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Sawan 2026 में सूर्य-चंद्र ग्रहण का Double Impact, Climate Change और वैश्विक सुरक्षा की बढ़ेगी चुनौती

हिंदू धर्म में सूर्य और चंद्र ग्रहण की घटना को महत्वपूर्ण माना जाता है। इस बार सावन के महीने में दो बड़े ग्रहण लगने जा रहे हैं। विज्ञान में ग्रहण को खगोलीय घटना मानी जाती है। दरअसल, 12 अगस्त 2026 को पूर्ण सूर्य ग्रहण और 27-28 अगस्त 2026 को आंशिक चंद्र ग्रहण लगने वाला है। ग्रह को ज्योतिष में बेहद खास माना जाता है। 
माना जाता है कि यह समय सामूहिक घटनाओं, शासन, अर्थव्यवस्था, मौसम और लोगों भावनाओं को प्रभावित करता है। वैसे आपको बता दें कि, इनमे से कोई भी ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा। आइए आपको बताते क्या इसका असर होगा या नहीं।

भारत पर क्या होगा प्रभाव?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य ग्रहण के चलते शासन, प्रशासन और नीतियों पर ज्यादा ध्यान रहने वाला है। इस दौरान सरकारें अपनी बड़ी योजनाओं की फिर से समीक्षा कर सकती हैं। राजनीतिक चर्चाएं और जन बहस काफी तेज हो सकती हैं। बड़े विकास कार्यों को आगे बढ़ाने से पहले उन पर दोबारा विचार किया जाएगा।
दूसरी तरफ, चंद्र ग्रहण के कारण लोगों की भावनाएं संवेदनशील हो सकती हैं। जिसके चलते सामाजिक कल्याण, सेहत, खेती और पढ़ाई-लिखाई से जुड़ी बातों पर चर्चा बढ़ सकती है। पानी और पर्यावरण से संबंधित मामलों पर भी ध्यान दिया जाएगा।

ग्लोबल अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
जब ग्रहण लगता है, तो इस अवधि में शेयर बाजार और पैसों के मामलों में थोड़ा संभलकर चलने का होता है। निवेशक और व्यापारी काफी सोच-समझकर कदम बढ़ाते हैं। इतना ही नहीं, सरकारें भी बड़े बदलाव करने के स्थान पर अपनी पुरानी आर्थिक नीतियों को मजबूत करने पर ध्यान देती हैं। टेक्नोलॉजी, सेहत, ऊर्जा, खेती और जरुरी सेवाओं से जुड़े क्षेत्र इस अवधि में अधिक चर्चा हो सकती है। 

राजनैतिक और कूटनितिक हलचल
सूर्य और चंद्र ग्रहण के प्रभाव से दुनिया भर की सरकारें अपनी कूटनीतिक रणनीतियों का फिर से आकलन कर सकती हैं। इन लोगों का पूरा ध्यान लंबे समय तक चलने वाली पार्टनरशिप पर रहेगा। मुख्य बातचीत, नीतियों की समीक्षा और वैश्विक सुरक्षा से जुड़े कई मुद्दों पर काम तेज होगा।

मौसम और प्राकृतिक घटनाएं
ग्रहण के कारण दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश, बाढ़, सूखे से निपटना और जलवायु से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। बता दें कि, यह सभी पारंपरिक ज्योतिषीय आकलन हैं।

आध्यात्मिक महत्व
गौरतलब है कि सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित है,जो इसे सभी भक्तों के लिए काफी पवित्र माना जाता है। ग्रहण का यह समय पूजा-पाठ, ध्यान, मंत्र जाप और खुद के अंदर झांकने के लिए काफी बढ़िया माना जाता है। भूलकर भी इस समय कोई भी नए और बड़े काम की शुरुआत न करें।  

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'अभी तो उसको एक थप्पड़ पड़ा है':संजय सिंह ने कंगना रनोट पर साधा निशाना, बोले- जेपी नड्डा जी अपनी सांसद को समझाइए

संसद में गुरुवार को आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भाजपा सांसद कंगना रनोट का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधा। संजय सिंह ने सदन में कहा, "इनकी एक सांसद हैं। उन्होंने किसान आंदोलन में किसानों को गालियां दीं। नौजवानों के आंदोलन में नौजवानों के लिए इतनी भद्दी टिप्पणी की, मान्यवर, इस सदन के अंदर मैं कह नहीं सकता।" उन्होंने आगे कहा, "हमारी बच्चियों के चरित्र के ऊपर सवाल उठाया गया।" इसके बाद संजय सिंह ने कहा, "मैं जेपी नड्डा जी से निवेदन करना चाहता हूं, समझाइए अपने उस सांसद को।" अपने भाषण के दौरान संजय सिंह ने कहा, "अभी तो उसको एक थप्पड़ पड़ा। सिर्फ पांच उंगलियों के निशान पड़े थे। ऐसी बात करोगे... तो तुम्हारी सरकार को इस देश का नौजवान... पकड़ के गटर में डालने का काम करेगा।" कंगना ने क्या कहा था दरअसल, हाल ही में कंगना ने एक इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा था, "सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात युवा हिंदू महिलाओं का व्यवहार है। वे स्वतंत्र और करियर बनाने वाली महिलाओं की जिंदगी की नकल करना चाहती हैं, लेकिन उस आजादी को कमाना नहीं चाहतीं। जो महिलाएं वास्तव में स्वतंत्र होती हैं, वे विद्रोही फैसले लेती हैं, बेबाक राय रखती हैं, परंपराओं से हटकर करियर चुनती हैं और अपने हर फैसले की जिम्मेदारी भी खुद उठाती हैं, क्योंकि वे अपने दम पर जीवन जीती हैं। वे यह सब अपने माता-पिता या परिवार की कीमत पर नहीं करतीं। यह तथाकथित पश्चिमी सोच वाली भारतीय महिलाओं की नई पीढ़ी है, जिन्हें मैं 'जनरेशन गटर' कहती हूं।" वहीं, कंगना के 'जनरेशन गटर' वाले बयान को लेकर सोनू सूद ने कहा कि अगर कंगना ने ऐसा कहा है, तो यह बहुत शर्मनाक है। मीडिया से बातचीत के दौरान सोनू सूद ने कहा कि उन्होंने कंगना का पूरा बयान नहीं सुना है, लेकिन इस तरह की बयानबाजी से बचना चाहिए। सोनू ने कहा, ये युवा ही हैं जो कलाकारों को बनाते हैं और आपको इस मुकाम तक पहुंचने में मदद करते हैं। जब तक वे आपके साथ खड़े हैं, आप आगे बढ़ते रहेंगे। पूरी खबर यहां पढ़ें… …………… कंगना रनोट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… 'मैं थोड़ा-बहुत यंग ऋतिक रोशन जैसा दिखता हूं':सौरव दास बोले- दोस्त ने की तुलना, कंगना रनोट के साथ कॉफी पर जाने को तैयार हैं भाजपा सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनोट के साथ चल रही बयानबाजी के बीच सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि उनके एक दोस्त ने उनसे कहा कि वह यंग ऋतिक रोशन जैसे दिखते हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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  Sports

धोनी के रूम में क्या करने जाते थे खिलाड़ी? पठान ने कहा था हुक्का बनाने, अजिंक्य रहाणे ने किया नया खुलासा

Ajinkya Rahane MS Dhoni: अपनी प्लानिंग और सटीक रणनीति के लिए मशहूर एमएस धोनी को पता था कि अपने टीममेट्स का कैसे ध्यान रखना है. अजिंक्य रहाणे ने भी बताया कि कैसे धोनी मैदान के भीतर और बाहर दोनों जगह खिलाड़ियों को सहज महसूस करवाते थे. धोनी की ओपन डोर पॉलिसी की तारीफ तो कई बार हो चुकी है. Fri, 7 Aug 2026 08:16:38 +0530

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