विभिन्न कंपनियों के फाइबर रूट, डक्ट और पॉप की जानकारी जुटाई जाएगी. प्रस्तावित क्लस्टर को तीन से चार अलग-अलग कैरियर और दो से तीन अलग-अलग मार्गों के जरिए जोड़ने की योजना है. इसका उद्देश्य नेटवर्क में किसी तरह की रुकावट आने पर वैकल्पिक कनेक्टिविटी उपलब्ध रखना है.
निर्बाध बिजली आपूर्ति पर भी फोकस
डेटा सेंटर के लिए लगातार बिजली की उपलब्धता बेहद जरूरी है. इसी को देखते हुए यूपीपीटीसीएल और मध्यांचल विद्युत वितरण निगम समेत संबंधित बिजली कंपनियों से सबस्टेशन की क्षमता, ट्रांसफार्मर, पिछले तीन वर्षों के बिजली लोड और ग्रिड से जुड़ी जानकारी मांगी गई है. इसके साथ ही नए सबस्टेशन के निर्माण की अनुमानित लागत, बिजली कनेक्शन पहुंचाने में लगने वाला समय और भविष्य में बढ़ने वाली बिजली की जरूरत का भी आकलन किया जाएगा. इन तैयारियों के जरिए प्रस्तावित डेटा सेंटर क्लस्टर के लिए भरोसेमंद और निर्बाध बिजली आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है. लखनऊ-उन्नाव के बीच प्रस्तावित यह डेटा सेंटर क्लस्टर राज्य में एआई और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण परियोजना बन सकता है.
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‘आप दुनिया के हीरो हैं’, नेतन्याहू ने भारतीय पायलट स्मित मच्छर को किया फोन, इजराइल के स्वतंत्रता दिवस पर शामिल होने का दिया न्योता
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर से बात कर उनकी बहादुरी की तारीफ की है। दरअसल नेतन्याहू ने उन्हें भारत, इजराइल और पूरी दुनिया का हीरो बताया है। उन्होंने कैप्टन स्मित और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इजराइल के अगले स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने और मशाल जलाने का न्योता भी दिया है। वहीं बातचीत के दौरान नेतन्याहू ने फ्लाइट के कॉकपिट में हुई घटना के बारे में स्मित से सीधे जानकारी ली।
दरअसल 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में कॉकपिट के अंदर कैप्टन स्मित मच्छर पर उनके को-पायलट ने हमला कर दिया था। हमले में स्मित गंभीर रूप से घायल हुए लेकिन इसके बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की। इसके बाद यात्रियों और क्रू के सदस्यों ने अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू किया। विमान को सऊदी अरब के तबुक में इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। घटना में विमान में सवार सभी 174 लोग सुरक्षित रहे।
कैप्टन स्मित ने बताया कॉकपिट में क्या हुआ
वहीं इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित से पूछा कि आखिर फ्लाइट में हमला कैसे शुरू हुआ। स्मित ने बताया कि उड़ान के दौरान को-पायलट ने प्रार्थना करने की इच्छा जताई थी। उन्होंने इसे सामान्य बात समझा और अपनी तरफ से कोई शक नहीं किया। स्मित के मुताबिक को-पायलट उनके पीछे बैठकर प्रार्थना करने लगा। कुछ मिनट बाद अचानक उनके सिर के पीछे जोरदार वार हुआ। स्मित ने बताया कि शुरुआत में उन्हें लगा कि विमान में कोई बड़ी तकनीकी समस्या आई है। इसके बाद लगातार कई वार हुए और तब उन्हें समझ आया कि हमला विमान पर नहीं बल्कि उन्हीं पर किया जा रहा है। उस वक्त उनकी नजर भी ठीक से काम नहीं कर रही थी और सब कुछ धुंधला दिखाई दे रहा था। इसी दौरान उन्हें महसूस हुआ कि विमान तेजी से नीचे जा रहा है।
हमले के बीच स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की लेकिन पहली कोशिश में वह सफल नहीं हो पाए। बाद में उन्होंने दरवाजे के नॉब तक अपना हाथ पहुंचाया और उसे घुमाकर दरवाजा खोल दिया। इसके बाद यात्रियों और क्रू के सदस्यों को कॉकपिट में पहुंचने का मौका मिला और हमलावर को काबू किया गया। दो अन्य पायलटों ने विमान को संभालने में मदद की और इसे तबुक एयरपोर्ट पर उतारा गया।
स्वतंत्रता दिवस पर मशाल जलाने का न्योता
वहीं बातचीत के दौरान नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित की हिम्मत और मुश्किल हालात में लिए गए फैसले की तारीफ की। उन्होंने कहा कि स्मित ने भारत और इजराइल के लोगों के साथ-साथ पूरी दुनिया के लिए बहादुरी दिखाई है। इसके बाद नेतन्याहू ने उन्हें इजराइल आने का न्योता दिया। नेतन्याहू ने कहा कि वह कैप्टन स्मित और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इजराइल के अगले स्वतंत्रता दिवस समारोह में मशाल जलाने के लिए आमंत्रित करना चाहते हैं। इजराइल में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर होने वाला मशाल जलाने का समारोह खास माना जाता है।
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