भोपाल में सफाई अभियान के साथ हुआ KBK-2 का फिनाले, MP-छत्तीसगढ़ और नागपुर के 550 अधिकारियों-कर्मचारियों ने किया था आवेदन
भोपाल में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के आयकर विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने शुक्रवार को सफाई अभियान चलाया। दरअसल ‘स्वच्छता ही सेवा’ के तहत हुए इस कार्यक्रम की थीम ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ रखी गई थी। इस दौरान डीजी इन्वेस्टिगेशन बिजॉय कुमार पांडा की मौजूदगी में पुराने आयकर भवन और आसपास के इलाकों में सफाई की गई। विभाग की अलग-अलग शाखाओं के अधिकारी-कर्मचारी इसमें शामिल हुए।
वहीं सफाई अभियान से पहले भोपाल स्थित राष्ट्रीय प्रत्यक्ष कर अकादमी के क्षेत्रीय परिसर में ‘कौन बनेगा करपति (KBK) Season-02’ का ग्रैंड फिनाले आयोजित किया गया। इस प्रतियोगिता में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और नागपुर क्षेत्र के कुल 550 अधिकारियों और कर्मचारियों ने आवेदन किया था। प्रतियोगिता को दो कैटेगरी में रखा गया था। पहली कैटेगरी में इंस्पेक्टर स्तर तक के कर्मचारी और दूसरी में आयकर अधिकारी यानी ITO और उससे ऊपर के अधिकारी शामिल थे।
भोपाल में आयकर विभाग का सफाई अभियान
दरअसल ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के तहत शुक्रवार को आयकर विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने पुराने आयकर भवन और आसपास के क्षेत्र में सफाई की। कार्यक्रम की थीम ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ रखी गई थी। इस दौरान विभाग की अलग-अलग शाखाओं से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी एक साथ सफाई अभियान में शामिल हुए। डीजी इन्वेस्टिगेशन बिजॉय कुमार पांडा की मौजूदगी में हुए इस कार्यक्रम में दफ्तर परिसर की सफाई की गई। अधिकारियों और कर्मचारियों ने मिलकर परिसर और आसपास के इलाके में सफाई का काम किया। अभियान का आयोजन आयकर विभाग की ओर से किया गया था। वहीं इससे पहले राष्ट्रीय प्रत्यक्ष कर अकादमी के क्षेत्रीय परिसर भोपाल में KBK Season-02 का ग्रैंड फिनाले हुआ। प्रतियोगिता में शामिल अधिकारियों-कर्मचारियों से आयकर से जुड़े अलग-अलग सवाल पूछे गए। प्रतियोगिता के दौरान नवीन आयकर अधिनियम 2025 सहित अलग-अलग कर विषयों पर सवाल रखे गए थे।
KBK Season-2 में 550 अधिकारियों-कर्मचारियों ने किया आवेदन
जानकारी के अनुसार ‘कौन बनेगा करपति’ सीजन-2 में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और नागपुर क्षेत्र के 550 अधिकारियों और कर्मचारियों ने आवेदन किया था। प्रतियोगिता को दो अलग-अलग कैटेगरी में बांटा गया था। पहली कैटेगरी इंस्पेक्टर स्तर तक के कर्मचारियों के लिए थी जबकि दूसरी कैटेगरी में ITO और उससे ऊपर के अधिकारी शामिल किए गए थे। टियर-1 परीक्षा के बाद दोनों कैटेगरी से 30-30 प्रतिभागियों का चयन किया गया। इस तरह कुल 60 प्रतिभागी टियर-2 में पहुंचे। टियर-2 के बाद दोनों कैटेगरी से 5-5 प्रतिभागियों को ग्रैंड फिनाले के लिए चुना गया। फिनाले में भी आयकर और टैक्स से जुड़े विषयों पर सवाल पूछे गए।
NOC के लिए 1 करोड़ की रिश्वत! CPWD के कार्यकारी अभियंता समेत 5 गिरफ्तार, 50 लाख की रकम बरामद
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मुंबई में रिश्वतखोरी के एक मामले में केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) के कार्यकारी अभियंता, उसके एक रिश्तेदार और मुंबई स्थित एक रियल एस्टेट ग्रुप के तीन अधिकारियों समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. मामला मुंबई के वडाला इलाके की एक जमीन के संबंध में अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करने के बदले रिश्वत मांगने से जुड़ा है.
1 करोड़ की रिश्वत मांगी, 70 लाख में सौदा
CBI के मुताबिक, एजेंसी ने 1 अक्टूबर 2026 को मामला दर्ज किया था. आरोप है कि CPWD मुंबई के कार्यकारी अभियंता ने वडाला स्थित जमीन पर NOC जारी करने के लिए 1 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी थी. बाद में रकम घटाकर 70 लाख रुपये तय की गई.
आरोप है कि कार्यकारी अभियंता ने अपने पुणे निवासी रिश्तेदार के जरिए यह रकम मांगी थी. संबंधित जमीन पर एक रियल एस्टेट ग्रुप निर्माण परियोजना शुरू करना चाहता था और इसके लिए उसे CPWD से NOC की जरूरत थी.
50 लाख रुपये लेते रिश्तेदार को रंगे हाथ पकड़ा
CBI ने 1 अक्टूबर को जाल बिछाकर कार्रवाई की. जांच एजेंसी ने कार्यकारी अभियंता के रिश्तेदार को 50 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया. आरोप है कि उसने यह रकम रियल एस्टेट ग्रुप के वाइस प्रेसिडेंट से कार्यकारी अभियंता की ओर से स्वीकार की थी. इसके बाद CBI ने नवी मुंबई के वाशी इलाके में कार्यकारी अभियंता को भी गिरफ्तार कर लिया. वह कथित तौर पर रिश्वत की रकम हासिल करने के लिए वहां इंतजार कर रहा था. रिश्वत के लेन-देन के दौरान मौजूद रियल एस्टेट ग्रुप के एक मैनेजर और NOC हासिल करने वाली फर्म के एक पार्टनर को भी गिरफ्तार किया गया.
NOC जारी करने के बाद 20 लाख रुपये और देने थे
जांच में सामने आया कि 50 लाख रुपये के भुगतान के बाद NOC जारी कर दिया गया था, लेकिन इस NOC की एंट्री डिस्पैच रजिस्टर में नहीं की गई थी. CBI के अनुसार, रिश्वत की कुल तय रकम 70 लाख रुपये थी. इसमें से 50 लाख रुपये का भुगतान हो चुका था, जबकि बाकी 20 लाख रुपये एक सप्ताह बाद दिए जाने थे.
मुंबई, नवी मुंबई और पुणे में छापेमारी
गिरफ्तारियों के बाद CBI ने आरोपियों और उनसे जुड़े लोगों के मुंबई, नवी मुंबई और पुणे स्थित परिसरों की तलाशी ली. तलाशी के दौरान 50 लाख रुपये की रिश्वत की रकम के अलावा करीब 53.87 लाख रुपये नकद बरामद किए गए. इसके साथ ही अचल संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज भी मिले हैं.
सभी पांच आरोपी गिरफ्तार
CBI ने मामले में CPWD के कार्यकारी अभियंता, उसके रिश्तेदार, रियल एस्टेट ग्रुप के वाइस प्रेसिडेंट, मैनेजर और NOC से जुड़ी फर्म के पार्टनर समेत कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. सभी आरोपियों को शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026 को मुंबई की विशेष CBI अदालत में पेश किया जा रहा है. CBI ने कहा है कि मामले में आगे की जांच जारी है.
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