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Katrina Kaif Troll: कैटरीना के सपोर्ट में आईं शोभिता धुलिपाला, महिलाओं की बॉडी शेमिंग पर दिया दो टूक जवाब

Shobhita Dhulipala supports Katrina: बॉलीवुड डीवा कैटरीना कैफ इन दिनों अपनी निजी जिंदगी को लेकर चर्चा में हैं। बेटे विहान के जन्म के बाद अभिनेत्री कम ही सार्वजनिक कार्यक्रमों में नजर आती हैं, लेकिन हाल ही में जब वह अंबानी के गणेश उत्सव में देखी गईं तो कई लोगों ने उनके पोस्टपार्टम लुक को लेकर बॉडी शेमिंग शुरू कर दी। कई बॉलीवुड सितारों ने इस तरह की ट्रोलिंग पर सवाल उठाए, इसी बीच अभिनेत्री शोभिता धुलिपाला ने भी इस मुद्दे पर अपनी बात रखी।

महिलाओं से हर तरह की उम्मीद की जाती है- शोभिता
हाल ही में NDTV से बातचीत में शोभिता धुलिपाला से फिल्म इंडस्ट्री में महिलाओं को लेकर होने वाली सार्वजनिक टिप्पणियों और आलोचनाओं के बारे में पूछा गया। इस दौरान उन्होंने कहा कि महिलाओं से अक्सर एक साथ कई तरह की उम्मीदें की जाती हैं।

शोभिता ने कहा- “महिलाओं से मजबूत होने, संवेदनशील होने और कई तरह की भूमिकाएं निभाने की उम्मीद की जाती है। और अलग-अलग महिलाएं चीज़ों को अलग-अलग तरह से संभालती हैं, इसलिए इसके लिए कोई एक तय नियम नहीं है। जैसे, जब आप कहते हैं कि सबके सामने आलोचना होना निराशाजनक होता है, तो मुझे यकीन है कि कई लोगों के लिए ऐसा हो सकता है; आखिर हम सब इंसान ही तो हैं। बस, हम इसे उस तरह से संभालते हैं जो हमारे लिए सही लगता है।”

 

‘हम सभी इंसान हैं और अपनी तरह से चीजों से निपटते हैं’
शोभिता ने आगे कहा कि सार्वजनिक आलोचना किसी के लिए भी निराशाजनक हो सकती है, क्योंकि आखिरकार हर व्यक्ति इंसान है। उनके मुताबिक, हर किसी का इससे निपटने का अपना तरीका होता है।

अभिनेत्री ने कहा कि लोग सार्वजनिक आलोचना का सामना अपनी समझ और परिस्थिति के हिसाब से करते हैं और जरूरी है कि इसे किसी एक नजरिए से न देखा जाए।

सलमान खान ने भी ट्रोलिंग पर जताई थी नाराजगी
कैटरीना कैफ को लेकर चल रही पोस्टपार्टम बॉडी शेमिंग की चर्चा के बीच सलमान खान ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी थी। ‘बिग बॉस 20’ के एपिसोड में उन्होंने बच्चे को जन्म देने के तुरंत बाद किसी महिला के वजन या लुक को लेकर सवाल उठाने पर नाराजगी जताई।

सलमान ने कहा था कि गर्भावस्था के बाद वजन बढ़ना सामान्य है और कटरीना जब फिल्मों में वापसी करेंगी, तब वह अपने अनुसार फिटनेस पर ध्यान दे सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि एक नई मां को अपने परिवार के साथ समय बिताने की जगह मिलनी चाहिए।

बताते चलें, कैटरीना कैफ ने अभी तक इस पूरे मामले पर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। अभिनेत्री नवंबर 2025 में बेटे विहान की मां बनी थीं और इसके बाद से वह अपने निजी जीवन और परिवार पर ज्यादा ध्यान देती नजर आई हैं।

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World Meditation Day: मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए ध्यान जरूरी, जानें अद्भुत लाभ

World Meditation Day: आदिकाल से हमारे ऋषि मुनि, आयुर्वेदाचार्य और योगी अपने चित्त को स्थिर, शांत रखने और एकाग्रता के लिए ध्यान की प्रक्रिया का नियमित अभ्यास करते रहे हैं। इसे आध्यात्मिक उद्देश्यों से लेकर शरीर के आंतरिक अंगों की कार्य प्रणाली को सक्रिय-सुचारु रखने के लिए और मस्तिष्क को नियंत्रित रखने के लिए भी अपनाया जाता रहा है। ध्यान एक सर्वस्वीकार्य प्रक्रिया है, जिसे दुनिया की विभिन्न संस्कृतियों और विभिन्न धर्मावलंबियों ने अपनाया है। हजारों वर्षों से इसका सफल प्रयोग किया जा रहा है। इसके अनेक फायदे हैं, जिसे महसूस करने के लिए आपको स्वयं ध्यान का अभ्यास करना होगा। 

तनाव से मिले मुक्ति
योगी, मुनि और प्राचीन चिकित्साशास्त्री ही नहीं आधुनिक युग के मनोवैज्ञानिक और व्यवहार विशेषज्ञ भी तनाव मुक्ति के लिए ध्यान के महत्व को खुले दिल से स्वीकार करते हैं। दुनिया भर में हुए कई अलग-अलग अनुसंधानों के नतीजे बताते हैं कि नियमित मेडिटेशन करने से एंजायटी, स्ट्रेस और डिप्रेशन से काफी हद तक मुक्ति मिलती है। यह जॉब रिलेटेड एंजायटी, बैड रिलेशनशिप से उत्पन्न स्ट्रेस और दुर्व्यवहार या अन्य कारणों से उत्पन्न अवसाद को भी कम करने में सक्षम है।

कई बीमारियों में दिलाए राहत
कई ऐसी बीमारियां हैं, जो हमारी दिमागी उथल-पुथल, तनाव और चिंता के कारण उग्र रूप धारण कर लेती हैं। ऐसे में ध्यान का अनुशासनपूर्वक नियमित अभ्यास इन बीमारियों से राहत दिलाता है। उच्च रक्तचाप, इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम, पाचन संबंधी विकार, पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर और फाइब्रॉमायल्जिया जैसी बीमारियों में भी मरीज को रेग्युलर मेडिटेशन से आराम मिलता है।

विकसित होती है सकारात्मकता
कुछ विशेष प्रकार के मेडिटेशन हमारी सेल्फ इमेज को इंप्रूव करने में मददगार होते हैं। इनका अभ्यास करने पर हमें जीवन के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में मदद मिलती है। अध्ययन में पता चला है कि मेडिटेशन का अभ्यास करने वाले लोगों में अपनी बॉडी इमेज के प्रति किसी प्रकार की हीन भावना नहीं रहती। ये जटिल परिस्थितियों में भी अपनी प्रतिक्रिया को नियंत्रित रखने में सक्षम होते हैं।

बढ़ती है आत्म जागरूकता 
ध्यान के अभ्यास से स्वयं के प्रति, आस-पास के माहौल के प्रति और परिस्थितियों के प्रति समझ और जागरूकता बढ़ती है। सेल्फ इंक्वायरी मेडिटेशन में व्यक्ति आत्मसाक्षात्कार का ही अभ्यास करता है। इसमें व्यक्ति में यह समझ विकसित होती है कि आप अपने आस-पास के लोगों, चीजों और स्थितियों से खुद को कैसे रिलेट करते हैं? 2019 में 153 लोगों पर किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि माइंडफुलनेस मेडिटेशन एप का दो हफ्ते तक प्रयोग करने के बाद लोगों में अकेलेपन की फीलिंग्स घटी और सोशल इंटरेक्शन की भावना में इजाफा हुआ।

प्रखर होती है स्मरण क्षमता
नियमित ध्यान करने वाले लोगों की याददाश्त दूसरे लोगों की तुलना में अच्छी होती है। मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि मन को शांत रखने पर एकाग्रचित होने में मदद मिलती है। नतीजतन ऐसे व्यक्तियों की मेमोरी स्ट्रॉन्ग होती है और ये बहुत जल्दी पढ़ी, सुनी या देखी हुई चीजों को याद कर लेते हैं। साथ ही इन्हें लंबे समय तक याद रख पाते हैं। इतना ही नहीं उम्र संबंधी मेमोरी लॉस और डिमेंशिया से लड़ने में भी ध्यान से मदद मिलती है।

बढ़ती है इच्छा शक्ति
स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए शोध में पता चला है कि आत्मनियंत्रण और इच्छाशक्ति बढ़ाने में मेडिटेशन की भूमिका बेहद प्रभावशाली होती है। मनोवैज्ञानिक केली मेकगोनिकल कहती हैं, प्रतिदिन कुछ मिनट के माइंडफुलनेस मेडिटेशन से ब्रेन के उन हिस्सों में ग्रे मैटर का निर्माण करके विल पावर बढ़ाया जा सकता है, जो इमोशंस को कंट्रोल करते हैं।

ये भी होते हैं फायदे

  • मेटा मेडिटेशन (लविंग काइंडनेस) के अभ्यास से हमारा दिमाग दयालुता संबंधी विचार उत्पन्न करता है। हम क्षमाशील और परोपकारी स्वभाव के बनते हैं।
  • नशा मुक्ति के मामले में मेडिटेशन के प्रयोग के आश्चर्यजनक सकारात्मक प्रभाव देखे गए हैं।
  • अनिद्रा के शिकार लोगों ने ध्यान का प्रयोग करके इस समस्या से मुक्ति पाई है। इसके पर्याप्त प्रमाण मिले हैं।
  • दर्द नियंत्रित करने के लिए दुनिया में कई सर्जन और पेन मैनेजमेंट एक्सपर्ट मेडिटेशन और संगीत का सफल प्रयोग कर चुके हैं। क्रॉनिक पेन के मामलों में भी इसका अद्भुत फायदा देखने को मिला है।

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