उपासना सिंह ने खोली इंडस्ट्री की कड़वी सच्चाई की पोल, बोलीं- ग्लैमर के पीछे छिपा है अंधेरा
Upasana Singh on Film Industry: ‘द कपिल शर्मा शो’ में पिंकी बुआ के किरदार से घर-घर में पहचान बनाने वाली एक्ट्रेस उपासना सिंह ने एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री की उस सच्चाई को उजागर किया है, जो अक्सर कैमरे की चमक में छिपी रह जाती है. उन्होंने बताया कि बाहर से बेहद ग्लैमरस दिखने वाली ये इंडस्ट्री अंदर से संघर्ष, गरीबी और अनिश्चितता (uncertainty) से भरी हुई है.
'हकीकत बिल्कुल अलग है'
आईएएनएस से खास बातचीत में उपासना सिंह ने कहा कि आम लोगों को लगता है कि फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में काम करना आसान है और कलाकार ऐशो-आराम की जिंदगी जीते हैं, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है. उन्होंने बताया कि जब वो सिनेमा, टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन की जनरल सेक्रेटरी बनीं, तब उन्हें कलाकारों की वास्तविक स्थिति का अंदाजा हुआ.
उपासना ने किया खुलासा
उपासना ने खुलासा किया कि कई कलाकार ऐसे हैं जो साल भर में मुश्किल से 1,200 रुपये कमा पाते हैं. कुछ को पूरे साल में केवल चार-पांच दिन ही काम मिल पाता है. इतना ही नहीं, 5,000 रुपये की दिहाड़ी में से कोऑर्डिनेटर द्वारा 25 प्रतिशत कमीशन काट लिया जाता है, और भुगतान भी 90 से 120 दिन बाद मिलता है. मुंबई जैसे महंगे शहर में किराया, बच्चों की स्कूल फीस और घरेलू खर्च उठाना उनके लिए बेहद मुश्किल हो जाता है.
उन्होंने आगे कहा कि टीडीएस और कमीशन कटने के बाद कलाकारों के हाथ में बहुत कम पैसा बचता है. कई बार हालात इतने खराब होते हैं कि उनके पास इलाज तक के पैसे नहीं होते. डॉक्टर के पास जाना और अपनी सेहत का ध्यान रखना उनके लिए एक लग्जरी बन जाता है. वो केवल इंडस्ट्री में बने रहने के लिए लगातार संघर्ष करते रहते हैं.
'दूसरे कलाकारों की हालत देखी, तो दिल टूट गया'
इस विषय पर बात करते हुए उपासना सिंह भावुक हो गईं. उन्होंने कहा, “भगवान की कृपा से मुझे अच्छा काम मिला, लीड रोल मिले और दर्शकों का प्यार मिला. लेकिन जब मैंने दूसरे कलाकारों की हालत देखी, तो दिल टूट गया. अब हम एसोसिएशन के जरिए उनकी हर संभव मदद करने की कोशिश कर रहे हैं.”
Lalita Jayanti 2026: कब रखा जाएगा ललिता जयंती का व्रत? नोट कर लें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व
Lalita Jayanti 2026: ललिता जयंती हिंदू पंचांग के अनुसार माघ माह की पूर्णिमा को मनाई जाती है. इस दिन मां षोडशी, जिन्हें त्रिपुर सुंदरी भी कहा जाता है, की विशेष पूजा होती है. वर्ष 2026 में यह पर्व रविवार, 1 फरवरी को पड़ेगा. भक्त इस दिन व्रत रखते हैं और मां से सुख, शांति और आध्यात्मिक बल की कामना करते हैं. चलिए आपको ललिता जयंती पर शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व के बारे में बताते हैं.
कौन है देवी ललिता?
शास्त्रों के अनुसार, देवी ललिता के तीन रूप बताए गए हैं. पहला रूप आठ वर्ष की बालिका का है, जिसे त्रिपुर सुंदरी कहा जाता है. दूसरा रूप सोलह वर्ष की किशोरी का है, जिसे मां षोडशी कहते हैं. तीसरा रूप युवा देवी ललिता का है. मान्यता है कि ये तीनों स्वरूप मन, बुद्धि और चित्त से जुड़े होते हैं. देवी ललिता को मनोकामनाएं पूरी करने वाली और मोक्ष का मार्ग दिखाने वाली शक्ति माना जाता है.
ललिता जयंती की सही तिथि 2026
पंचांग के अनुसार, माघ पूर्णिमा तिथि 1 फरवरी 2026 को सुबह 5:52 बजे शुरू होगी. इसका समापन 2 फरवरी को सुबह 3:38 बजे होगा. उदयातिथि के आधार पर व्रत और पूजा 1 फरवरी को करना शुभ माना गया है.
पूजा के शुभ मुहूर्त
भक्त इन समयों में पूजा कर सकते हैं:
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:24 से 6:17 तक
प्रातः संध्या: सुबह 5:57 से 7:13 तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:30 से 1:15 तक
सायं संध्या: शाम 6:32 से रात 7:48 तक
ललिता जयंती की पूजा विधि
दिन की शुरुआत स्नान और स्वच्छ वस्त्र पहनकर करें. पूजा स्थान को साफ करें और गंगाजल छिड़कें. चौकी पर सफेद कपड़ा बिछाएं. उस पर मां ललिता की प्रतिमा या चित्र रखें. धूप और दीप जलाएं. फूल, अक्षत, फल और कुमकुम अर्पित करें. इसके बाद मां की कथा का पाठ करें. अंत में आरती करें और प्रसाद बांटें. व्रत रखने वाले भक्त शाम को विशेष भोग भी चढ़ाते हैं.
ललिता जयंती का महत्व
देवी ललिता को दस महाविद्याओं में से एक माना जाता है. उनकी पूजा से ज्ञान बढ़ता है. सुख और समृद्धि मिलती है. आध्यात्मिक शक्ति मजबूत होती है. मान्यता है कि मां की कृपा से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और जीवन में शांति आती है.
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