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Horoscope 27 July 2026 Aaj Ka Rashifal: सभी 12 राशियों का कैसा रहेगा आज का दिन, पढ़ें आज का राशिफल

आज कई राशियों के लिए आर्थिक उन्नति और व्यापार में तरक्की के योग बन रहे हैं, जिससे विशेष सफलताएं मिलेंगी। हालांकि, कुछ जातकों को गलतफहमी, स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं और घरेलू विवादों का सामना करना पड़ सकता है, ऐसे में धैर्य और विवेक से काम लेना ज़रूरी होगा।

मेष 

व्यवसाय में विस्तार की योजना बनेगी। अच्छा दिन है, लोग लोहा मानेंगे। गर्भवती महिलाओं को अधिक सावधान रहना है। अधिकारियों से विवाद हो सकता है।

वृष

मशीनरी संबंधी शिक्षण, प्रशिक्षण और प्रयोग से लाभ। परिवार में मेला सा लगा रहेगा। पुनः मान सम्मान की प्राप्ति। शुभ कार्यों की बाधाएं समाप्त होगी।

मिथुन

स्वास्थ्य में कुछ गड़बड़ झाला लगता है। मूत्राशय के रोग वृद्धों को विशेष परेशान करेंगे। बुद्धि और चतुराई से समस्या का समाधान मिलेगा। उत्सव समारोह में भाग लेंगे।

कर्क

आज छप्पर फाड़कर धन लाभ हो सकता है। भाइयों से आपसी प्रेम बढ़ेगा। विदेश जाना का रास्ता साफ होगा। खाने में असावधानी से स्वास्थ्य खराब।

सिंह

मन में भय और आशंकाएं बनी रहेगी। किसी समारोह में मित्र और संबंधियों से मिलन होगा। धन लाभ के अवसर और उनमें सफलता। लालची और स्वार्थी न बनें।

कन्या

विशेष सिद्धि के लिए साधना करेंगे। खुशी के समाचार मिलेंगे। परिश्रम का सुपरिणाम मिलेगा। व्यक्तिगत में और भी निखार आएगा।

तुला

निष्ठा से काम करें, आशाएं सफल होगी। अनिर्णय की स्थिति रहेगी, धन हानि भी। धन और उपहार की प्राप्ति। दोपहर बाद परेशानी, कठिन समय हैं।

वृश्चिक 

पारिवारिक सामाजिक संदर्भ ठोस निर्णय लेंगे। धन वर्षा होती रहेगी, आप बटोरते रहें। रिश्वत का लेन-देन संभव है। अधिक संघर्ष, फिर भी विजय और सफलता।

धनु

विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। तन-मन दोनों का ध्यान रखें। स्वजनों से विरोध बढ़ेगा- वे दुश्मन बनेंगे। आज धन का लेन-देन न करें, हानि होगी।

मकर 

स्वजनों के साथ आनंद से दिन बीतेगा। रिश्तेदार शुभ कार्य सम्पन्न होने में सहयोग देंगे। अस्पतालों/डाक्टरों के चक्कर। स्वजन शत्रुवत व्यवहार करेंगे।

कुंभ

प्रयत्नों का सुपरिणाम मिलेगा। उपहारों का आदान-प्रदान। सरकारी विवाद- कार्यों में विलम्ब। डूबा हुआ धन प्राप्त होगा।

मीन

शुभ कार्य और अधिकारों की प्राप्ति। धन लाभ के प्रयास सफल होंगे। मनोवांछित सफलताएं प्राप्त होगी। धार्मिक कार्यों में रूचि बढ़ेगी।

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'मैं थोड़ा-बहुत यंग ऋतिक रोशन जैसा दिखता हूं':सौरव दास बोले- दोस्त ने की तुलना, कंगना रनोट के साथ कॉफी पर जाने को तैयार हैं

भाजपा सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनोट के साथ चल रही बयानबाजी के बीच सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि उनके एक दोस्त ने उनसे कहा कि वह यंग ऋतिक रोशन जैसे दिखते हैं। दरअसल, 'द मोजो स्टोरी' पर पत्रकार बरखा दत्त से बातचीत में सौरव ने कहा कि उनके मन में कंगना के प्रति कोई निजी दुश्मनी नहीं है। सौरव ने कहा कि उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए भी कंगना से शांत रहने और बैठकर बातचीत करने की अपील की थी। उनके मुताबिक, मतभेदों का समाधान संवाद से होना चाहिए क्योंकि देश में चर्चा और बहस की संस्कृति लगातार कमजोर होती जा रही है। सौरव ने कहा कि उनके दोस्तों ने भी इस पर सवाल उठाए। उन्होंने बताया, ‘मेरे दोस्त भी मुझे मैसेज कर रहे थे कि अब वो तुम्हारे पीछे क्यों पड़ी है? उनमें से एक ने कहा कि मैं थोड़ा-बहुत यंग ऋतिक रोशन जैसा दिखता हूं।’ हालांकि, इस पर सौरव ने हैरानी जताई। जब सौरव से पूछा गया कि क्या वह कंगना के साथ कॉफी पर मिलना चाहेंगे, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इससे कोई आपत्ति नहीं है। उनके मुताबिक, उनके मन में किसी के लिए, यहां तक कि भाजपा सांसदों के प्रति भी, कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है। सौरव दास के बयान पर कंगना भड़क गईं बता दें कि इससे पहले लगातार स्टूडेंट प्रोटेस्ट की आलोचना कर रहीं एक्ट्रेस और सांसद कंगना रनोट कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास के बयान पर भड़क गईं। दरअसल, कंगना के प्रोटेस्ट विरोधी बयानों पर सौरव ने कहा कि उन्हें उनकी पार्टी तक सीरियसली नहीं लेती, तो बाकी लोगों को भी नहीं लेना चाहिए। सौरव के बयान पर कंगना भड़क गईं और जवाब में उन्हें बेरोजगार और बेकार कहा था। पूरी खबर यहां पढ़ें… दरअसल, पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद से ही कंगना रनोट लगातार सोशल मीडिया पर कॉकरोच जनता पार्टी और स्टूडेंट प्रोटेस्ट के खिलाफ बयान दे रही हैं। मंगलवार को कंगना ने सोशल मीडिया पर लिखा था, प्रदर्शनकारियों को आम लोग उनकी गंदी और अपमानजनक रीलों की वजह से सड़कों पर पीट रहे हैं और गालियां दे रहे हैं। उन्हें समझना चाहिए कि जब बोलते हो तो सुनना भी पड़ेगा। अगर तुम सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हो, तो वही जनता भी तुम्हें नुकसान पहुंचाएगी। अगर तुम्हें देश और नेतृत्व से समस्या है और तुमने सार्वजनिक रूप से खूब गंदी-गंदी गालियां दी हैं, तो अब उनकी भी सुनो जो इस देश से प्यार करते हैं और इस सरकार को वोट की ताकत से लेकर आए हैं। क्योंकि बोलने का हक उन्हें भी है। अब रोने वाली कोई बात नहीं है। इसके अलावा कंगना ने एक और इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा था, सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात युवा हिंदू महिलाओं का व्यवहार है। वे स्वतंत्र और करियर बनाने वाली महिलाओं की जिंदगी की नकल करना चाहती हैं, लेकिन उस आजादी को कमाना नहीं चाहतीं। जो महिलाएं वास्तव में स्वतंत्र होती हैं, वे विद्रोही फैसले लेती हैं, बेबाक राय रखती हैं, परंपराओं से हटकर करियर चुनती हैं और अपने हर फैसले की जिम्मेदारी भी खुद उठाती हैं, क्योंकि वे अपने दम पर जीवन जीती हैं। वे यह सब अपने माता-पिता या परिवार की कीमत पर नहीं करतीं। यह तथाकथित पश्चिमी सोच वाली भारतीय महिलाओं की नई पीढ़ी है, जिन्हें मैं 'जनरेशन गटर' कहती हूं। उन्होंने आगे लिखा था, इनमें से कुछ के पास समाज को देने के लिए कुछ भी नहीं है। वे पढ़ाई में अच्छी नहीं हैं और उनकी सोच इतनी बदसूरत तथा मानसिकता इतनी भ्रष्ट है कि वे अच्छी गृहिणी भी नहीं बन सकतीं। फिर भी वे नशा करने, शराब पीने या कई लोगों के साथ शारीरिक संबंध बनाने की अपनी तथाकथित आजादी का खुलेआम प्रदर्शन करती हैं। वे बेशर्मी से अपने माता-पिता की कमाई पर निर्भर रहती हैं और वास्तव में आत्मनिर्भर हुए बिना स्वतंत्र जीवन जीने की मांग करती रहती हैं। एक विनम्र याद दिलाना: स्वतंत्र जीवन कमाना पड़ता है। अगर आप जिम्मेदारी उठाए बिना स्वतंत्र जीवन जीने की कोशिश करते हैं, तो आप सिर्फ एक विकृत व्यक्तित्व हैं - 'गटर छाप'।

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  Sports

अजित आगरकर के कार्यकाल पर बोले Wasim Jaffer, नतीजों के दम पर Chief Selector को बताया पूरी तरह सफल

भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता अजित आगरकर का कार्यकाल एक बार फिर चर्चा में है। हाल के महीनों में टीम चयन को लेकर कई सवाल उठे हैं, लेकिन पूर्व भारतीय बल्लेबाज वसीम जाफर का मानना है कि अगर केवल नतीजों के आधार पर देखा जाए तो आगरकर का कार्यकाल सफल माना जाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कुछ खिलाड़ियों के साथ जिस तरह का व्यवहार हुआ और चयन प्रक्रिया में जो फैसले लिए गए, उन पर बहस होना स्वाभाविक है।

बता दें कि अजित आगरकर को जुलाई 2023 में भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड ने मुख्य चयनकर्ता बनाया था। उनके कार्यकाल में भारतीय टीम ने एकदिवसीय प्रारूप के विश्व कप का फाइनल खेला, एशिया कप जीता, चैंपियंस ट्रॉफी अपने नाम की और लगातार दो बार बीस ओवर विश्व कप जीतकर इतिहास रचा। सीमित ओवरों के क्रिकेट में भारत का प्रदर्शन शानदार रहा, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में टीम को कुछ बड़े झटके भी झेलने पड़े हैं।

मौजूद जानकारी के अनुसार, आगरकर का कार्यकाल जून 2026 में समाप्त होना था, लेकिन बीसीसीआई ने उन्हें तीन महीने का विस्तार दिया था। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि उन्हें आगे भी जिम्मेदारी मिलती है या नहीं।

अपने वीडियो में वसीम जाफर ने कहा कि किसी भी चयनकर्ता का मूल्यांकन अंत में टीम के प्रदर्शन और परिणामों के आधार पर किया जाता है। उनके अनुसार, भारत ने पिछले कुछ वर्षों में कई बड़े खिताब जीते हैं, इसलिए इस नजरिए से आगरकर का कार्यकाल सफल कहा जा सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि कुछ खिलाड़ियों को लेकर लिए गए फैसलों ने सवाल जरूर खड़े किए हैं।

जाफर ने विशेष रूप से मोहम्मद शमी, सरफराज खान, अभिमन्यु ईश्वरन और औकिब नबी का जिक्र किया। उनका कहना था कि इन खिलाड़ियों के चयन और बाहर किए जाने को लेकर कई बार स्पष्टता नहीं दिखाई दी। उन्होंने कहा कि जब किसी खिलाड़ी को मौका नहीं मिलता या अचानक टीम में शामिल किया जाता है, तो उसके पीछे की वजह साफ होनी चाहिए। इससे खिलाड़ियों का भरोसा भी बना रहता है और चयन प्रक्रिया पर भी सवाल कम उठते हैं।

गौरतलब है कि हाल ही में औकिब नबी को भारतीय टीम में स्थान मिला, जबकि इससे पहले उन्हें नजरअंदाज किया गया था। इसी तरह मोहम्मद शमी और सरफराज खान को लेकर भी लगातार चर्चाएं होती रही हैं। जाफर का मानना है कि इन मामलों पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए ताकि खिलाड़ियों को अपने भविष्य को लेकर स्पष्ट संदेश मिल सके।

वसीम जाफर ने भारतीय टीम की सफलता का बड़ा श्रेय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को भी दिया। उन्होंने कहा कि जब बुमराह टीम में होते हैं तो विरोधी टीम पर लगातार दबाव बना रहता है। वहीं जब वह किसी कारण से नहीं खेलते, तब भारतीय गेंदबाजी साधारण नजर आती है। इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे के दौरान भी यह अंतर साफ दिखाई दिया है।

उन्होंने यह भी बताया कि चयन समिति में सभी सदस्य मिलकर फैसला लेते हैं। हालांकि मुख्य चयनकर्ता की राय महत्वपूर्ण होती है, लेकिन किसी खिलाड़ी के चयन पर सामूहिक चर्चा के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाता है। जाफर का मानना है कि उपलब्धियों के आधार पर आगरकर का कार्यकाल सफल जरूर रहा है, लेकिन भविष्य में चयन प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी तथा स्पष्ट बनाने की जरूरत भी बनी हुई हैं।
Fri, 07 Aug 2026 19:59:44 +0530

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