दिल्ली में नकली नोटों का बड़ा रैकेट बेनकाब, 18.23 लाख की जाली करेंसी बरामद, 4 गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की वेस्ट डिस्ट्रिक्ट एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड ने नकली करेंसी तैयार करने और सप्लाई करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के कब्जे और उनके ठिकाने से कुल 18 लाख 23 हजार 800 रुपये की नकली करेंसी बरामद की गई है. बरामद जाली नोटों में 500 और 100 रुपये के नोट शामिल हैं. पुलिस ने तैयार और अधबने नकली नोटों के साथ नकली करेंसी तैयार करने में इस्तेमाल होने वाला लैपटॉप, हार्ड डिस्क और प्रिंटिंग उपकरण भी बरामद किया है.
250 नकली नोटों के साथ पकड़ा गया पहला आरोपी
पुलिस के मुताबिक, 1 अक्टूबर को हेड कॉन्स्टेबल प्रवीण और हेड कॉन्स्टेबल विनोद जनकपुरी के गेट नंबर-2, सी-2सी ब्लॉक के पास गश्त कर रहे थे. इसी दौरान पुलिस टीम ने एक संदिग्ध युवक को देखा, जिसने पुलिस को देखकर भागने की कोशिश की. पुलिस ने उसे पकड़कर तलाशी ली तो उसके पास से 500 रुपये के 250 नकली नोट, यानी कुल 1 लाख 25 हजार रुपये की जाली करेंसी बरामद हुई.
एफएसएल विशेषज्ञ ने मौके पर ही नोटों की जांच कर उनके नकली होने की पुष्टि की. इसके बाद जनकपुरी थाने में FIR नंबर 409/2026 दर्ज की गई.
पूछताछ में खुला नकली नोटों की सप्लाई का नेटवर्क
पुलिस की पूछताछ में आरोपी अंकित कुमार ने बताया कि उसे नकली नोट गगनदीप सिंह उर्फ मन्नी और कुलवंत सिंह उर्फ काके से मिले थे. इसके बाद पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों को 2 अक्टूबर को बलजीत नगर, पटेल नगर से गिरफ्तार किया.
दोनों की निशानदेही पर बलजीत नगर की गली नंबर 21 स्थित किराए के कमरे की तलाशी ली गई. यहां से 16 लाख 98 हजार 800 रुपये की तैयार और अधबनी नकली करेंसी बरामद हुई. साथ ही नकली नोट तैयार करने के लिए इस्तेमाल होने वाला प्रिंटिंग और प्रोसेसिंग सामान भी मिला.
जांच के दौरान कमरे के मकान मालिक अमित को भी गिरफ्तार किया गया. पुलिस के मुताबिक, अमित को कमरे में चल रही गतिविधियों की जानकारी थी और बाद में वह भी नकली नोट तैयार करने के काम में शामिल हो गया.
प्रिंटिंग और फोटोशॉप के अनुभव का इस्तेमाल
पुलिस के मुताबिक, गगनदीप को प्रिंटिंग और डाई-कटिंग मशीन चलाने का अनुभव था, जबकि कुलवंत को ग्राफिक डिजाइनिंग और फोटोशॉप की जानकारी थी. दोनों ने अपनी तकनीकी जानकारी का इस्तेमाल कर किराए के कमरे में नकली नोट तैयार करने का काम शुरू किया था.
पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने नकली नोट तैयार करने और उनकी प्रोसेसिंग की तकनीक सीखने के लिए ऑनलाइन वीडियो और ट्यूटोरियल भी देखे थे. अमित ने कमरे को किराए पर उपलब्ध कराया और बाद में इस गतिविधि में शामिल हो गया, जबकि अंकित नकली नोटों को आगे सप्लाई करने का काम करता था.
क्या-क्या बरामद हुआ?
- 18.23 लाख रुपये की नकली करेंसी
- 500 और 100 रुपये के नकली नोट
- तैयार और अधबने नकली नोट
- एक लैपटॉप और हार्ड डिस्क
- स्क्रीन प्रिंटिंग फ्रेम
- वॉटरमार्क डाई
- कॉटन फाइबर शीट
- सिक्योरिटी थ्रेड सामग्री
- हीट लैमिनेटिंग मशीन
- कलर प्रिंटर और प्रिंटिंग इंक
- स्टेपर, कटर और अन्य उपकरण
DCP West का बयान
डीसीपी वेस्ट डिस्ट्रिक्ट हरेश्वर वी. स्वामी, IPS ने बताया कि एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड की कार्रवाई में नकली करेंसी तैयार करने और सप्लाई करने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. उनके पास से कुल 18.23 लाख रुपये की नकली करेंसी और नकली नोट तैयार करने में इस्तेमाल होने वाला प्रिंटिंग एवं प्रोसेसिंग सामान बरामद हुआ है. पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और नकली नोटों के स्रोत से लेकर इन्हें आगे सप्लाई करने वाले लोगों तक की पूरी चेन का पता लगाया जा रहा है. पुलिस के मुताबिक, मामले में आगे की जांच जारी है और नकली करेंसी की खरीद, तैयारी, भंडारण और वितरण से जुड़े अन्य लोगों और ठिकानों की पहचान की जा रही है.
'विकास भी, विरासत भी और जनसुविधा भी', धामी सरकार ने तेज की शहरों को संवारने की कवायद
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में प्रदेश के शहरों को बेहतर सुविधाओं, सुंदर स्वरूप और सुनियोजित विकास से जोड़ने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है. इसी क्रम में आवास एवं राज्य सम्पत्ति सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने हल्द्वानी/ऊधमसिंह नगर विभिन्न प्रस्तावित और निर्माणाधीन विकास परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण करद अधिकारियों को गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ कार्य पूरा करने के निर्देश दिए.
शहर के चौराहों को मिलेगी नई पहचान
हल्द्वानी/ऊधमसिंह नगर क्षेत्र में विकास एवं सौंदर्यीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हल्द्वानी स्थित हैराखान चौराहे पर मानसखंड थीम आधारित रोटरी तथा कुसुमखेड़ा चौराहे पर नारी शक्ति थीम आधारित रोटरी विकसित किए जाने की योजना है. इन परियोजनाओं के जरिए शहर के प्रमुख चौराहों को आकर्षक स्वरूप देने के साथ उत्तराखंड की संस्कृति और नारी शक्ति कीद थीम को भी प्रदर्शित किया जाएगा.
डीके पार्क में ओपन जिम और हरियाली
रामलीला ग्राउंड के समीप स्थित डी.के. पार्क के सौंदर्यीकरण एवं विकास का कार्य भी प्रस्तावित है. पार्क में आमजन की सुविधा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए ओपन जिम उपकरण स्थापित किए जाएंगे. इसके साथ ही नरीमन क्षेत्र से लगभग 200 मीटर मार्ग के रोड मीडियन में वृक्षारोपण एवं हरितीकरण का कार्य प्रस्तावित किया गया है. इन सभी कार्यों के अनुमान तैयार किए जा चुके हैं और टेंडर प्रक्रिया की तैयारियां चल रही हैं. प्रस्तावित कार्यों के टेंडर इसी माह आमंत्रित किए जाने प्रस्तावित हैं.
हाईकोर्ट के लिए प्रस्तावित भूमि का भी निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान हाईकोर्ट हेतु प्रस्तावित भूमि का भी स्थलीय निरीक्षण कराया गया. अधिकारियों ने सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार को प्रस्तावित स्थल और उससे संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई. सचिव ने सभी परियोजनाओं को समन्वय के साथ आगे बढ़ाने के निर्देश दिए.
ऊधमसिंह नगर में विकास परियोजनाओं की भी समीक्षा
इसी क्रम में ऊधमसिंह नगर के रुद्रपुर, किच्छा और सितारगंज क्षेत्र में निर्माणाधीन विकास कार्यों का भी स्थलीय निरीक्षण किया गया. रुद्रपुर में मोदी मैदान के समीप प्रस्तावित इंडोर एवं आउटडोर स्टेडियम की कार्ययोजना और ले-आउट का निरीक्षण करते हुए पूर्व में दिए गए सुझावों और संशोधनों को शामिल कर निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए गए.
किच्छा में आधुनिक बस अड्डे की सराहना
ग्राम खुर्पिया फार्म, किच्छा में 3.50 एकड़ भूमि पर 12.48 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित अत्याधुनिक बस अड्डे का भी निरीक्षण किया गया. कार्य पूर्ण होने के बाद बस अड्डे को 15 अप्रैल 2026 को उत्तराखंड परिवहन विभाग को हस्तांतरित किया जा चुका है. सचिव ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की सराहना की. उन्होंने कहा कि एम्स सैटेलाइट सेंटर और पंतनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निकट होने के कारण यह बस अड्डा क्षेत्रीय आवागमन के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा.
सितारगंज में पार्किंग और जनसुविधाओं को विस्तार
सितारगंज के मुख्य बाजार में 3.51 एकड़ भूमि पर 9.75 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किए जा रहे पार्क एवं पार्किंग कॉम्प्लेक्स का भी निरीक्षण किया गया. परियोजना में 48 वाहनों की पार्किंग, 12 आधुनिक दुकानें, प्रसाधन सुविधाएं, ओपन जिम, किड्स प्ले एरिया और लैंडस्केपिंग कार्य शामिल हैं. सचिव ने अवशेष फिनिशिंग कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए.
डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा- विकास का लाभ सीधे जनता तक पहुंचे
आवास एवं राज्य सम्पत्ति सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देश हैं कि विकास योजनाओं का लाभ सीधे आमजन तक पहुंचे. इसी उद्देश्य से प्रस्तावित और निर्माणाधीन परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया गया है. शहरों में सौंदर्यीकरण, हरितीकरण, पार्क, रोटरी और जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों को तेजी से धरातल पर उतारा जाएगा. उन्होंने कहा कि सभी कार्य गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरे किए जाएं, ताकि आमजन को बेहतर सुविधाएं मिल सकें. ऊधमसिंह नगर में भी बस अड्डे, स्टेडियम और पार्किंग जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई है.
अधिकारी रहे मौजूद
सचिव, आवास डॉ आर राजेश कुमार के इस निरीक्षण में श्री जय किशन, उपाध्यक्ष, जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण, ऊधम सिंह नगर, श्री पंकज कुमार उपाध्याय, सचिव, जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण, ऊधम सिंह नगर, श्री पी. के. दीक्षित, अधीक्षण अभियंता, सिंचाई विभाग, ऊधम सिंह नगर, श्री नरेन्द्र नवानी, परियोजना प्रबन्धक उत्तराखण्ड पेयजल निर्माण निगम, श्री कैलाश डुंगवाल, सहायक अभियंता, जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण, ऊधम सिंह नगर के साथ ही संयुक्त सचिव श्री ए.पी. बाजपेयी, सहायक अभियंता श्री अभिषेक, अवर अभियंता श्री समीर अहमद, श्री प्रदीप सिंह, श्री रोहित बिष्ट, श्री प्रदीप अवस्थी, सुश्री टिया डालाकोटी एवं सुश्री प्रेरणा नैनवाल सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे.
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