पायलट पर भड़के ट्रंप-नेतन्याहू..मुस्लिम देश को 'उड़ाने' का किया ऐलान!
दुबई से उड़ान भरकर इजराइल जाने वाले विमान में कट्टरपंथी को पायलट ने जिस तरह से उसे क्रैश करने की कोशिश की और फिर अपनी जान जोखिम में डालकर भारतीय कैप्टन स्मित ने इस कोशिश को नाकाम करते हुए 170 से ज्यादा यात्रियों को बचाया। उसके बाद से ही पूरी दुनिया स्मिथ मछार की बहादुरी को सलाम कर रही है। इजराइल के पीएम नेतन्याहू और अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने भारतीय पायलट को सच्चा हीरो बताया है तो कुछ कट्टरपंथियों के पेट में दर्द हो गया है। भारतीय पायलट की बहादुरी से पाकिस्तानियों को इतनी मिर्ची लगी है कि वो जमकर जहर उगल रहे हैं क्योंकि उस विमान में बहुत सारे इजराइली लोग थे और इजराइल से कैसे पाकिस्तान के लोग जो है जलते हैं वो आपको पता ही होगा। पाकिस्तानियों को शायद सबसे ज्यादा तकलीफ इस बात से हो रही है कि आखिर विमान क्रैश क्यों नहीं हुआ? मगर अब विमान हमले को लेकर ट्रंप और नेतन्याहू इतने भड़के हुए हैं कि उन्होंने मुस्लिम देश को उड़ाने का ही ऐलान कर दिया है।
इसे भी पढ़ें: Iran के साथ जंग रुकते ही Oil Prices में आएगी भारी गिरावट, Donald Trump ने दिए संकेत
दरअसल फ्लाई दुबई के विमान में हुए हमले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस मामले में नए दावे सामने आ रहे हैं। अब इस मामले में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान से कनेक्शन का दावा किया है। वहीं इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा है कि हमलावर को इस्लामी कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित किया गया था। उन्होंने दावा किया है कि भारतीय पायलट मछार पर हमला करने वाले ओमानी को पायलट का ब्रेनवाश किया गया था। उसको कट्टरपंथी ट्रेनिंग दी गई थी। उन्होंने कहा कि एक नियम की खामी का फायदा उठाकर आरोपी पायलट प्लेन में आया था। नियम यह है कि इजराइल के लिए उड़ान भरने वाले पायलट ऐसे देशों से नहीं हो सकते जिनके इजराइल के साथ राजनयिक संबंध नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा कि हम मामले की तह तक जाएंगे। तो वे यूएई ने भी अपनी जांच शुरू कर दी है और कहा है कि वह यह पता लगाएगा कि हमले का किसी आतंकी मकसद से संबंध था या नहीं। उधर ट्रंप भी इस घटना को लेकर भड़के हुए हैं। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर विमान की घटना में ईरान की भूमिका साबित होती है तो कड़ी कारवाई की जाएगी।
इसे भी पढ़ें: क्या Middle East में फिर भड़केगी जंग की चिंगारी? Flydubai घटना पर नेतन्याहू बोले- हमलावरों से वसूलेंगे 'बहुत भारी कीमत'
यानी कि ट्रंप ने एक तरह से यह कह दिया है कि अगर इस घटना में ईरान का हाथ पाया गया तो उसे दहला दिया जाए।
पीएम मोदी ने भी कैप्टन स्मिथ से बात की। इस दौरान स्मिथ बेहद भावुक हो गए। बातचीत के दौरान भारतीय पायलट ने घटना की जानकारी दी और बताया कि उन्हें किस चीज से हिम्मत मिली। स्मिथ ने बताया कि मैं मुश्किल हालात में हनुमान चालीसा पढ़ रहा था। मैं हमेशा पढ़ता हूं। सर आई एम जस्ट मैं एक सिर्फ पॉजिटिविटी में मैं जभी भी मेरे को दर्द होता है। मुझे एक ही चीज आती है। मैं सिर्फ हनुमान चालीसा बोलता हूं। उस टाइम पे भी मैं सिर्फ हनुमान चालीसा ही बोल रहा था। जिसके बाद प्रधानमंत्री ने उनकी बहादुरी की तारीफ की और उनके जल्द ठीक होने की कामना की। तो इस तरह से स्मिथ की बहादुरी की दुनिया भर में चर्चा हो रही है। साथ ही हमला करने वाले कट्टरपंथी की जांच चल रही है।
अल्लाह की मस्जिद को भी नहीं छोड़ा, मक्का के बाद दहला डाला मदीना?
कट्टरता चाहे किसी भी विचारधारा संगठन या मजहब के नाम पर हो वो एक दिन अपना रंग दिखाई देती है। वैसे ही कुछ इन दिनों मिडिल ईस्ट में देखने को मिल रहा है। यमन के हूति विद्रोहियों ने जो किया है वो यह जाहिर करता है कि लोग अल्लाह के भी सगे नहीं यानी कि हूतियों ने अल्लाह को भी नहीं बख्शा है। दरअसल मुसलमानों के सबसे पवित्र स्थलों में माने जाने वाले मक्का पर हमला करने के बाद अब हूतियों ने अल्लाह के घर को निशाना बना डाला है। हूति विद्रोहियों ने सऊदी अरब के पवित्र शहर मदीना में ड्रोन हमला किया है। इस हमले में पैगंबर की मस्जिद को बिजली देने वाले तैबा पावर स्टेशन पर निशाना बनाया गया है। जिसमें काफी नुकसान पहुंचा है। हूतियों के इस हमले को लेकर कई मुस्लिम देश भयंकर भड़क गए हैं।
इसे भी पढ़ें: Houthi विद्रोहियों की मदद के आरोप में US ऊर्जा विभाग का इंजीनियर गिरफ्तार, FBI ने पकड़ा
खाड़ी देशों ने हूतियों की हमले की निंदा की है और सऊदी अरब के साथ एकजुटता दोहराई है। संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, कुवैत और जॉर्डन ने इस हमले की निंदा की है क्योंकि मामला मदीना के धार्मिक महत्व से जुड़ा है। अगर किसी ऐसी जगह को निशाना बनाया जाता है जो मस्जिद नबी जैसी पवित्र जगह को बिजली देता है, तो इसका असर सऊदी अरब की सीमाओं से बाहर भी महसूस होता है। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल मलिकी ने पैगंबर की मस्जिद को बिजली सप्लाई करने वाली सुविधा पर हमले की कोशिश का हिस्सा बताया जिसका मकसद दो पवित्र मस्जिदों को निशाना बनाना है और मक्का और मदीना पर हमलों के जरिए दुनिया भर के मुसलमानों को उकसाना है। अब आप समझ सकते हैं कि मिडिल ईस्ट में तनाव किस स्तर पर पहुंच गया है कि इस्लाम को मानने वाले हूती ही अब इस्लाम धर्म के संस्थापक पैगंबर मोहम्मद साहब के घर को ही निशाना बना रहे हैं और इसका सबसे बड़ा कारण कुछ और नहीं बल्कि कट्टरपंथी हैं। क्योंकि कट्टरता उसी समाज और क्षेत्र के लिए भी संकट पैदा करती है जिसे उससे बढ़ावा मिला है। इससे उन लोगों को भी सीख लेनी चाहिए जो बात-बात पर खाड़ी देशों के खासकर हूती जैसे कट्टरपंथियों की धमकी देते हुए कहते हैं कि अगर हमें छेड़ा तो यहां जलजला आ जाएगा।
इसे भी पढ़ें: Houthi आतंकी संगठन है, Madinah में बोले Pakistan के मौलवी Tahir Ashrafi
अब यही कट्टरबंदी कैसे अल्लाह के घर को ही निशाना बनाकर जलजला लाने की कोशिश कर रहे हैं। वह धमकी देने वाले लोगों के लिए क्या ही कर सकते हैं। दरअसल यमन के हूती विद्रोहियों के हमले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। खासकर सऊदी के अलग-अलग ठिकानों को निशाना बनाते हुए हूं ताबड़तोड़ हमले कर रहे हैं। इसी बीच सऊदी के तेल टर्मिनल पर भीषण अटैक हुआ है। जहां यह हमला हुआ है, वह सऊदी अरब के पश्चिमी तट पर लाल सागर के किनारे बसा एक बड़ा औद्योगिक और तेल निर्यात केंद्र है। यहां से सऊदी अरब दुनिया के दूसरे हिस्सों में कच्चा तेल भेजता है। इस टर्मिनल में रोजाना करीब 15 लाख बैरल कच्चा तेल लोड करने की क्षमता है। इसकी एक और रणनीतिक अहमियत है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi








.jpg)
