PM मोदी-ट्रम्प की फोन पर बातचीत:कूटनीतिक साझेदारी पर चर्चा; इस साल चौथी बार फोन पर बात, जून में मिले थे दोनों नेता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार को फोन पर बातचीत की। पीएम मोदी ने X पर पोस्ट करके इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया- दोनों नेताओं ने कूटनीतिक साझेदारी बढ़ाने पर चर्चा की। दोनों नेताओं के बीच इस साल की यह चौथी फोन पर बातचीत है। दोनों लीडर्स जून में G7 समिट के दौरान फ्रांस में मिले थे। दोनों नेताओं ने व्यापार और डिफेंस पर बातचीत की व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, तकनीक और दूसरे क्षेत्रों में भारत-अमेरिका सहयोग की समीक्षा की। दोनों ने भारत-अमेरिका की कॉम्प्रिहेंसिव ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप को आगे बढ़ाने के लिए लगातार संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई। मोदी और ट्रम्प ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा की। दोनों नेताओं ने वैश्विक शांति और सुरक्षा को आगे बढ़ाने की कोशिशों पर विचार साझा किए। 2026 में चौथी बार फोन पर चर्चा PM मोदी और ट्रम्प की बीच आज की बातचीत दोनों के बीच साल में चौथी बातचीत है। मोदी-ट्रम्प फ्रांस में G7 समिट के दौरान मिले थे PM मोदी और राष्ट्रपति ट्रम्प की इस साल 17 जून को फ्रांस में मुलाकात हुई थी। उस समय ट्रम्प ने कहा था कि, जब तक मैं प्रेसिडेंट हूं, व्हाइट हाउस में मोदी का हमेशा अच्छा दोस्त मौजूद रहेगा। अगर भारत पर हमला होता है और मोदी लीडर होंगे तो हम उनकी मदद करेंगे। वहीं ट्रम्प के साथ द्विपक्षीय बैठक में मोदी ने कहा कि समुद्र में भारतीयों की सुरक्षा जरूरी है। उम्मीद है कि ईरान के साथ डील में भारतीयों की सुरक्षा पक्की की जाएगी। ट्रम्प 2027 की शुरुआत में भारत आ सकते हैं राष्ट्रपति ट्रम्प साल 2027 की शुरुआत में भारत आ सकते हैं। न्यूज एजेंसी IANS के मुताबिक, व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने ये बयान दिया। ये ट्रम्प की राष्ट्रपति रहते हुए दूसरी भारत यात्रा हो सकती है। इससे पहले ट्रम्प साल 2020 में पहली बार भारत यात्रा पर आए थे। वे अहमदाबाद में 'नमस्ते ट्रम्प' कार्यक्रम में शामिल हुए थे। रूबियो से पूछा गया कि वे भारत की प्रगति, विकास और वैश्विक स्तर पर प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका को कैसे देखते हैं, तो उन्होंने कहा, ‘हम PM मोदी और उनके किए गए कार्यों के बहुत बड़े प्रशंसक हैं।’ --------------------------- यह खबर भी पढ़ें… ईरान ने अमेरिकियों से कहा- ट्रम्प भरोसे के लायक नहीं: मिडटर्म चुनाव से पहले सही फैसला लेने को कहा; परमाणु हथियार बनाने के दावे से भी इंकार ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिकी वोटरों के नाम 25 पेज की खुली चिट्ठी जारी की है। इसमें राष्ट्रपति ट्रम्प को भरोसे के लायक नहीं बताया गया है और अमेरिकी लोगों से सोच-समझकर फैसला लेने की अपील की गई है। पूरी खबर पढ़ें…
जिनपिंग के बॉडीगार्ड की पहचान उजागर:व्हाइट हाउस की गेस्ट लिस्ट में नाम-पद सामने आया, मोदी-जिनपिंग की बैठक में भी मौजूद थे
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ कई साल से एक अधिकारी विदेश दौरों और बड़ी बैठकों में नजर आता रहा है। वह कभी शी के पीछे खड़ा दिखा तो कभी उनके साथ मीटिंग में बैठा नजर आया। लेकिन चीन ने कभी सार्वजनिक तौर पर नहीं बताया कि वह कौन है और क्या जिम्मेदारी संभालता है। अब उसकी पहचान सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने शी जिनपिंग के सम्मान में पिछले हफ्ते अमेरिका में एक खास रात्रिभोज आयोजित किया था। इसमें शामिल चीनी मेहमानों की लिस्ट व्हाइट हाउस ने जारी की। इसी लिस्ट से पहली बार झोउ होंगशू का नाम और उनका पद सामने आया। होंगशू को सेंट्रल गार्ड ब्यूरो का डायरेक्टर बताया गया है। यह विभाग चीन के राष्ट्रपति और दूसरे बड़े नेताओं की सुरक्षा करता है। झोउ इसी महीने नई दिल्ली में शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात के दौरान भी मौजूद थे। पार्टी की बड़ी बैठक में दिखे, लेकिन प्रोफाइल सीक्रेट थी झोउ होंगशू के बारे में चीन में भी बहुत कम जानकारी सार्वजनिक है। उनकी पढ़ाई, शुरुआती नौकरी और पुराने पदों की पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। 2022 में चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की 20वीं बड़ी राष्ट्रीय बैठक हुई थी। इसमें झोउ होंगशू को भी प्रतिनिधि बनाया गया था। लेकिन तब भी उनकी पूरी प्रोफाइल सार्वजनिक नहीं की गई थी। चीन के पूर्व पार्टी अधिकारी देंग यूवेन ने CNN से कहा कि उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, झोउ ऐसे पहले बड़े सुरक्षा अधिकारियों में हो सकते हैं, जो इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में लगातार नजर आए हैं। आखिर इस अफसर की नौकरी इतनी सीक्रेट क्यों है? इसकी एक बड़ी वजह वह संस्था है, जिसमें झोउ होंगशू काम करते हैं। सेंट्रल गार्ड ब्यूरो चीन की बेहद गोपनीय सुरक्षा संस्थाओं में से एक है। यह चीन के शीर्ष नेताओं की सुरक्षा करता है। यह बीजिंग के झोंगनानहाई परिसर की सुरक्षा से भी जुड़ा है। इसी परिसर में चीन के शीर्ष नेता और कम्युनिस्ट पार्टी के बड़े अधिकारी काम करते हैं। चीन के सरकारी मीडिया ने इस ब्यूरो को पुलिस और सेना, दोनों से जुड़ी एक खास संस्था बताया है। यहां काम करने वाले अधिकारियों के लिए देश के शीर्ष नेतृत्व का भरोसा बेहद जरूरी माना जाता है। यही वजह है कि इस संस्था में काम करने वाले अधिकारियों के बारे में बहुत कम जानकारी सार्वजनिक होती है। खासकर उन अधिकारियों की जानकारी और भी सीमित रहती है, जो सीधे शीर्ष नेताओं की सुरक्षा और कार्यक्रमों से जुड़े होते हैं। 2018 से अलग-अलग मौकों पर जिनपिंग के साथ दिखे 2018: चीन की सेना के नॉर्दर्न थिएटर कमांड के निरीक्षण के दौरान वह तत्कालीन सेंट्रल गार्ड ब्यूरो प्रमुख वांग शाओजुन के साथ नजर आए थे। दोनों ने उस समय सैन्य वर्दी पहन रखी थी। 2019: शी जिनपिंग जब नेपाल की तत्कालीन राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी से काठमांडू में मिले थे, तब भी झोउ उनके पीछे बैठे दिखाई दिए थे। 2023: सैन फ्रांसिस्को में हुए एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग यानी APEC समिट के दौरान भी वह शी के साथ नजर आए। इन मौकों की वजह से यह अनुमान लगाया जाता रहा है कि झोउ का पुराना करियर चीन की सेना यानी PLA से जुड़ा रहा होगा। हालांकि उनके पुराने पदों की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। झोउ से पहले वाले अफसर की मौत भी रही रहस्य झोउ से पहले सेंट्रल गार्ड ब्यूरो के डायरेक्टर वांग शाओजुन थे। अप्रैल 2023 में उनकी मौत हो गई थी। चीन के सरकारी मीडिया ने उनकी मौत की जानकारी करीब तीन महीने बाद दी थी। मौत की वजह किसी बीमारी को बताया गया, लेकिन बीमारी का नाम नहीं बताया गया। उनकी मौत के बाद ही सरकारी मीडिया ने पहली बार आधिकारिक तौर पर बताया कि वांग सेंट्रल गार्ड ब्यूरो के डायरेक्टर थे। इसके बाद उनके उत्तराधिकारी के नाम की सार्वजनिक घोषणा नहीं हुई थी। अगली पार्टी कांग्रेस से पहले झोउ पर नजर चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की 21वीं राष्ट्रीय कांग्रेस अगले साल अक्टूबर में होने वाली है। यह हर पांच साल में होने वाली बड़ी बैठक है, जिसमें पार्टी के टॉप लीडरशिप में बदलाव हो सकते हैं। मौजूदा कई वरिष्ठ नेता तब 70 साल से ज्यादा उम्र के हो जाएंगे। इनमें चीन के शीर्ष राजनयिक वांग यी भी शामिल हैं, जो अगले साल 73 साल के हो जाएंगे। ऐसे में पार्टी के युवा अधिकारियों की भूमिका पर भी नजर रहेगी। झोउ की हालिया सार्वजनिक मौजूदगी को भी इसी से जोड़कर देखा जा रहा है। ----------------------- ये खबर भी पढ़ें… ब्रिटिश एयरबेस के पास आतंकी साजिश का शक, 5 गिरफ्तार: नकाबपोश लोगों को देखकर महिला ने पुलिस बुलाई ब्रिटेन में RAF फेयरफोर्ड एयरबेस के पास आतंकी साजिश के शक में 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। रविवार सुबह एक महिला ने पुलिस को 3 संदिग्ध वैन के बारे में में जानकारी दी थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…
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