K Sudhakaran ने Kerala CM के खिलाफ बयान देने से किया इनकार, फर्जी पोस्ट की जांच मांगी
कन्नूर (केरलम), तीन अक्टूबर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा सदस्य के. सुधाकरन ने केरलम के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन के खिलाफ कोई बयान देने की बात से शनिवार को इनकार किया और कहा कि उनके नाम से कथित फर्जी व्हाट्सऐप संदेश व पोस्ट साझा किए जाने के मामले की जांच होनी चाहिए। सुधाकरन ने फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने ऐसे फर्जी संदेश व पोस्टर देखे हैं, जिनमें दावा किया गया है कि उन्होंने मुख्यमंत्री के खिलाफ बयान दिए हैं। यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्य में सत्तारूढ़ संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के संयोजक और कांग्रेस सांसद अदूर प्रकाश ने हाल ही में सहयोगी दलों से विचार-विमर्श किए बिना फैसले लेने के लिए राज्य सरकार की आलोचना की थी।
इससे यूडीएफ में राजनीतिक घमासान शुरू हो गया। सुधाकरन ने प्रकाश की टिप्पणियों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। उन्होंने इन संदेशों को बेबुनियाद और तथ्यों के विपरीत बताया।
सुधाकरन ने आरोप लगाया कि जनता को गुमराह करने और उनकी छवि खराब करने के लिए जानबूझकर ऐसा किया जा रहा है। सुधाकरन ने कहा कि उन्होंने गृह मंत्री रमेश चेन्निथला को पत्र लिखकर कथित फर्जी अभियान में शामिल लोगों की पहचान करने और साइबर कानूनों के तहत कड़ी कार्रवाई शुरू करने की मांग की। उन्होंने गृह मंत्री को भेजे गए पत्र की एक प्रति भी साझा की।
MPSC अध्यक्ष इस्तीफा दें, Rahul Gandhi ने महाराष्ट्र सरकार से 70,000 रिक्त पद भरने को कहा
नयी दिल्ली, तीन अक्टूबर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने महाराष्ट्र के प्रदर्शनकारी छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा है कि राज्य लोकसेवा आयोग ‘एमपीएससी’ के अध्यक्ष को इस्तीफा देना चाहिए और उनकी जगह ईमानदार एवं योग्य अधिकारी की नियुक्ति की जानी चाहिए। गांधी ने राज्य में 70,000 से अधिक रिक्त सरकारी पदों को तत्काल भरने की मांग भी की। उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि महाराष्ट्र के छात्रों ने पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान उनके सामने पेपर लीक, रुकी हुई भर्तियों, महंगी पढ़ाई, खराब छात्रावासों, भोजन की गुणवत्ता और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) में कथित धोखाधड़ी जैसी समस्याएं रखी थीं।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से एमपीएससी में सुधार करने, परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और छात्रों की समस्याएं सुनने को कहा था, लेकिन इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई। गांधी ने कहा कि इसी कारण छात्र अब पुणे में सत्याग्रह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगें अनुचित नहीं हैं और सरकार को आश्वासन देने के बजाय उनपर कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र स्पर्धा परीक्षा समन्वय समिति नामक संगठन ने अपना आंदोलन ‘सत्याग्रह’ के मंच के साथ संबद्ध किया है और युवा कांग्रेस तथा एनएसयूआई लगातार इस आंदोलन के साथ खड़े रहे हैं। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने युवा कांग्रेस और एनएसयूआई से छात्रों की मांगें पूरी होने तक उनके साथ खड़े रहने को कहा है। उन्होंने यह भी कहा कि वह इस मुद्दे को महाराष्ट्र सरकार के समक्ष फिर से उठाएंगे और इसके स्थायी समाधान की मांग करेंगे।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि छात्रों का भविष्य तय करने वाली संस्था पर ‘‘कब्जा’’ कर लिया गया है और कहा कि इसे ऐसे ही नहीं चलने दिया जाएगा। गांधी ने सत्याग्रह मंच की शुरुआत जनहित के मुद्दों को उठाने और लोकतांत्रिक तरीके से आवाज़ बुलंद करने के उद्देश्य से की। उनका कहना है कि न्याय के लिए संघर्ष कर रहे लोग इस मंच के जरिये अपनी आवाज उठा सकते हैं।
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