MP के 145 यात्रियों से चारधाम यात्रा के नाम पर फ्रॉड, 5100 रुपए लिए, चमोली में बसें रुकवाईं, 4 दिन फंसे रहे श्रद्धालु
आलीराजपुर और जोबट से चारधाम यात्रा पर गए 145 यात्रियों को उत्तराखंड के चमोली में परेशानी का सामना करना पड़ा। दरअसल यात्रियों का आरोप है कि यात्रा के लिए 5100 रुपए लेने के बाद रास्ते में उनसे 2 से 3 हजार रुपए और लिए गए। वहीं लौटते समय ट्रैवल एजेंसी ने चमोली में बसें रोक दीं। इसके बाद यात्री चार दिन तक परेशान रहे और प्रशासन की मदद से उन्हें हरिद्वार रवाना किया गया।
दरअसल यात्रा का आयोजन केवलरामदासजी महाराज की अगुवाई में किया गया था। यात्रियों से प्रति व्यक्ति 5100 रुपए लिए गए थे। यात्रा में केदारनाथ, बद्रीनाथ, रुद्रप्रयाग और यमुनोत्री के दर्शन कराने की बात कही गई थी। लौटते समय ट्रैवल एजेंसी ने चमोली में बसें रुकवा दीं।
आलीराजपुर और जोबट से हरिद्वार के लिए रवाना हुईं थी बसें
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यात्रा 14 से 26 सितंबर तक होनी थी लेकिन कुछ लोगों के जरूरी डॉक्यूमेंट जमा नहीं होने के कारण तीन बसें 18 सितंबर को आलीराजपुर और जोबट से हरिद्वार के लिए रवाना हुईं। यात्रा में कुल 145 लोग शामिल थे। इनमें 55 पुरुष, 67 महिलाएं और 23 बच्चे थे। यात्रियों से आधार, पासपोर्ट और फोटो भी लिए गए थे। शुरुआती तौर पर यात्रियों से कुल 5 लाख 67 हजार रुपए लिए गए थे। पोस्टर में सुबह का नाश्ता और रात का खाना देने की बात भी लिखी गई थी।
चारधाम यात्रा में यात्रियों से लिए गए अतिरिक्त पैसे
यात्री अर्पित गुप्ता के मुताबिक हरिद्वार पहुंचने के बाद आगे की यात्रा के लिए ट्रैवल एजेंसी की बसों की व्यवस्था की गई थी। रास्ते में बाबा की ओर से यात्रियों से 2 से 3 हजार रुपए अतिरिक्त लिए गए। इसके बाद यात्रियों ने गंगोत्री, यमुनोत्री और केदारनाथ के दर्शन किए। आखिर में सभी यात्री बद्रीनाथ पहुंचे। यात्रियों के अनुसार ट्रैवल एजेंसी से बसों का 11 हजार रुपए प्रति यात्री के हिसाब से भुगतान तय हुआ था। ट्रैवल एजेंसी संचालक का कहना है कि उन्हें बाबा की ओर से 11 हजार रुपए प्रति यात्री देने की बात कही गई थी। एजेंसी के मुताबिक उन्हें 6 लाख 70 हजार रुपए का भुगतान किया गया था जबकि कुल बिल 18 लाख रुपए का बना था।
ट्रैवल एजेंसी संचालक ने क्या कहा?
वहीं ट्रैवल एजेंसी संचालक के अनुसार बाकी 12 लाख 30 हजार रुपए पीपलकोटी में देने की बात कही गई थी। वहां भुगतान नहीं होने पर एजेंसी ने बसें रोक दीं। संचालक का कहना था कि जब तक पूरा भुगतान नहीं होगा बसें आगे नहीं जाएंगी। इसके बाद यात्रियों को पीपलकोटी के एक आश्रम में रुकवाया गया। बताया गया कि बाबा को भी इसी दौरान एक कमरे में रखा गया था। यात्रियों का कहना है कि ट्रस्ट की ओर से ट्रैवल एजेंसी को भुगतान किया जाना था। जब उन्होंने महाराज से संपर्क किया तो उन्हें भी साफ जवाब नहीं मिला। इसके बाद यात्रियों ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी परेशानी बताई और मदद मांगी।
प्रशासन की मदद से हरिद्वार पहुंचे
दरअसल बसें रुकने के बाद सभी यात्री चार दिन तक चमोली में फंसे रहे। यात्रियों के मुताबिक वे ट्रस्ट के आश्रम में रुके हुए थे लेकिन खाने-पीने की व्यवस्था नहीं थी। ऐसे में उन्हें अपने पैसे से खाना और अन्य जरूरी सामान लेना पड़ा। यात्री अर्पित गुप्ता ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर जोबट विधायक सेना महेश पटेल से मदद की गुहार लगाई। इसके बाद आलीराजपुर कलेक्टर नीतू माथुर ने उत्तराखंड के चमोली कलेक्टर से फोन पर संपर्क किया। पुलिस कंट्रोल रूम के जरिए भी अधिकारियों से बातचीत की गई।
प्रशासन के निर्देश के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने ट्रैवल एजेंसी और यात्रा आयोजक के बीच बातचीत कराई। इसके बाद शुक्रवार सुबह सभी यात्रियों को बसों से हरिद्वार के लिए रवाना किया गया। मामले में शिकायत के बाद चमोली पुलिस ने यात्रा आयोजक केवलरामदास त्यागी महाराज के खिलाफ धारा 420 के तहत केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया है।
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