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बेकाबू हुआ ओपन एआई सिस्टम अमेरिकी सरकारी वेबसाइट में घुसा:डेटा निकालकर इंटरनेट पर डाला, हैकिंग की भी कोशिश; लैब को भनक तक नहीं लगी

चैटजीपीटी बनाने वाली कंपनी ओपनएआई का AI सिस्टम बेकाबू हो गया। अपनी लैब को बताए बिना ही कामर्स डिपार्टमेंट और अमेरिकी शेयर मार्केट रेगुलेटर SEC की वेबसाइटों से डेटा निकाल लिया। अमेरिका के शिक्षा विभाग की वेबसाइट को हैक करने की भी कोशिश की। कॉमर्स डिपार्टमेंट और SEC की वेबसाइट पर हुई इस गड़बड़ी को खुद ओपनएआई ने सही माना है। कंपनी ने कहा कि वह शिक्षा विभाग वाले मामले की पड़ताल कर रही है। ओपनएआई के मुताबिक, उसने पिछले कुछ हफ्तों में खुद सरकारी एजेंसियों को बताया था कि उसके ऑटोमेटेड एआई एजेंट्स ने उनकी वेबसाइटों पर अजीब हरकतें की हैं। AI एजेंट ने डेटा की कॉपी बनाई, इंटरनेट पर पोस्ट की न्यू यॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में बताया गया है कि AI एजेंट्स ने SEC की वेबसाइट का पब्लिक डेटा एक ऑनलाइन फोरम पर शेयर कर दिया। वहीं AI ने ऑनलाइन मिले लॉगिन क्रेडेंशियल्स से कॉमर्स डिपार्टमेंट के तहत आने वाले सेंसस ब्यूरो की वेबसाइट से डेटा निकाला। कंपनी बोली- ये घटना हैकिंग के दायरे में नहीं आती ओपनएआई का दावा है कि ये घटनाएं किसी बड़े डेटा लीक या हैकिंग के दायरे में नहीं आती हैं। हालांकि इससे साफ है कि सिस्टम ने चिंता पैदा करने वाला काम किया। कंपनी को इन घटनाओं का पता तब चला जब वह टेक स्टार्टअप 'हगिंग फेस' पर अपने सिस्टम से हुई सेंधमारी की पड़ताल कर रही थी। एजेंसियां बोलीं- कोई संवेदनशील डेटा लीक नहीं मामला सामने आने के बाद शेयर बाजार नियामक SEC के प्रवक्ता ने कहा कि एआई एजेंट्स ने किसी भी नॉन-पब्लिक या गोपनीय डेटा को एक्सेस नहीं किया। एजुकेशन डिपार्टमेंट के प्रवक्ता ने बताया कि डेटाबेस को कोई नुकसान नहीं हुआ हैं। वहीं, कॉमर्स डिपार्टमेंट की ओर से इस पर तुरंत कोई बयान नहीं आया है। गूगल, मेटा, एंथ्रोपिक के AI भी कर चुके गड़बड़ियां अमेरिकी सरकार की वेबसाइटों से जुड़े इन मामलों के सामने आने के बाद ऐसी घटनाओं की लिस्ट और लंबी हो गई है। ओपनएआई, एंथ्रोपिक, मेटा और गूगल के एआई एजेंट्स ने कंपनियों, यूनिवर्सिटीज और सरकारी सिस्टम में सेंध लगाने या हैक करने की कोशिश की है। इनमें से कुछ कोशिशें कामयाब रहीं और कुछ नाकाम। बड़ी बात यह है कि इन सभी मामलों में खुद कंपनियों को भी बाद में पता चला कि उनका एआई पर्दे के पीछे क्या कर रहा था। सिस्टम बेकाबू होने के मामलों में सबसे ज्यादा नाम ओपनएआई का सामने आया है। ओपनएआई की प्रवक्ता के अनुसार, जांच बड़े पैमाने पर चल रही है और जिन संस्थाओं पर असर पड़ा है, उन्हें जानकारी दी जाती रहेगी। उन्होंने बताया कि ज्यादातर मामले सामान्य रिसर्च टास्क से जुड़े थे, जहां एआई भरोसेमंद जानकारी जुटाने के लिए सरकारी वेबसाइटों पर गया था। सैम ऑल्टमैन बोले- घटनाओं की जानकारी बाहर लाने में देरी हुई ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने सोशल मीडिया पर माना कि इन घटनाओं की जानकारी बाहर लाने में कंपनी से देरी हुई है। उन्होंने कहा कि टीम मामलों की गंभीरता के आधार पर काम कर रही है और 'हगिंग फेस' में हुई सेंधमारी अब तक का सबसे गंभीर मामला है। AI एजेंट ऑस्ट्रेलिया की सरकारी वेबसाइट में भी घुस गए थे दो दिन दिन पहले खुलासा हुआ था इन ओपन एआई के AI एजेंट्स ने ऑस्ट्रेलिया की सरकारी वेबसाइट का भी एक्सेस हासिल कर लिया था। यह घटना जून में हुई थी, लेकिन सरकार को इसकी जानकारी सितंबर में मिली। एआई को बेकाबू होने से रोकने के लिए 'किल स्विच' की बात हो रही कई देश और एक्सपर्ट चाहते हैं कि एआई कंपनियों के लिए एक इमरजेंसी 'किल स्विच' बनाया जाए, जिससे खतरा दिखने पर पूरे एआई को एक झटके में बंद किया जा सके। ओपनएआई ऐसे ऑटोमेटेड टूल्स तैयार करने में जुटी है, लेकिन एक्सपर्ट्स के अनुसार, दुनिया भर के नेटवर्क से जुड़े AI को किसी एक स्विच से बंद करना लगभग नामुमकिन है। वहीं यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स के डॉ. हैमंड पिएर्स ने चेतावनी दी है कि ऐसे मामले आगे चलकर और खतरनाक हो सकते हैं। ये सरकारों के लिए खतरे की बड़ी घंटी है। यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी के डॉ. राफेल सिरिएलो ने कहा कि इस बार कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन एआई लगातार ताकतवर होता जा रहा है। इसकी 24 घंटे निगरानी जरूरी है। किसी भी गड़बड़ी की तुरंत रिपोर्टिंग को अनिवार्य करना होगा। 2030 तक इंसानों के लिए जानलेवा बन सकता है AI बीते दिनों गूगल डीपमाइंड के पूर्व वैज्ञानिक बिलाल चुगताई और एंथ्रोपिक के रिसर्चर जैकब कॉक्सन ने एआई के छिपे खतरों से दुनिया को आगाह करते हुए इस्तीफा दे दिया था। बिलाल ने चेतावनी दी है कि एआई पूरी मानव जाति को खत्म कर सकती है और इसे रोकने के लिए बेहद कम समय बचा है। वहीं जैकब कॉक्सन ने X पर लिखा कि खुद AI डेवलपर्स यह मानते हैं कि 2030 तक यह तकनीक इंसानों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। ----------------------------------- AI से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… गेट्स बोले-AI के गलत इस्तेमाल से 100 करोड़ मौतें संभव:अमेरिकी सरकार इस पर कानून बनाए; ऑस्ट्रेलिया में AI सरकारी पोर्टल हैक कर चुका माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने चेतावनी दी है कि गलत हाथों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI इतना ताकतवर हो सकता है कि इससे 100 करोड़ लोगों की मौत तक हो सकती है। एक इंटरव्यू में गेट्स ने कहा कि बुरे इरादे वाले लोगों के साथ AI टूल्स का मेल अब तक के किसी भी हथियार से ज्यादा खतरनाक हो सकता है। उन्होंने खतरे को गंभीरता से लेने को कहा है। पूरी खबर पढ़ें…

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कैप्टन स्मित की बहादुरी आकांक्षी पायलटों के लिए प्रेरणा बनेगी : परिजन

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  Sports

Sanju Samson बोले, अनुभवी India A टीम उतारने से Asian Games Final में Pakistan पर दबाव बना

 विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन ने कहा कि भारत को एशियाई खेलों में पुरुष क्रिकेट का स्वर्ण पदक ‘थाली में परोसा हुआ’ नहीं मिला और अनुभवी खिलाड़ियों की ‘ए’ टीम को उतारने से पाकिस्तान के खिलाफ रोमांचक फाइनल में दबाव से निपटने में मदद मिली। भारत ने शनिवार को यहां चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 19 रन से हराकर महाद्वीपीय प्रतियोगिता में पुरुष क्रिकेट का स्वर्ण पदक बरकरार रखा। सैमसन ने मैच के बाद कहा, ‘‘हमारे पास काफी अनुभवी टीम थी। 

यहीं अनुभवी खिलाड़ियों का अनुभव काम आता है। हमें पता था कि अपनी ऊर्जा को कैसे संभालना है, खुद को कैसे प्रेरित और एकाग्र रखना है, भले ही अभ्यास या मैच नहीं हो रहे हों।’’ भारत को नियमित टी20 खिलाड़ियों को टीम में शामिल करने के फैसले से इस बड़े मुकाबले में दमखम और संयम के साथ खेलने में मदद मिली। सैमसन ने कहा, ‘‘‘ए’ टीम को लाना वास्तव में काफी मददगार रहा और पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल में भी यही देखने को मिला। मुझे लगता है कि यह सभी के लिए एक उचित मुकाबला था।’’ भारत ने अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा के अर्धशतकों की मदद से छह विकेट पर 211 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया जिसके जवाब में पाकिस्तान की टीम रोमांचक फाइनल में छह विकेट पर 192 रन ही बना सकी।

 हालांकि, फाइनल एकतरफा मुकाबला नहीं रहा। बल्लेबाजी के लिए अनुकूल पिच पर पाकिस्तान के आक्रामक जवाब ने आखिरी चरण तक मुकाबले में रोमांच बनाए रखा। सैमसन ने कहा, ‘‘आखिरकार हमें एक अच्छा मैच खेलने को मिला। पहली पारी में हमने 200 रन बनाए और लगा कि दूसरी पारी पाकिस्तान के लिए मुश्किल हो सकती है लेकिन विकेट अच्छा था और उन्होंने भी अच्छी बल्लेबाजी की। सभी को एक अच्छा फाइनल देखने को मिला।’’ 

उन्होंने कहा, ‘‘हमें स्वर्ण पदक थाली में परोसा हुआ नहीं मिला। इसके लिए हमें कड़ी मेहनत करनी पड़ी। इससे यह जीत और भी संतोषजनक हो जाती है और हम सभी खुश हैं।’’ सैमसन ने माना कि टीम इस मुकाबले की अहमियत से वाकिफ थी लेकिन खिलाड़ियों ने इस बड़े अवसर को अपने खेलने के तरीके पर हावी नहीं होने दिया। 

उन्होंने कहा, ‘‘निश्चित रूप से यह हम सभी के लिए अपने देश का एशियाई खेलों के फाइनल में प्रतिनिधित्व करने का बड़ा अवसर और बड़ा मुकाबला था।’’ सैमसन ने कहा, ‘‘मैच से पहले और बाद में ऐसा ही होता है। लेकिन एक बार मैच शुरू हो जाने के बाद हम मुकाबले की मांग और मैच की परिस्थितियों के मुताबिक खेलते हैं।

Sun, 04 Oct 2026 14:16:00 +0530

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