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CEC ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें, Congress नेता हर्षवर्धन सपकाल ने उठाई मांग

मुंबई, दो अक्टूबर कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों को शुक्रवार को अपनी पार्टी का समर्थन देते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। सपकाल ने गांधी जयंती पर कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के प्रभारी डॉ. सिरिवेला प्रसाद के साथ यहां ऐतिहासिक मणि भवन का दौरा करने के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान आरोप लगाया कि चुनावी व्यवस्था से समझौता किया गया है। उन्होंने कहा कि कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोग जब तक पद नहीं छोड़ देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

सपकाल ने कहा, ‘‘ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा जरूरी है, लेकिन मुख्य साजिशकर्ताओं का इस्तीफा भी होना चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग को ‘‘प्रपत्र-6 में किए गए बदलावों और चुनाव से संबंधित कुछ कार्य एक निजी कंपनी को सौंपे जाने के फैसले’’ पर स्पष्टीकरण देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी मतदाता पंजीकरण प्रपत्र में किए गए बदलावों पर सवाल उठाए थे। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) ने शुक्रवार को मुंबई में प्रदर्शन कर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।

यह प्रदर्शन हाल की उन मीडिया रिपोर्टों के बाद किया गया, जिनमें कहा गया था कि निर्वाचन आयुक्तों -सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी- ने 10 महीने के दौरान कम से कम 14 मौकों पर मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े फैसलों और आदेशों पर आपत्ति दर्ज की थी तथा इनमें से कुछ आदेशों के बारे में उनका कहना था कि वे उनकी जानकारी के बिना जारी किए गए थे। निर्वाचन आयोग ने बाद में स्पष्ट किया कि तीन-सदस्यीय आयोग ने एसआईआर से जुड़े सभी फैसले सर्वसम्मति से लिये थे। महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) की परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक और अन्य कथित अनियमितताओं को लेकर सपकाल ने कहा कि कांग्रेस अभ्यर्थियों के आंदोलन का समर्थन करती है और आयोग के अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग करती है।

उन्होंने कहा, ‘‘एमपीएससी अध्यक्ष को इस्तीफा देना चाहिए।’’ सपकाल ने आरोप लगाया कि विद्यार्थियों के बार-बार विरोध के बावजूद आयोग की कार्यप्रणाली संतोषजनक नहीं रही है। यह मांग ऐसे समय की गई है, जब पुणे में एमपीएससी अभ्यर्थियों का आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ प्रदर्शन जारी है। राज्य सरकार ने अध्यक्ष एवं सदस्यों की कार्यप्रणाली की न्यायिक जांच की घोषणा की है और आयोग के सचिव के तत्काल तबादले का आदेश दिया है।

सपकाल ने मणि भवन के दौरे के समय कहा कि महात्मा गांधी ने यहां काफी समय बिताया था और कांग्रेस कार्यसमिति की बैठकों समेत कई ऐतिहासिक फैसले इसी स्थान पर लिये गए थे। उन्होंने कहा, ‘‘गांधी को केवल उनकी जयंती और पुण्यतिथि पर याद करना पर्याप्त नहीं है। गांधी और संविधान के विचारों को आगे बढ़ाने की तत्काल जरूरत है।’’ सपकाल ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की आलोचना करते हुए कहा कि उसे अपने कार्यालयों में संविधान की एक प्रति रखनी चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि संगठन की विचारधारा गांधी, समाज सुधारकों और संविधान के विचारों के विपरीत है। सपकाल ने यह भी आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार बढ़ती कीमतों पर काबू पाने में नाकाम रही है। उन्होंने दावा किया कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के कार्यकाल में आम लोगों पर बोझ कम था।

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Bihar विधान परिषद उपचुनाव: Congress ने 5 सीटों पर उतारे प्रत्याशी, दरार की अटकलें खारिज

पटना, दो अक्टूबर बिहार में आगामी विधान परिषद चुनाव में पांच सीट पर चुनाव लड़ने के कांग्रेस के फैसले के बाद विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन में दरार की अटकलों को पार्टी ने शुक्रवार को खारिज कर दिया। इन पांच में से अधिकतर सीट पर कांग्रेस का मुकाबला उसकी सहयोगी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के उम्मीदवारों से होगा। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी (बीपीसीसी) के अध्यक्ष राजेश कुमार राम ने कहा कि पार्टी का फैसला कार्यकर्ताओं की भावनाओं और जनता की इस धारणा के अनुरूप है कि कांग्रेस भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सामने प्रमुख चुनौती के रूप में उभर रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम जिन सीट पर चुनाव लड़ रहे हैं, वहां हमारा मुकाबला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से होगा। बाकी सीट पर हम अपने इंडिया गठबंधन के सहयोगियों की जीत सुनिश्चित करने के लिए काम करेंगे।’’ उल्लेखनीय है कि कांग्रेस ने विधान परिषद की कुल आठ सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए बृहस्पतिवार देर रात पांच उम्मीदवारों की सूची जारी की थी। दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र को छोड़कर बाकी सभी निर्वाचन क्षेत्रों में राजद भी मैदान में है।

दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा इस बार भी चुनाव लड़ रहे हैं। बिहार विधान परिषद की आठ सीट के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होना है। चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के सदस्यों का कार्यकाल 16 नवंबर को समाप्त होने वाला है।

कांग्रेस महासचिव (संगठन) के. सी. वेणुगोपाल की ओर से बृहस्पतिवार देर शाम मंजूर की गई सूची के अनुसार, पार्टी ने पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से संजय यादव को उम्मीदवार बनाया है। इस सीट से जद(यू) छोड़कर राजद में शामिल हुए संजीव कुमार ने राजद उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया है। कांग्रेस ने कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से मनोज कुमार जायसवाल, दरभंगा स्नातक से रजनीकांत पाठक और पटना स्नातक से असदुल्लाह खान को उम्मीदवार बनाया है।

इन सभी सीटो पर राजद भी चुनाव लड़ रहा है। राजद ने पिछले महीने छह सीट के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा की थी और कहा था कि ‘‘बाकी सीट पर फैसला लंबित है।’’ हालांकि, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य अखिलेश प्रसाद सिंह, ने इस घटनाक्रम को ज्यादा तवज्जो नहीं दी और कहा कि इसमें कुछ नया नहीं है। सिंह पहले राजद के नेता रह चुके हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘लोगों को शायद याद नहीं होगा कि अतीत में भी गठबंधन सहयोगियों ने विधान परिषद की एक ही सीट पर अपने-अपने उम्मीदवार उतारे हैं। इसमें कोई समस्या नहीं है, क्योंकि ये चुनाव संबंधित राजनीतिक दलों के चुनाव चिह्न पर नहीं लड़े जाते।’’ हालांकि, कांग्रेस के कुछ नेताओं ने नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर कहा कि पार्टी में दबदबा रखने वाले राजद को ‘‘सबक सिखाने’’ की जरूरत महसूस की जा रही थी। नेताओं ने आरोप लगाया कि राजद ने पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव जैसे महत्वपूर्ण चुनावों में भी ‘‘एकतरफा अपने उम्मीदवारों की घोषणा’’ करके सहयोगी दलों को असहज किया था।

स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए ऐसे मतदाता पात्र होते हैं, जिन्होंने भारत के किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से कम से कम तीन वर्ष पहले स्नातक की डिग्री हासिल की हो और संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में निवास करते हों। इसी तरह, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में माध्यमिक विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में कम से कम तीन वर्ष का शिक्षण अनुभव रखने वाले लोग मतदान कर सकते हैं। दोनों ही मामलों में मतदाता का संबंधित उद्देश्य के लिए तैयार मतदाता सूची में पंजीकृत होना अनिवार्य है।

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  Sports

Team India के ODI स्क्वाड में Rishabh Pant की वापसी मुश्किल, 2 साल से नहीं खेला मैच

ऋषभ पंत के टेस्ट क्रिकेट में लगातार मजबूत होते कद के बीच सीमित ओवरों की टीम में उनकी जगह को लेकर तस्वीर अब भी साफ नहीं है। भारतीय टीम के लिए पंत ने 2 साल से ज्यादा समय से कोई वनडे मुकाबला नहीं खेला है। वेस्टइंडीज के खिलाफ घोषित वनडे टीम में भी उन्हें जगह नहीं मिली है, जिससे 50 ओवर के क्रिकेट में उनकी वापसी को लेकर सवाल और बढ़ गए हैं।

मौजूद जानकारी के अनुसार पंत ने भारत के लिए अब तक 31 वनडे मुकाबले खेले हैं, जिनमें उन्होंने 33.50 की औसत से 871 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से 1 शतक और 5 अर्धशतक निकले हैं। उनका सबसे बड़ा वनडे स्कोर 125 रन नाबाद है, जो उन्होंने 2022 में इंग्लैंड के खिलाफ बनाया था।

अब विकेटकीपर की दौड़ पहले से ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो गई है। ईशान किशन ने वनडे में सबसे तेज दोहरा शतक लगाने का रिकॉर्ड बनाया है, लेकिन वह अभी तक 50 ओवर की टीम में अपनी जगह नियमित नहीं कर पाए हैं। वहीं ध्रुव जुरेल को भी वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे टीम में शामिल किया गया है। ऐसे में पंत के लिए वापसी का रास्ता आसान नहीं दिखता है।

खुद पंत भी मानते हैं कि टीम से बाहर होना तकलीफ देता है। उन्होंने खेल से जुड़े एक कार्यक्रम में कहा कि किसी खिलाड़ी को जब झटका लगता है तो वापसी की उम्मीद हमेशा बनी रहती है। उनके मुताबिक खिलाड़ी को रोजमर्रा के करियर में ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है और अपने रास्ते पर ध्यान बनाए रखना जरूरी है।

पंत ने यह भी कहा कि बाहर से लोग अलग-अलग राय दे सकते हैं, लेकिन खिलाड़ी को पता होता है कि वह कितनी मेहनत कर रहा है। उनका कहना है कि मौके का इंतजार करने के साथ सही समय आने पर उसे अपने प्रदर्शन से अपने पक्ष में बदलना भी जरूरी है।

टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी पंत की स्थिति पूरी तरह मजबूत नहीं है। संजू सैमसन इस प्रारूप में भारत के प्रमुख विकेटकीपर बल्लेबाज बने हुए हैं। टी20 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन के बाद सैमसन की स्थिति और मजबूत हुई है। ईशान किशन भी जरूरत पड़ने पर विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभालते हैं।

गौरतलब है कि पंत के पिछले 2 आईपीएल सीजन भी बल्ले से बहुत प्रभावी नहीं रहे हैं। 2025 में उन्होंने 24.45 की औसत और 133.17 के स्ट्राइक रेट से 269 रन बनाए थे। हालांकि, सीजन के आखिरी लीग मुकाबले में उन्होंने शतक लगाया था। इसके अगले सीजन में पंत ने 28.36 की औसत और 138 के स्ट्राइक रेट से 312 रन बनाए हैं।

इसके बावजूद पंत ने साफ कर दिया है कि वह भारतीय टीम में वापसी की कोशिश जारी रखेंगे। उनका मानना है कि उन्हें अब भी अपनी क्षमता दिखाने के पर्याप्त मौके नहीं मिले हैं। हालांकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट लगातार बदल रहा है और ऐसे में खिलाड़ी को मौके का इंतजार करने के साथ मिले अवसर को प्रदर्शन में बदलना पड़ता है। यही कोशिश अब पंत की वापसी की राह तय करने वाली है।

Fri, 02 Oct 2026 22:27:00 +0530

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