E-Scooter: टीवीएस का ये इलेक्ट्रिक स्कूटर डेली यूज के लिए है खास; जानें कीमत, स्टोरेज और रेंज
E-Scooter: भारतीय बाजार में टीवीएस की ओर से इलेक्ट्रिक स्कूटर सेगमेंट में आईक्यूब को पेश किया जाता है। इसका 5.3 किलोवाट घंटा बैटरी वाला टॉप वेरिएंट लंबी रेंज के साथ आता है। कंपनी के मुताबिक, टीवीएस आईक्यूब एसटी (iQube ST) एक बार पूरी तरह चार्ज होने पर 212 किलोमीटर तक की आईडीसी रेंज दे सकता है। इसके अलावा, इसमें 32 लीटर का बड़ा अंडर-सीट स्टोरेज दिया गया है, जिसमें हेलमेट और रोजमर्रा का सामान आसानी से रखा जा सकता है।
परफॉर्मेंस और रेंज
टीवीएस आईक्यूब एसटी 5.3 किलोवाट घंटा की टॉप स्पीड 82 किलोमीटर प्रति घंटा है। यह इलेक्ट्रिक स्कूटर 0 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार सिर्फ 4.5 सेकंड में पकड़ सकता है। इसमें ईको और पावर जैसे दो राइडिंग मोड दिए गए हैं। इसकी ग्रेडेबिलिटी 10 डिग्री है। वहीं, एक बार फुल चार्ज होने पर यह 212 किलोमीटर तक की आईडीसी रेंज देने में सक्षम है।
मोटर और पावरट्रेन
पावर के लिए टीवीएस आईक्यूब एसटी में बीएलडीसी हब-माउंटेड मोटर का इस्तेमाल किया गया है। यह मोटर 3 किलोवाट की रेटेड पावर और 4.4 किलोवाट की पीक पावर जनरेट करती है। इसमें 33 न्यूटन मीटर का रेटेड टॉर्क और 140 न्यूटन मीटर का पीक टॉर्क मिलता है। इसके साथ ही स्कूटर में रीजेनरेटिव ब्रेकिंग की सुविधा भी दी गई है।
बैटरी और चार्जिंग
टीवीएस आईक्यूब एसटी में 5.3 किलोवाट घंटा की लिथियम-आयन बैटरी दी गई है। बैटरी को पानी और धूल से सुरक्षा के लिए आईपी67 रेटिंग मिली है। 950Q 15A चार्जर की मदद से इसकी बैटरी को 0 से 80 प्रतिशत तक चार्ज करने में करीब 6 घंटे 50 मिनट का समय लगता है।
स्कूटर का कर्ब वेट 132 किलोग्राम है। इसमें 1,301 मिलीमीटर का व्हीलबेस, 157 मिलीमीटर का ग्राउंड क्लीयरेंस और 770 मिलीमीटर की सीट हाइट मिलती है।
सस्पेंशन, ब्रेक और फीचर्स
टीवीएस आईक्यूब एसटी को ट्यूबलर फ्रेम पर तैयार किया गया है। इसके फ्रंट में टेलीस्कोपिक सस्पेंशन और रियर में एडजस्टेबल हाइड्रोलिक ट्विन-ट्यूब शॉक एब्जॉर्बर दिए गए हैं। ब्रेकिंग के लिए इसमें 220 मिलीमीटर का फ्रंट डिस्क ब्रेक और 130 मिलीमीटर का रियर ड्रम ब्रेक मिलता है। इसके अलावा, स्कूटर में 12 इंच के ट्यूबलेस टायर दिए गए हैं।
फीचर्स की बात करें तो इसमें 17.78 सेंटीमीटर का टचस्क्रीन डैशबोर्ड, स्मार्ट कनेक्टिविटी और 32 लीटर का अंडर-सीट स्टोरेज मिलता है। इन सुविधाओं के साथ यह स्कूटर रोजाना इस्तेमाल के साथ-साथ लंबी दूरी के लिए भी उपयोगी हो सकता है।
कीमत
टीवीएस आईक्यूब एसटी 5.3 किलोवाट घंटा की एक्स-शोरूम कीमत 1,75,384 रुपये है।
(मंजू कुमारी)
Viral News: अमिताभ बच्चन के ट्वीट पर क्यों भड़के यूज़र्स? फ्रांस की FIFA वर्ल्ड कप 2026 टीम को लेकर छिड़ी बहस
बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। इस बार वजह उनकी कोई फिल्म या टीवी शो नहीं, बल्कि फ्रांस की FIFA वर्ल्ड कप 2026 टीम को लेकर किया गया एक पोस्ट है। X (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की गई उनकी टिप्पणी ने इंटरनेट पर नई बहस छेड़ दी है, जहां कुछ लोग उनके समर्थन में नजर आए तो बड़ी संख्या में यूज़र्स ने इसे लेकर आपत्ति जताई।
अमिताभ बच्चन ने अपने पोस्ट में फ्रांस की टीम के खिलाड़ियों की नस्लीय पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए लिखा कि टीम में 11 खिलाड़ियों में से 10 अश्वेत और एक श्वेत खिलाड़ी है। उन्होंने इसके साथ "अश्वेतों की ताकत" भी लिखा। पोस्ट सामने आते ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई और देखते ही देखते यह चर्चा का बड़ा विषय बन गया।
क्यों चर्चा में है यह मामला?
- अमिताभ बच्चन का X पोस्ट वायरल हुआ।
- फ्रांस की फुटबॉल टीम की नस्लीय विविधता पर बहस छिड़ी।
- खिलाड़ियों की पहचान, राष्ट्रीयता और प्रतिनिधित्व को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं आईं।
- समर्थकों और आलोचकों के बीच राय बंटी हुई दिखाई दी।
खिलाड़ियों की पहचान को लेकर उठे सवाल
कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने अभिनेता की टिप्पणी की आलोचना करते हुए कहा कि किसी राष्ट्रीय टीम के खिलाड़ियों की पहचान उनकी त्वचा के रंग से नहीं, बल्कि उनकी राष्ट्रीयता और खेल प्रतिभा से की जानी चाहिए। आलोचकों का कहना था कि फ्रांस की टीम को केवल नस्लीय आधार पर देखना उसकी वास्तविक पहचान और विविधता को नजरअंदाज करना है।
वहीं कुछ यूज़र्स ने याद दिलाया कि फ्रांस दशकों से एक बहु-सांस्कृतिक समाज रहा है, जहां विभिन्न मूल और समुदायों से आने वाले खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम का हिस्सा बनते रहे हैं। टीम के कई खिलाड़ी अफ्रीकी या कैरेबियाई मूल के परिवारों से जुड़े हो सकते हैं, लेकिन उनका जन्म और पालन-पोषण फ्रांस में हुआ है और वे देश का प्रतिनिधित्व करते हैं।
Aapse ye umeed nahe the hm to apko
— निकेश (@gaurav14587) July 6, 2026
पुरानी बहस फिर हुई तेज
अमिताभ बच्चन के पोस्ट के बाद फ्रांस की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम की नस्लीय और सांस्कृतिक विविधता को लेकर पुरानी बहस एक बार फिर चर्चा में आ गई। इससे पहले भी बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों के दौरान फ्रांस की टीम की संरचना और खिलाड़ियों की पृष्ठभूमि को लेकर बहस होती रही है।
हालांकि कुछ लोगों ने अभिनेता का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने केवल एक तथ्यात्मक अवलोकन साझा किया था और उसका उद्देश्य किसी समुदाय या खिलाड़ी की पहचान पर सवाल उठाना नहीं था। दूसरी ओर, कई यूज़र्स का मानना है कि सार्वजनिक हस्तियों को ऐसे संवेदनशील विषयों पर टिप्पणी करते समय शब्दों के चयन में अधिक सावधानी बरतनी चाहिए।
What is non sense, they all are french ????????. Stop this black and white . Mai bhi Kah deta hu . In bacchan family there are 5 ppl. All are working and 1 is jobless. Power of bacchans ????????
— Alien (@gabbar2029) July 6, 2026
मैदान पर जब पसीना बहता है अमित सर, तो उसका कोई रंग नहीं होता। वो सिर्फ जीत का रंग होता है। ????????
— Rahul Shiva (@therahulshiva) July 6, 2026
Football doesnot become powerful because of black or white; it becomes powerful when a nation gives equal space to talent.
— Naadish (@naveenanand143) July 6, 2026
That is the real power of that country.
I had to double check the handle ????????????????
— TrophyChorNaqvi (@trophychornaqvi) July 6, 2026
Wtf Amitabh ji. This is so unnecessary
सोशल मीडिया पर बंटी राय
फिलहाल इस मुद्दे पर सोशल मीडिया दो हिस्सों में बंटा हुआ नजर आ रहा है। एक वर्ग इसे सामान्य टिप्पणी मान रहा है, जबकि दूसरा वर्ग इसे खिलाड़ियों की पहचान को नस्ल तक सीमित करने वाला बयान बता रहा है। यही वजह है कि अमिताभ बच्चन का यह पोस्ट लगातार चर्चा और बहस का विषय बना हुआ है।
फ्रांस की टीम क्यों मानी जाती है दुनिया की सबसे मजबूत फुटबॉल टीमों में से एक?
विवाद के बीच यह भी जानना जरूरी है कि फ्रांस की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम दुनिया की सबसे सफल टीमों में गिनी जाती है। 'ले ब्लूज' (Les Bleus) ने 1998 में घरेलू मैदान पर और 2018 में रूस में FIFA वर्ल्ड कप का खिताब जीता था। 2022 वर्ल्ड कप में भी टीम फाइनल तक पहुंची, जहां उसे अर्जेंटीना से पेनल्टी शूटआउट में हार का सामना करना पड़ा।
फ्रांस की टीम लंबे समय से अपनी बहुसांस्कृतिक पहचान के लिए जानी जाती रही है। अलग-अलग पृष्ठभूमि से आने वाले खिलाड़ियों ने देश को कई बड़े अंतरराष्ट्रीय खिताब दिलाए हैं। टीम ने 1984 और 2000 में UEFA यूरो चैंपियनशिप भी जीती थी। वर्तमान दौर में किलियन एम्बाप्पे, एंटोनी ग्रिजमैन और अन्य स्टार खिलाड़ियों के कारण फ्रांस को हर बड़े टूर्नामेंट का प्रबल दावेदार माना जाता है।
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