Muzaffarpur में घर से 435 किलो Smack बरामद, भाई-बहन को पुलिस ने किया अरेस्ट
मुजफ्फरपुर, दो अक्टूबर बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में पुलिस ने एक घर से कथित तौर पर 435 किलोग्राम स्मैक, 2.10 लाख रुपये नकद और चार मोबाइल फोन बरामद कर एक भाई और उसकी बहन को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, जब्त मादक पदार्थ 2,015 पैकेट में रखा था और गायघाट थाना क्षेत्र के हनुमान नगर गांव स्थित एक घर से इसकी कथित तौर पर बिक्री की जा रही थी।
मुजफ्फरपुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह प्रभाकर ने कहा, ‘‘पुलिस को बृहस्पतिवार को सूचना मिली थी कि शिव शंकर कुमार और उसकी बहन अपने घर से कथित तौर पर स्मैक बेच रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने परिसर में छापेमारी की। तलाशी के दौरान घर से मादक पदार्थ, नकदी और मोबाइल फोन बरामद किए गए।’’ उन्होंने बताया कि दोनों भाई-बहन को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया और पूछताछ के दौरान उन्होंने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वे अपने घर में स्मैक रखते और उसकी बिक्री करते थे।
प्रभाकर ने कहा, ‘‘गायघाट थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच की जा रही है। पुलिस गिरफ्तार भाई-बहन के आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है। दोनों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है।’’ अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों के परिवार के सदस्यों के मादक पदार्थों की तस्करी में कथित रूप से शामिल रहने का पुराना इतिहास है।
प्रभाकर ने बताया कि पुलिस अब मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े इस कथित नेटवर्क की जांच कर रही है, ताकि इससे जुड़े अन्य लोगों और बरामद स्मैक के स्रोत का पता लगाया जा सके।
CBI ने मुंबई में CPWD इंजीनियर और 4 अन्य को 50 लाख की घूसखोरी में पकड़ा
नयी दिल्ली, दो अक्टूबर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने मुंबई में जमीन के एक टुकड़े के संबंध में अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी करने के लिए कथित तौर पर 50 लाख रुपये की रिश्वत लेने के मामले में केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) के एक कार्यकारी अभियंता, उसके एक रिश्तेदार और मुंबई स्थित रियल एस्टेट समूह के तीन अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि सीपीडब्ल्यूडी के कार्यकारी अभियंता विक्रांत वर्मा, उनके रिश्तेदार सौरव गुप्ता, रियल एस्टेट समूह (बाया ग्रुप ऑफ कंपनीज) के उपाध्यक्ष अरविंद सेमवाल, प्रबंधक चेतन महाजन और बाया ग्रुप के तहत आने वाली साझेदारी कंपनी रेनसां में साझेदार अनिल देशमुख के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
सीबीआई के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, आरोप है कि आरोपी कार्यकारी अभियंता ने मुंबई के वडाला में जमीन के एक टुकड़े के संबंध में एनओसी जारी करने के लिए अपने रिश्तेदार के माध्यम से एक करोड़ रुपये के अनुचित लाभ की मांग की, जिसे बाद में 70 लाख रुपये पर तय किया गया। एनओसी में यह कहा जाना था कि उक्त जमीन पर सीपीडब्ल्यूडी का कोई दावा नहीं है और रियल एस्टेट समूह वहां निर्माण परियोजना शुरू करना चाहता था। सीबीआई प्रवक्ता के बयान के अनुसार, पत्र 50 लाख रुपये के भुगतान के बदले जारी किया गया था और बाकी 20 लाख रुपये का भुगतान एक सप्ताह बाद किया जाना था।
बयान में कहा गया, सीबीआई ने एक अक्टूबर को जाल बिछाया और आरोपी सरकारी कर्मचारी के रिश्तेदार को 50 लाख रुपये की रिश्वत की रकम ले जाते हुए पकड़ लिया। उसने यह रकम कार्यकारी अभियंता की ओर से रियल एस्टेट समूह के उपाध्यक्ष से स्वीकार की थी। प्रवक्ता ने बताया कि कार्यकारी अभियंता को नवी मुंबई के वाशी में पकड़ा गया, जहां वह रिश्वत की रकम लेने के लिए इंतजार कर रहा था।
बयान में कहा गया, रियल एस्टेट समूह के एक प्रबंधक और एनओसी मांगने वाली कंपनी के एक साझेदार को भी गिरफ्तार किया गया, जो लेन-देन के दौरान वहां मौजूद थे। सभी पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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