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Pitru Paksha 2026: पितरों के श्राद्ध के लिए क्यों खास है कुतुप मुहूर्त? जानें दोपहर में पिंडदान की वजह

Pitru Paksha 2026: सनातन धर्म में पितृ पक्ष का समय अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है. पितृ पक्ष में पितरों के प्रति कृतज्ञता प्रकट की जाती है. पितृ पक्ष में पूर्वजों का पूजन किया जाता है और उन्हें स्मरण किया जाता है. धार्मिक मान्यता है कि श्राद्ध, तर्पण, पिंडदान और दान-पुण्य करने से पितृ ऋण से राहत मिलती है. आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि से लेकर आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि तक का समय पितरों को समर्पित किया जाता है. इस दौरान लोग अपने श्रद्धा भाव के साथ पितरों का श्राद्ध कर्म करते हैं. ऐसा करने से हमारे पुरखों की आत्मा को शांति मिलती है और उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है. धार्मिक मान्यता है कि जब पितृ तृप्त और प्रसन्न रहते हैं तो व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है.

पितृ पक्ष में श्राद्ध कर्म करने के बाद ब्राह्मणों को भोजन भी खिलाया जाता है. कहा जाता है कि ब्राह्मणों को भोजन कराने और सामर्थ्य के अनुसार दान-दक्षिणा देने से पूर्वज खुश होते हैं और अपने वंशजों को आशीर्वाद देते हैं. पितरों की आत्मा की तृप्ति और शांति के लिए श्राद्ध, तर्पण, पिंडदान और ब्राह्मण भोज दोपहर के समय में करना चाहिए. ऐसे में अधिकांश लोगों के मन में सवाल रहता है कि ऐसा सुबह या शाम के समय क्यों नहीं करते हैं. आइए जानते हैं कि आखिर दोपहर के समय ही ब्राह्मण भोज क्यों करवाया जाता है. आइए जानते हैं इसके पीछे की धार्मिक मान्यता.

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श्राद्ध कर्म के लिए कुतुप मुहूर्त और रौहिण मुहूर्त

पितृ पक्ष श्राद्ध पार्वण श्राद्ध होते हैं. इन श्राद्धों को संपन्न करने के लिए कुतुप, रौहिण मुहूर्त को अत्यंत ही शुभ माना जाता है. इसके पश्चात दोपहर का समय भी बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. मान्यता है कि अपराह्न काल समाप्त होने के बाद श्राद्ध संबंधी अनुष्ठान संपन्न कर लेने चाहिए. यह समय दोपहर लगभग 11:30 से लेकर 12 बजकर 30 मिनट के बीच होगा. इस समय को कुतुप काल कहा जाता है. मगर शहरों के अनुसार, यह समय अलग-अलग हो सकता है.

दोपहर में श्राद्ध कर्म और ब्राह्मण भोजन का धार्मिक कारण क्या है?

  • शास्त्रों में सुबह और शाम के समय को देव कार्यों के लिए उचित  बताया गया है. वहीं, रात के समय को नकारात्मक शक्तियों से जोड़ा जाता है. ऐसे में दोपहर का समय पितरों के लिए सबसे अधिक उत्तम माना जाता है. दोपहर में पितृ पूजन करने से पितरों का आशीर्वाद मिलता है.
  • सूर्योदय पूर्व दिशा की ओर होता है और यह देव दिशा मानी जाती है. दोपहर के समय सूर्य आकाश मध्य भाग में होते हैं, जिससे पितरों को सूर्य के माध्यम से उनका अंश प्राप्त होता है. इसलिए, श्राद्ध कर्म के लिए दोपहर का समय अच्छा माना जाता है.
  • पुराणों में सूर्य को पितरों का कारक माना जाता है. दोपहर में सूर्यदेव को सबसे प्रभावशाली माना जाता है. उनकी सहायता से वंशजों की श्रद्धा और अर्पण सीधे सूर्य किरणों के माध्यम से पितृ लोक तक पहुंचते हैं. ऐसे में इस अवधि में श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करना बहुत ही शुभ माना जाता है.
  • पितृ मृत्यु लोक और देव लोक के मध्य लोक में निवास करते हैं, जो चंद्रमा के ऊपर बताया जाता है. दिन का मध्य समय पितरों को समर्पित होने की वजह से इस समय श्राद्ध कर्म में ब्राह्मण भोजन करवाया जाता है.

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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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ICC World Cup 2027 की तैयारी: अगली ODI सीरीज से तय संयोजन के साथ खेलना चाहते हैं Shubman Gill

चोटों और व्यस्त कार्यक्रम के कारण स्थायी एकादश नहीं उतार पाने से चिंतित भारतीय कप्तान शुभमन गिल चाहते हैं कि आगामी एकदिवसीय मुकाबलों में उन खिलाड़ियों को नियमित मौके दिए जाएं जिनके 2027 के आईसीसी विश्व कप में खेलने की संभावना है। भारत ने हाल में वेस्टइंडीज के खिलाफ समाप्त हुई तीन मैच की शृंखला में बड़े पैमाने पर दूसरे दर्जे के खिलाड़ियों को मौका दिया। भारत ने यह श्रृंखला 2-1 से जीती। हालांकि एशियाई खेलों में हिस्सा लेने गए जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव और अक्षर पटेल जैसे नियमित खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में भारतीय गेंदबाजी में अपेक्षित धार नहीं दिखी।

 इसके अलावा तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा भी गुवाहाटी में दूसरे एकदिवसीय के दौरान चोटिल खिलाड़ियों की बढ़ती सूची में शामिल हो गए। गिल ने तीसरे एकदिवसीय में पांच विकेट की हार के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘‘ईमानदारी से कहूं तो प्रयोग करने के लिए ज्यादा समय नहीं है। उम्मीद है कि हम जिस संयोजन के साथ खेलना चाहते हैं वे सभी खिलाड़ी अगली श्रृंखला से टीम में होंगे और हम विश्व कप में जिस संयोजन के साथ खेलना चाहते हैं उसी के साथ खेलना शुरू करना चाहते हैं।’’ आईसीसी के इस प्रमुख टूर्नामेंट से पहले सीमित संख्या में एकदिवसीय मुकाबलों को देखते हुए गिल को मुख्य गेंदबाजों की लगातार अनुपस्थिति निराशाजनक लगी। उन्होंने कहा, ‘‘मैं कहूंगा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण रहा है। चोटों और अन्य मुकाबलों के आसपास व्यस्त कार्यक्रम के कारण यह थोड़ा दुर्भाग्यपूर्ण रहा कि हम उस गेंदबाजी क्रम के साथ नहीं खेल पाए जिसके साथ हम खेलना चाहते थे।’’ हालांकि गिल ने कहा कि इससे नए गेंदबाजों को अपनी क्षमता दिखाने का मौका भी मिलता है। 

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि यह दूसरे खिलाड़ियों के लिए अच्छा मौका है। अगर हमारी पूरी ताकत वाला गेंदबाजी क्रम उपलब्ध होता तो शायद इनमें से कुछ खिलाड़ी टीम में नहीं होते। इसलिए यह उनके लिए अपनी क्षमता दिखाने का शानदार अवसर है।’’ भारत के तीन मैच में पावरप्ले के दौरान शुरुआती विकेट हासिल नहीं कर पाने पर गिल ने कहा कि शुरुआत में विकेट नहीं मिलने से टीम को नुकसान हुआ। शनिवार को यहां तीसरे और अंतिम वनडे में वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने नाबाद 162 रन की पारी खेलकर अपनी टीम को 352 रन के रिकॉर्ड लक्ष्य का पीछा करते हुए जीत दिलाई। गिल ने कई कैच छोड़ने पर निराशा जताई और कहा कि इससे टीम की लय टूटी। 

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि हमने आज करीब तीन या चार कैच छोड़े और मुझे नहीं लगता कि शाई होप का कैच छूटा था। फिर भी तीन-चार कैच छोड़ने से टीम की लय टूटती है।’’ गिल ने कहा, ‘‘पूरी श्रृंखला में हमारा क्षेत्ररक्षण उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। अगर मैं गलत नहीं हूं तो हमने पूरी श्रृंखला में करीब सात कैच छोड़े। विश्व कप की ओर बढ़ते हुए ये ऐसे क्षेत्र हैं जिनमें हमें निश्चित रूप से सुधार करना होगा।’’ तेज गेंदबाज आकिब नबी और अंशुल कंबोज ने इस श्रृंखला में अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया लेकिन गिल ने माना कि दोनों गेंदबाज उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके।

 उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि वे इससे कहीं बेहतर प्रदर्शन करना चाहते होंगे। आकर तुरंत प्रदर्शन करना आसान नहीं है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कभी-कभी आपको थोड़ा समय चाहिए होता है।’’ गिल ने कहा, ‘‘बहुत कम खिलाड़ी ऐसे होते हैं जो टीम में आते ही प्रदर्शन करना शुरू कर देते हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि वे अपनी गलतियों और मिले मौकों से सीखेंगे।’’ 

ऑलराउंडर नितीश रेड्डी को तीसरे एकदिवसीय में रविंद्र जडेजा की जगह टीम में शामिल किया गया, लेकिन गिल ने स्पष्ट किया कि अनुभवी बाएं हाथ के स्पिनर को बाहर रखना मुख्य रूप से टीम संयोजन की मजबूरियों के कारण था। उन्होंने कहा, ‘‘सबसे पहले तो मुझे नहीं लगता कि जड्डू भाई को बाहर किया गया था। आगे हम चयनकर्ताओं के साथ चर्चा करेंगे। विश्व कप को ध्यान में रखते हुए जो टीम के लिए सही होगा और उन परिस्थितियों में जो खिलाड़ी अपने कौशल से टीम को अधिक योगदान दे सकता है, हम उसे टीम में रखेंगे।

Sun, 04 Oct 2026 14:21:00 +0530

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