मस्क ने X मनी फीचर लॉन्च किया:US में यूजर्स एप में ही खोल सकेंगे बैंक अकाउंट, बिल पेमेंट और मनी ट्रांसफर भी कर सकेंगे
इलॉन मस्क ने X मनी फीचर का रोलआउट शुरू कर दिया है। यह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X को एवरीथिंग एप बनाने के प्लान के तहत एक बड़ा कदम है। कंपनी ने अभी सिर्फ अमेरिका में अपने प्रीमियम और प्रीमियम+ सब्सक्राइबर्स के लिए यह बैंकिंग सर्विसेज शुरू की हैं। इससे पहले इसे केवल इनवाइट-ओनली बीटा फेज के तहत टेस्ट किया जा रहा था, जिसके बाद 27 जुलाई से इसे ऑफिशियल तौर पर रोलआउट किया गया है। यूजर एप छोड़े बिना कर सकेंगे बैंकिंग के काम X मनी फीचर के जरिए सब्सक्राइबर्स को एप छोड़े बिना ही अपनी रोजमर्रा की बैंकिंग एक्टिविटीज करने की सुविधा मिलेगी। इस सर्विस के तहत यूजर्स को क्रॉस रिवर बैंक के सपोर्ट से डिपॉजिट अकाउंट मिलेगा। इसके जरिए यूजर्स पैसे प्राप्त कर सकेंगे, अन्य X यूजर्स को पैसे ट्रांसफर कर सकेंगे, बिलों का पेमेंट कर सकेंगे, वायर ट्रांसफर भेज सकेंगे और फिजिकल चेक भी जमा कर सकेंगे। वर्चुअल और मेटल कार्ड, 3% कैशबैक की सुविधा X मनी के तहत एक वर्चुअल वीजा डेबिट कार्ड ऑटोमैटिक जारी हो जाएगा। यह कार्ड एपल पे और गूगल पे दोनों के साथ काम करता है। इसके अलावा यूजर्स एक फिजिकल मेटल कार्ड का भी ऑर्डर दे सकते हैं। यूजर्स के पास यह चुनने का ऑप्शन होगा कि वे इस फिजिकल कार्ड पर अपना X हैंडल प्रिंट करवाना चाहते हैं या नहीं। कार्ड के मुख्य फीचर्स: 6% सालाना ब्याज और फ्री ATM विड्रॉल मौजूदा समय में X मनी की सुविधा केवल अमेरिका के प्रीमियम और प्रीमियम+ सब्सक्राइबर्स के लिए ही उपलब्ध है। एलिजिबल यूजर्स डायरेक्ट डिपॉजिट सेट करके 6% तक का एनुअल परसेंटेज यील्ड (APY) कमा सकते हैं। अन्य सुविधाएं और सिक्योरिटी फीचर्स मस्क का एवरीथिंग एप विजन X मनी का लॉन्च इलॉन मस्क के X को चीन के 'वीचैट' की तर्ज पर एक एवरीथिंग एप बनाने के पुराने प्लान का हिस्सा है। इसमें मैसेजिंग, शॉपिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज एक ही प्लेटफॉर्म पर काम करती हैं। साल 2023 में मस्क ने कर्मचारियों से कहा था कि वे चाहते हैं कि X आगे चलकर पीयर-टू-पीयर (P2P) पेमेंट से आगे बढ़कर यूजर्स की पूरी फाइनेंशियल लाइफ को सपोर्ट करे। अमेरिकी सांसदों की नजर, सीनेटर वॉरेन ने जताई चिंता X के फाइनेंशियल सर्विसेज के क्षेत्र में कदम रखने पर अमेरिकी सांसदों की जांच और नजर भी बढ़ गई है। सीनेट बैंकिंग कमेटी की टॉप डेमोक्रेट सीनेटर एलिजाबेथ वॉरेन ने 14 अप्रैल को इलॉन मस्क को एक लेटर लिखा था। उन्होंने पत्र में मस्क से इस बात की पूरी जानकारी मांगी थी कि क्या X बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज को जिम्मेदारी से संभालने के लिए पूरी तरह तैयार है या नहीं। वॉरेन ने X के मैनेजमेंट पर चिंता जताते हुए कंज्यूमर्स, राष्ट्रीय सुरक्षा और पूरे फाइनेंशियल सिस्टम के लिए संभावित जोखिमों पर सवाल उठाए थे। क्या होता है एवरीथिंग एप या सुपर एप? एवरीथिंग एप या सुपर एप एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म होता है जो यूजर को एक ही एप के भीतर कई तरह की अलग-अलग सर्विसेज देता है। जैसे- सोशल मीडिया, मैसेजिंग, डिजिटल वॉलेट, बैंकिंग, कैब बुकिंग, ऑनलाइन शॉपिंग और बिल पेमेंट। चीन में 'वीचैट' इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। इलॉन मस्क भी X को इसी तर्ज पर ढाल रहे हैं ताकि यूजर को किसी अन्य काम के लिए एप बदलने की जरूरत न पड़े। एनुअल परसेंटेज यील्ड क्या है? एनुअल परसेंटेज यील्ड यानी APY का मतलब है सालाना मिलने वाला कुल ब्याज का प्रतिशत। इसमें चक्रवृद्वि ब्याज यानी कंपाउंड इंटरेस्ट भी शामिल होता है। यानी अगर आप X मनी के डिपॉजिट अकाउंट में पैसा रखते हैं और डायरेक्ट डिपॉजिट सेट करते हैं, तो आपको सालाना 6% की दर से रिटर्न का फायदा मिल सकता है।
मूंग खरीदी पर शिवराज सिंह चौहान ने लिखा CM मोहन यादव को पत्र, कहा- लक्ष्य नहीं, 25% तक स्वीकृति देता है केंद्र, राज्य सरकार खरीदी तेज करे
मध्य प्रदेश में मूंग खरीदी को लेकर चल रही मांगों और सियासत के बीच केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) को पत्र लिखा है। केंद्रीय मंत्री ने प्रदेश के कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना के पत्र का जिक्र भी किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार राज्यों को मूंग खरीदी का कोई ‘लक्ष्य’ नहीं देती, बल्कि पीएम-आशा योजना के तहत मूल्य समर्थन योजना (PSS) में तय सीमा के अनुसार खरीदी की स्वीकृति देती है।
शिवराज सिंह चौहान ने पत्र में बताया कि ग्रीष्मकालीन मौसम 2025-26 के लिए मध्य प्रदेश को 4,54,580 मीट्रिक टन मूंग खरीदी की स्वीकृति पहले ही दी जा चुकी है। देश के विभिन्न राज्यों के लिए कुल 5,23,243 मीट्रिक टन मूंग खरीदी स्वीकृत हुई है। इसमें केवल मध्य प्रदेश की हिस्सेदारी करीब 87% है, जो देश में सबसे अधिक है। वहीं उत्तर प्रदेश को 48,298 मीट्रिक टन, हरियाणा को 2,115 मीट्रिक टन और गुजरात को 18,250 मीट्रिक टन मूंग खरीदी की स्वीकृति मिली है। जबकि मध्य प्रदेश के लिए यह मात्रा 4,54,580 मीट्रिक टन है।
एदल सिंह कंषाना के पत्र पर क्या कहा?
केंद्रीय कृषि मंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना द्वारा 28 जुलाई लिखे पत्र में कहा गया है कि केंद्र ने मध्य प्रदेश को 4.54 लाख मीट्रिक टन खरीदी का ‘लक्ष्य’ दिया है। शिवराज सिंह चौहान ने इसे स्पष्ट करते हुए कहा कि, “केंद्र सरकार खरीदी का लक्ष्य तय नहीं करती। पीएम-आशा के तहत PSS के दिशा-निर्देशों के अनुसार शुरुआत में राज्य के उत्पादन के 25% तक खरीदी की स्वीकृति दी जाती है।”
उन्होंने यह भी बताया कि 25% से अतिरिक्त मात्रा की खरीदी की अनुमति तय प्रक्रिया के तहत दी जा सकती है। इसके लिए पहले राज्य में केंद्रीय नोडल एजेंसियों द्वारा स्वीकृत 25% मात्रा की खरीदी पूरी होनी चाहिए। इसके बाद अतिरिक्त मात्रा पर सचिवों की समिति फैसला लेती है।
पिछले वर्षों में भी बढ़ती रही स्वीकृति
पत्र के मुताबिक केंद्र ने वर्ष 2021-22 में 2,75,645 मीट्रिक टन, 2022-23 में 2,75,645 मीट्रिक टन, 2023-24 में 3,30,763 मीट्रिक टन, 2024-25 में 4,19,692 मीट्रिक टन और 2025-26 में 4,54,580 मीट्रिक टन मूंग खरीदी की अनुमति दी। शिवराज ने कहा कि, “पिछले वर्षों में स्वीकृत मात्रा के बाद बची अतिरिक्त मूंग का उपार्जन राज्य सरकार ने किया और किसानों से समय पर खरीदी सुनिश्चित की गई।”
अब तक करीब 60 हजार मीट्रिक टन खरीदी, शिवराज बोले- तेजी लाए राज्य
केंद्रीय कृषि मंत्री ने पत्र में 29 जुलाई तक के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि, “मध्य प्रदेश में अभी करीब 60 हजार मीट्रिक टन मूंग की खरीदी हुई है, जबकि केंद्र से 4.54 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा की स्वीकृति उपलब्ध है।” उन्होंने किसानों के व्यापक हित को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से राज्य में मूंग खरीदी की प्रक्रिया शीघ्रता से सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है।
यहाँ देखें पत्र की कॉपी
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