UNGA 2026 Indo-Pak Clash: सिंधु का पानी रोका तो इसे युद्ध मानेंगे.. शहबाज शरीफ ने कश्मीर को बताया पाकिस्तान की 'गर्दन की नस'
संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के मंच से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक बार फिर भारत के खिलाफ जहर उगला और युद्ध की धमकी दी। वहीं, भारत की ओर से कड़ा रुख अपनाते हुए पाकिस्तान के हर प्रोपेगेंडा का सजीव और मुंहतोड़ जवाब दिया गया।
'सिंधु का पानी रोका तो युद्ध मानेंगे...' शहबाज की धमकी
अपने संबोधन के दौरान पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने धमकी भरे लहजे में कहा कि भारत सिंधु नदी का पानी रोकने की कोई कोशिश न करे। उन्होंने चेतावनी दी कि पानी रोकने के किसी भी प्रयास को पाकिस्तान 'युद्ध की कार्रवाई' मानेगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पानी को कभी हथियार नहीं बनाया जाना चाहिए।
कश्मीर को बताया 'गर्दन की नस' और सिंधु संधि पर रोया रोना
शहबाज शरीफ ने अपनी पुरानी आदत दोहराते हुए UN में एक बार फिर कश्मीर का मुद्दा उठाया और इसे अपनी 'जगलर वेन' करार दिया, जिसके कटते ही इंसान की मौत हो जाती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा सिंधु जल संधि पर एकतरफा रोक लगाना गैरकानूनी है।
भारत का करारा पलटवार: पटेल गहलोत ने पाकिस्तान को धोया
पाकिस्तान के झूठे और भड़काऊ बयानों का जवाब देते हुए संयुक्त राष्ट्र में भारत की फर्स्ट सेक्रेटरी पटेल गहलोत ने 'राइट ऑफ रिप्लाई' के तहत पाकिस्तान को पूरी तरह बेनकाब कर दिया:
झूठ और आतंकवाद: भारत ने दो टूक कहा कि पाकिस्तान साल-दर-साल झूठ दोहराकर उसे सच नहीं बना सकता। सीमा पार आतंकवाद पाकिस्तान की पुरानी नीति रही है, और 9/11 हमले का मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन खुद पाकिस्तान में रहता था।
'फॉर्म 47 सरकार' और सेना का शासन: पटेल गहलोत ने तंज कसते हुए कहा कि पाकिस्तान में "सेना का, सेना द्वारा और सेना के लिए" शासन है। जिसे वहां के लोग खुद 'फॉर्म 47 सरकार' कहते हैं, उन्हें लोकतांत्रिक अधिकारों पर उपदेश देने का कोई हक नहीं है।
PoK के हालात: भारत ने PoK में लंबे समय से हो रही मनमानी हत्याओं, हिंसा और बुनियादी अधिकारों के हनन का कड़ा मुद्दा उठाया।
परमाणु बम बनाएगा जापान? चीन ने किया ‘भस्मासुर’ वाला कांड, टूट जाएंगी वो 3 कसमें
चीन और उत्तर कोरिया ताकत के घमंड में ‘भस्मासुर’ वाला कांड कर बैठे हैं. अब जापान अपनी वो 3 कसमें तोड़ने का इशारा कर चुका है, जो उसे न्यूक्लियर पावर हासिल करने से रोकती हैं. जापान के रक्षा मंत्री शिंजीरो कोइजुमी ने सुरक्षा नीति में बड़े बदलाव के संकेत दिए हैं. उन्होंने कहा कि जापान को बिना किसी झिझक के परमाणु हथियार हासिल करने और न्यूक्लियर सबमरीन बनाने पर खुलकर बात करनी चाहिए.
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