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बाराचट्टी अंचल में राजस्व व्यवस्था चरमराई, चार कर्मचारियों के भरोसे 13 पंचायतों का काम

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'500 मीटर से दूर नहीं जानी चाहिए अजान की आवाज':ओवैसी के विधायक बोले- हमारी परंपराएं-खानपान ठीक नहीं, हाल में मिली है Y+ सुरक्षा

AIMIM विधायक और प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान अजान को लेकर दिए गए बयान को लेकर काफी चर्चा में है। उनका कहना है कि तेज आवाज में अजान देना मुनासिब नहीं है। इसे लेकर उन्होंने मुसलमानों को हिदायत भी दी है। एक चैनल से बात करते हुए उन्होंने कहा, "हमारे मोहल्ले में 500 मीटर के दायरे में रहने वाले लोग मस्जिद में नमाज पढ़ने के लिए आते हैं, लेकिन अजान इस तरह दी जाती है कि ऐसा लगता है जैसे आवाज 3 किलोमीटर दूर तक जा रही हो।" इसके अलावा अख्तरुल ईमान ने मुसलमानों के रहन-सहन और खान-पान पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, 'हमारी मजहबी परंपरा भी ठीक नहीं है।' अख्तरुल ईमान का ये बयान उनको Y+ सुरक्षा मिलने के दो दिन बाद आया है। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स उनकी तुलना पाकिस्तानी स्कॉलर्स तारिक मसूद से कर रहे हैं। 'ऊंची आवाज में अजान देना सही नहीं' किशनगंज के अमौर से विधायक अख्तरुल ईमान ने कहा, ''मौजूदा हालात में इस तरह अजान देना मुनासिब अमल नहीं है। आजकल अजान देने के कई तरीके अपनाए जा रहे हैं। जबकि अजान का असली मकसद नमाज के वक्त का ऐलान, मस्जिद की तरफ बुलावा और अल्लाह की ओर आने का पैगाम देना है।'' उन्होंने कहा, ''अगर मुल्क के हालात, सामाजिक परिस्थितियों और इस्लामी तालीमात को देखा जाए, तो इस तरह ऊंची आवाज में अजान देना उचित नहीं ठहराया जा सकता।" इस्लामी खान-पान, मजहबी परंपरा पर भी उठाए सवाल अख्तरुल ईमान यहीं नहीं रुके। उन्होंने इस्लामी खान-पान और मजहबी परंपरा पर भी उठाए सवाल। AIMIM विधायक ने कहा, ''यहां के लोगों की दावतों का भी ढंग अच्छा नहीं है। खाने-पीने की कोई टाइमिंग नहीं है। दिन का बना हुआ खाना बाराती वाले रात के 12 बजे जाकर खा रहे हैं। बारात दिन को आई तो बाराती वाले मौलवी के पास जाकर खा रहे हैं। हमारे बॉडी का जो सिस्टम होता है, उसके मुताबिक ये तरीका सही नहीं है। खाने, सोने और जगने का टाइम होना चाहिए।'' उन्होंने कहा, ''रात के 2 बजे मजहबी कार्यक्रम नहीं होना चाहिए। आप खुदा को रात के 2 बजे याद करें, इसमें दिक्कत नहीं, लेकिन जहां रात के 2 बजे औरतें इकट्ठे होते हैं, लोग इकट्ठे होते हैं, वहां इस तरह की मजलिस वाली कार्यक्रम पर रोक लगनी चाहिए।'' सोशल मीडिया पर यूजर्स ने पाकिस्तानी स्कॉलर्स से की तुलना AIMIM विधायक अख्तरुल ईमान के बयान ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। कई यूजर्स ने उनके इस बयान का विरोध किया और पाकिस्तानी स्कॉलर्स तारिक मसूद से करने लगे। सोशल मीडिया पर एक यूजर ने तारिक मसूद का वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि जो बात तारिक मसूद कह रहे हैं, वही बात अख्तरुल ईमान ने भी कही है। यूजर के मुताबिक, जानकारी के अभाव में लोग अख्तरुल ईमान के बयान की आलोचना कर रहे हैं। तारिक मसूद ने क्या कहा था वीडियो में उलेमा तारिक मसूद कहते नजर आ रहे हैं कि कई मोहल्लों में चार लोग भी नमाज पढ़ने नहीं आते, लेकिन अजान के लिए ऐसे लाउडस्पीकर लगाए जाते हैं कि पूरे इलाके में आवाज गूंजती है। उन्होंने इसे मस्जिद प्रबंधन की भी गलती बताया। तारिक मसूद का कहना है कि मस्जिद में जितने और जितने दायरे के लोग नमाज के लिए आते हैं, उतनी ही दूरी तक अजान की आवाज पहुंचनी चाहिए। उन्होंने कहा कि माइक से अजान दी जानी चाहिए, लेकिन आवाज की एक सीमा तय होनी चाहिए, ताकि उसका गलत या नाजायज इस्तेमाल न हो। प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान को Y+ सुरक्षा 28 जनवरी को AIMIM के बिहार प्रदेश अध्यक्ष और विधायक अख्तरुल ईमान को राज्य सरकार की ओर से Y+ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है। गृह विभाग के निर्देश पर यह सुरक्षा तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। सरकार के इस फैसले के बाद अख्तरुल ईमान की सुरक्षा व्यवस्था पहले की तुलना में और कड़ी हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, अख्तरुल ईमान की राजनीतिक सक्रियता को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा का स्तर बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। Y श्रेणी की सुरक्षा के तहत अब उनके साथ 24 घंटे सशस्त्र सुरक्षा कर्मी तैनात रहेंगे। इसमें निजी सुरक्षा अधिकारी (PSO), एस्कॉर्ट वाहन और आवास की सुरक्षा भी शामिल है। इसके अलावा, उनके आवागमन और सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान पुलिस की विशेष निगरानी रहेगी। अब जानिए अख्तरुल ईमान के बयान पर मुस्लिम लोग क्या बोले-

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