Success Story: बोल नहीं सकता यश, लेकिन बॉलिंग लेन पर उसकी कामयाबी बोलती है, गोल्ड समेत 3 मेडल जीते
Yash Success Story: किसी चुनौती को अपनी राह की रुकावट नहीं बनने देना क्या होता है, यश की कहानी इसका उदाहरण है. बोल नहीं पाने वाला यश बॉलिंग लेन पर अपनी प्रतिभा का ऐसा प्रदर्शन कर रहा है, जिसने उसे राष्ट्रीय प्रतियोगिता से अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचा दिया. अप्रैल में हुई नेशनल बॉलिंग चैंपियनशिप में यश ने तीन पदक अपने नाम किए, जिसमें गोल्ड मेडल भी शामिल रहा. इस प्रदर्शन के बाद उसे अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप के लिए चुना गया. चीन में 4 से 9 सितंबर तक हुई प्रतियोगिता में यश ने राजस्थान का प्रतिनिधित्व किया. उसकी इस उपलब्धि के पीछे लगातार अभ्यास और कोच लोकेन्द्र सिंह राठौड़ का मार्गदर्शन रहा. यश ने खेल को अपनी अभिव्यक्ति का माध्यम बनाया और अपनी प्रतिभा के दम पर अलग पहचान बनाई. उसकी कहानी बताती है कि मेहनत और अवसर मिलें तो प्रतिभा किसी भी चुनौती से आगे निकल सकती है.
HIV का शक है तो लक्षण का न करें इंतजार, डॉक्टर से जानें जांच, विंडो पीरियड और 72 घंटे वाले PEP की जानकारी
पिथौरागढ़ में सामने आए एचआईवी संक्रमण के हालिया मामले ने स्वास्थ्य महकमे के साथ-साथ आम जनता के बीच जागरूकता की आवश्यकता को एक बार फिर रेखांकित कर दिया है. एचआईवी को लेकर समाज में आज भी कई भ्रांतियां और डर व्याप्त हैं, जबकि हकीकत यह है कि सही जानकारी, समय पर जांच और आधुनिक चिकित्सकीय प्रबंधन से संक्रमित व्यक्ति भी एक सामान्य और स्वस्थ जीवन व्यतीत कर सकता है. संक्रमण से बचाव के लिए इसके फैलने के वास्तविक कारणों, शुरुआती संकेतों, विंडो पीरियड और आपातकालीन उपचार (PEP) की सटीक जानकारी होना बेहद अहम है.
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