UPI AutoPay: खाते से चुपचाप कट रहे पैसे? पुराने ऑटो-पे मैंडेट ऐसे खोजें और बंद करें
हर महीने बैंक खाते से 199, 299 या 499 रुपए कट रहे और आपको याद भी नहीं कि पैसे किस चीज के जा रहे? इसकी वजह कोई पुराना यूपीआई ऑटोपे निर्देश हो सकता। ओटीटी की मेंबरशिप, मोबाइल ऐप की मेंबरशिप, बीमा प्रीमियम या दूसरे बिल के लिए कभी शुरू किया गया अपने आप होने वाला भुगतान, सेवा का इस्तेमाल बंद करने के बाद भी चालू रह सकता। ऐसे में अगली बार पैसे कटने का इंतजार करने के बजाय अपने यूपीआई से जुड़े सक्रिय ऑटोपे निर्देशों की जांच करना बेहतर है।
सबसे पहले यूपीआई ऐप में ऑटो-पे जांचें
अपने यूपीआई ऐप में ऑटोपे या नियमित भुगतान से जुड़ा सेक्शन खोलें। अलग-अलग ऐप में इसका नाम अलग हो सकता। यह विकल्प बैंक खाते को संभालने वाले हिस्से में भी मिल सकता।
यहां सक्रिय ऑटोपे निर्देशों की पूरी सूची देखें। किस कंपनी या सेवा के लिए भुगतान तय है, अधिकतम कितनी रकम कट सकती, भुगतान हर महीने होगा या किसी दूसरी अवधि में और यह निर्देश कब तक वैध है- इन सभी बातों की जांच करें। यह भी देखें कि पैसा आपके किस बैंक खाते से कटेगा।
अगर आप एक से ज्यादा यूपीआई ऐप इस्तेमाल करते हैं तो सक्रिय ऑटोपे की जांच और जरूरी हो जाती। एनपीसीआई के बेहतर किए गए यूपीआई ऑटोपे सिस्टम में इससे जुड़ी सुविधा देने वाले यूपीआई ऐप के जरिए सक्रिय भुगतान निर्देशों को देखने और उन्हें संभालने की सुविधा दी गई है।
बैंक खाते का डिटेल भी जांचें
सिर्फ उन सेवाओं की सूची पर भरोसा न करें, जिनकी सदस्यता आपको याद है। पुराने ऑटोपे निर्देश लंबे समय तक सक्रिय रह सकते हैं। अपने बैंक खाते के डिटेल में हर महीने या तय अंतराल पर कटने वाली रकम देखें और उसे यूपीआई ऐप में दिखाई दे रहे ऑटोपे निर्देश से मिलाएं। इससे ऐसे भुगतान भी पकड़ में आ सकते हैं, जिन्हें आप भूल चुके हैं।
पुराने ऑटोपे को ऐसे बंद करें
जिस ऑटोपे निर्देश की अब जरूरत नहीं है, उसे चुनकर बंद या रद्द करने का विकल्प चुनें। इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए यूपीआई पिन डालना पड़ सकता है। सिर्फ संबंधित ऐप को फोन से हटाने, उससे बाहर निकलने या यूपीआई ऐप हटाने से ऑटोपे बंद हुआ मान लेना सही नहीं। अगर आपने किसी सेवा की सदस्यता ली थी तो जरूरत पड़ने पर उसे संबंधित कंपनी या ऐप पर भी अलग से बंद करें।
ध्यान रखें कि ऑटोपे निर्देश बंद करने से आगे होने वाली कटौती रुक सकती है, लेकिन पहले कट चुके पैसे अपने आप वापस नहीं आते।
पैसे कटने से पहले मिल सकता है मैसेज
आरबीआई के नियमित भुगतान से जुड़े नियमों के तहत दायरे में आने वाले भुगतान से कम से कम 24 घंटे पहले ग्राहक को सूचना भेजने का प्रावधान है। इसलिए बैंक और यूपीआई से आने वाले ऐसे संदेशों को नजरअंदाज न करें। इन नियमों में समय के साथ बदलाव भी हुए हैं।
नियमित भुगतान में अतिरिक्त पुष्टि के बिना अगली बार होने वाले लेनदेन की सामान्य सीमा 2022 में 5 हजार से बढ़ाकर 15 हजार रुपए की गई थी। बाद में म्यूचुअल फंड में निवेश, बीमा प्रीमियम और क्रेडिट कार्ड बिल भुगतान जैसी कुछ श्रेणियों में यह सीमा एक लाख रुपए प्रति लेनदेन तक बढ़ाई गई।
हर ऑटोपे बंद करना भी सही नहीं
ऑटोपे हटाने से पहले जरूर देखें कि वह किसी जरूरी भुगतान से तो नहीं जुड़ा है। बीमा प्रीमियम, कर्ज की मासिक किस्त या किसी दूसरे जरूरी बिल का ऑटोपे गलती से बंद करना परेशानी बढ़ा सकता है।
अगर कोई भुगतान आपने मंजूर ही नहीं किया है तो तुरंत अपने बैंक या यूपीआई सेवा देने वाली कंपनी से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराएं। बेहतर तरीका है कि हर कुछ महीने में अपने सक्रिय ऑटोपे निर्देशों की सूची देखें। कुछ मिनट की यह जांच उन पुरानी सदस्यताओं को पकड़ सकती है, जो बिना जरूरत आपके खाते से लगातार पैसे काट रही हैं।
(प्रियंका कुमारी)
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