Car Checklist: पुरानी कार खरीदने से पहले जांचें एक्सीडेंट हिस्ट्री, ऐसे मिलेगी पूरी डिटेल
Car Checklist: पुरानी कार खरीदते समय सिर्फ उसकी कीमत, माइलेज और सर्विस रिकॉर्ड देखना काफी नहीं है। कई बार दुर्घटनाग्रस्त कार की मरम्मत कराकर उसे अच्छी कंडीशन में बेच दिया जाता है। ऐसे में कार की असली स्थिति जानने के लिए उसकी इंश्योरेंस क्लेम हिस्ट्री जांचना जरूरी है। इसके लिए आप तीन तरीकों की मदद ले सकते हैं।
पॉलिसी क्लीयरेंस सर्टिफिकेट क्या है?
पॉलिसी क्लीयरेंस सर्टिफिकेट बीमा कंपनी की ओर से जारी किया जाने वाला दस्तावेज है। इसमें पॉलिसी और नो क्लेम बोनस (NCB) से जुड़ी जानकारी मिल सकती है। पुरानी कार खरीदते समय विक्रेता से यह प्रमाणपत्र मांगने पर उसके बीमा रिकॉर्ड की जांच करने में मदद मिल सकती है।
पुरानी कार की क्लेम हिस्ट्री जांचने के 3 तरीके
1. IIB पोर्टल से लें जानकारी
इंश्योरेंस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (IIB) पोर्टल पर वाहन की बीमा पॉलिसी और उपलब्ध क्लेम रिकॉर्ड की जानकारी देखी जा सकती है। इसके लिए पोर्टल पर जाकर क्विक लिंक्स में संबंधित विकल्प चुनें। इसके बाद वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी दर्ज करें। कुछ मामलों में इंजन और चेसिस नंबर भी मांगे जा सकते हैं। ध्यान रखें कि पोर्टल पर जानकारी अपडेट होने में समय लग सकता है।
2. नो क्लेम बोनस की जांच करें
कार की मौजूदा इंश्योरेंस पॉलिसी में दर्ज NCB भी उपयोगी जानकारी दे सकता है। लगातार पांच साल तक कोई क्लेम नहीं करने पर यह छूट अधिकतम 50 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। अगर पुरानी कार की पॉलिसी में NCB शून्य है, तो विक्रेता से इसकी वजह पूछें। हालांकि, पॉलिसी लैप्स होने या NCB ट्रांसफर होने से भी यह शून्य हो सकता है।
3. बीमा कंपनी से करें संपर्क
कार की मौजूदा बीमा कंपनी का नाम पता होने पर उसके ग्राहक सेवा विभाग से संपर्क किया जा सकता है। हालांकि, गोपनीयता के कारण कंपनी क्लेम की पूरी जानकारी केवल पंजीकृत पॉलिसीधारक को दे सकती है। इसलिए विक्रेता से जरूरी दस्तावेज साझा करने के लिए कहें।
क्लेम रिकॉर्ड में इन बातों पर दें ध्यान
10,000 से 15,000 रुपये के छोटे क्लेम मामूली डेंटिंग, पेंटिंग या बंपर बदलने से जुड़े हो सकते हैं। वहीं, कार की IDV के 30 से 50 प्रतिशत तक का क्लेम बड़े नुकसान का संकेत हो सकता है। अगर कार पहले टोटल लॉस घोषित हुई है या बाढ़ में डूबी है, तो खरीदने से पहले विशेष सावधानी बरतें।
खरीदने के बाद इंश्योरेंस कराएं ट्रांसफर
कार खरीदने के बाद बीमा पॉलिसी अपने नाम पर ट्रांसफर कराना जरूरी है। पुराने मालिक का NCB उसके साथ जुड़ा रहता है, जबकि नए खरीदार को अपनी पात्रता के अनुसार NCB मिलता है।
इसलिए पुरानी कार खरीदने से पहले क्लेम हिस्ट्री, बीमा दस्तावेज और मरम्मत के बिल जरूर जांचें। साथ ही, किसी भरोसेमंद मैकेनिक से कार के इंजन, चेसिस और इलेक्ट्रिकल सिस्टम का निरीक्षण कराएं।
(मंजू कुमारी)
Meerut Police Encounter: बुजुर्ग महिला की हत्या और लूट के दो आरोपी मुठभेड़ में पकड़े गए
मेरठ, तीन अक्टूबर मेरठ जिले में एक महिला की हत्या कर उसके आभूषण और मोबाइल फोन लूटने के मामले में पुलिस ने दो वांछित आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारी के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान एक आरोपी दोनों पैर में गोली लगने से घायल हो गया जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस क्षेत्राधिकारी (मवाना) पंकज लवानिया ने बताया कि 13 सितंबर को हस्तिनापुर थाना क्षेत्र के गांव गणेशपुर निवासी विमला देवी तड़के करीब पांच बजकर 15 मिनट पर टहलने के लिए घर से निकली थीं तभी एक अज्ञात व्यक्ति ने उनके सिर पर ईंट से प्रहार कर उनकी हत्या कर दी। आरोपी विमला की सोने की बालियां, गले में पहना सोने का ओम, पायल और मोबाइल फोन लेकर फरार हो गया था। उन्होंने बताया कि घटना के संबंध में हस्तिनापुर थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की प्रासंगिक धाराओं में मामला दर्ज किया गया।
मामले का खुलासा करने और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए हस्तिनापुर पुलिस, मवाना पुलिस और स्वाट टीम (देहात) को लगाया गया था। क्षेत्राधिकारी के मुताबिक, आरोपियों की तलाश के दौरान पुलिस टीम ने शुक्रवार देर रात मवाना-हस्तिनापुर सीमा पर रजवाहे की पुलिया के पास दो संदिग्ध व्यक्तियों को रोकने का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि इस दौरान दोनों ने पुलिस टीम पर गोली चला दी, जिससे पुलिस का वाहन क्षतिग्रस्त हो गया और पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए।
लवानिया ने बताया कि पुलिस की जवाबी कार्रवाई में शिवम उर्फ शुभम उर्फ भगत उर्फ बारवी के दोनों पैर में गोली लग गई और वह घायल होकर गिर गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया। वहीं, मौके से भागे उसके साथी कोशेन्द्र उर्फ गुल्लू को भी तलाश के बाद गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि शिवम के कब्जे से .315 बोर का एक अवैध तमंचा, एक खोखा, दो कारतूस, दो मोबाइल फोन, एक जोड़ी पायल और एक जोड़ी कुंडल बरामद किए गए हैं। उन्होंने बताया कि शिवम के खिलाफ मेरठ और बागपत के विभिन्न थानों में लूट, चोरी, शस्त्र अधिनियम और अन्य धाराओं के तहत पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं।
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