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15 अगस्त विशेष: तिरंगा कितनी बार बदला? 1906 से 1947 तक जानें भारतीय राष्ट्रीय ध्वज का पूरा इतिहास

15 अगस्त विशेष: भारत का तिरंगा आज जिस स्वरूप में दिखाई देता है, वह हमेशा से ऐसा नहीं था। स्वतंत्रता से पहले भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के स्वरूप में कई बदलाव हुए। 1906 में सामने आए पहले झंडे से लेकर 1947 में अपनाए गए वर्तमान तिरंगे तक इसकी यात्रा बेहद दिलचस्प रही है।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि आजादी से पहले भारत का झंडा कितनी बार बदला था? इस लेख में जानिए 1906 से 1947 तक भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के बदलाव की पूरी कहानी और वर्तमान तिरंगे को कब अपनाया गया।

जानिए राष्ट्रीय तिरंगे झंडे से जुड़ी कुछ रोचक बातें।  

आपको बता दें कि भारत का पहला झंडा 7 अगस्त 1906 को अस्तित्व में आया था। इसके बाद से भारत के झंडे में कई बदलाव देखे गए। देश का झंडा कुल 6 बार बदला जा चुका है।

भारत का पहला झंडा कब बना? 1906 में कैसा था राष्ट्रीय ध्वज

भारत का पहला झंडा 7 अगस्त 1906 को अस्तित्व में आया था। इस झंडे में तीन रंग हरा, पीला और लाल रंग की पट्टियां देखने को मिलती है। इसमें बीच में वन्देमातरम लिखा हुआ था।

1907 में भारत के झंडे में क्या बदलाव हुआ?

1907 में मैडम कामा और उनके कुछ क्रांतिकारी साथियों, जिन्हें भारत से निर्वासित कर दिया गया था। इसमें केसरिया, पीला और हरे रंग की पट्टियां थी।

1917 का भारतीय झंडा कैसा था? जानें क्या हुआ बदलाव

1917 में डॉ. एनी बेसेंट और लोकमान्य तिलक ने एक नया झंडा फहराया। इस झंडे में पांच लाल और 4 हरे रंग की पट्टियां थी। इसके साथ ही इसमें सप्तऋशि को दर्शाते सात तारे अर्द्ध चंद्र और सितारे थे।  इस झंडे में बाएं साइड के कोने में यूनियन जैक भी था।

INDIAN NATIONAL FLAG

1921 में भारत के झंडे का स्वरूप कैसे बदला?

अखिल भारत कांग्रेस कमेटी के सेशन के दौरान आंध्र प्रदेश के एक व्यक्ति ने 1921 में महात्मा गांधी को चौथा झंडा दिया था। इसमें सफेद, हरे और लाल रंग की पट्टियां थीं। वहीं देश के विकास को दर्शाने के लिए बीच में चरखा भी था।

1931 में भारतीय झंडे में क्या बड़ा बदलाव हुआ?

1931 में एक बार फिर भारत का झंडा बदला गया।  अब इस झंडे को इंडियन नेशनल कांग्रेस ने आधिकारिक तौर पर अपनाया था। इस झंडे में केसरिया, सफेद और हरे रंग की पट्टियां थीं। चरखा झंडे के केंद्र में ही था।   

1947 में वर्तमान तिरंगा कैसे बना?

1931 में बना झंडा ही आज के वर्तमान भारतीय तिरंगे से काफी मिलता जुलता है। 1947 में इस झंडे में थोड़ा संशोधन करते हुए चरखे के स्थान पर अशोक चक्र को रखा गया।   

भारत का राष्ट्रीय ध्वज कब अपनाया गया?

भारतीय राष्‍ट्रीय ध्‍वज को वर्तमान स्‍वरूप में 22 जुलाई 1947 को आयोजित भारतीय संविधान सभा की बैठक के दौरान अपनाया गया था। इसको पहले स्वराज झंडा कहा जाता था। इसे स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के मौके पर फहराया जाता है। 

तिरंगे के तीन रंगों और अशोक चक्र का क्या अर्थ है?

भारत के राष्‍ट्रीय ध्‍वज की ऊपरी पट्टी में केसरिया रंग है जो देश की शक्ति और साहस को दर्शाता है। मध्य में स्थित सफेद पट्टी शांति और सत्‍य का प्रतीक है। सबसे नीचे हरी पट्टी वृद्धि और भूमि की पवित्रता को दर्शाती है। तिरंगे झंडे में मौजूद चक्र को विधि का चक्र कहते हैं। इस चक्र को प्रदर्शित करने का आशय यह है कि जीवन  गति‍शील है।

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Tata Motors की कुल बिक्री अगस्त में 56 प्रतिशत उछलकर 67,753 यूनिट पर पहुंची

टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड की अगस्त में कुल बिक्री सालाना आधार पर 56 प्रतिशत बढ़कर 67,753 इकाई हो गई। कंपनी ने पिछले साल इसी महीने में 43,315 वाहन बेचे थे। टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड (टीएमपीवीएल) ने बयान में कहा कि अगस्त में यात्री वाहनों की घरेलू बिक्री 59 प्रतिशत बढ़कर 65,253 इकाई हो गई जबकि अगस्त, 2025 में 41,001 इकाई थी।

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अगस्त में यात्री वाहनों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बिक्री 2,500 इकाई रही जबकि एक साल पहले इसी महीने की 2,314 इकाई से आठ प्रतिशत अधिक है। कंपनी ने बताया कि अगस्त में अंतरराष्ट्रीय स्तर एवं घरेलू बाजार समेत कुल इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री 16,549 इकाई रही, जो एक साल पहले इसी महीने की 8,540 इकाई से 94 प्रतिशत अधिक है।

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  Sports

Abhishek Sharma ने T20I में तोड़ा Virat Kohli का रिकॉर्ड, Asian Games 2026 में रचा इतिहास

2026 एशियन गेम्स में पुरुषों के क्रिकेट गोल्ड मेडल मैच में पाकिस्तान के खिलाफ भारत के ओपनर अभिषेक शर्मा ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 28 गेंदों में 61 रन बनाए और भारत-पाकिस्तान T20I मैचों की एक पारी में सबसे ज़्यादा छक्के लगाने के युवराज सिंह के रिकॉर्ड की बराबरी की। शर्मा की पारी में सात छक्के और तीन चौके शामिल थे और उनका स्ट्राइक रेट 217.68 रहा। सात छक्के लगाकर उन्होंने युवराज सिंह के उस रिकॉर्ड की बराबरी की, जो 2012 में अहमदाबाद में पाकिस्तान के खिलाफ़ मैच में बना था। इससे पहले, शर्मा ने 2025 में दुबई में एशिया कप के दौरान पाकिस्तान के खिलाफ़ पांच छक्के लगाए थे।

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इस पारी के साथ, T20 इंटरनेशनल में पाकिस्तान के खिलाफ़ शर्मा के छक्कों की कुल संख्या 14 हो गई, जिससे उन्होंने भारत के पूर्व बल्लेबाज़ विराट कोहली के 11 छक्कों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। 26 साल के इस खिलाड़ी ने एक कैलेंडर ईयर में T20 क्रिकेट में किसी भारतीय बल्लेबाज़ द्वारा सबसे ज़्यादा छक्के लगाने का अपना ही रिकॉर्ड भी बेहतर किया; 2026 में उनके छक्कों की संख्या 104 हो गई। उन्होंने 2025 में 108 छक्कों का रिकॉर्ड बनाया था।

वैभव सूर्यवंशी 2026 में 90 छक्कों के साथ दूसरे नंबर पर हैं, जबकि शर्मा ने 2024 में 87 छक्के लगाए थे। 2022 में सूर्यकुमार यादव ने 85 छक्के लगाए थे। शर्मा एक कैलेंडर ईयर में सबसे तेज़ी से 100 छक्के लगाने वाले खास खिलाड़ियों के ग्रुप में भी शामिल हो गए; उन्होंने यह उपलब्धि 651 गेंदों में हासिल की। ​​उनसे आगे सिर्फ़ वेस्टइंडीज़ के ऑलराउंडर आंद्रे रसेल हैं, जिन्होंने 2019 में 589 गेंदों में यह कारनामा किया था। इस लिस्ट में उनके बाद डेवाल्ड ब्रेविस (2025 में 653 गेंदें), क्रिस गेल (724) और करणबीर सिंह (728) का नंबर आता है।

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इसके अलावा, शर्मा ने 3,513 गेंदों में 400 T20 छक्के पूरे किए। इस मामले में वे रसेल (3,027) के बाद तीसरे और गेल (3,557) से आगे हैं। इस लिस्ट में शामिल अन्य खिलाड़ियों में टिम डेविड (3,803), कीरोन पोलार्ड (3,944) और निकोलस पूरन (4,045) हैं। पुरुषों के T20 गोल्ड मेडल मैच में भारत के कुल 211/6 के स्कोर में शर्मा के 61 रनों का अहम योगदान रहा। उन्हें तिलक वर्मा का साथ मिला, जिन्होंने 22 गेंदों पर नाबाद 51 रन बनाए। पाकिस्तान की ओर से अहमद दानियाल और अराफात मिन्हास ने दो-दो विकेट लिए।

Sat, 03 Oct 2026 12:44:00 +0530

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