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ब्रिटिश भारतीय शतरंज खिलाड़ी बोधना शिवानंदन के नाम एक और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड

ब्रिटिश भारतीय शतरंज खिलाड़ी बोधना शिवानंदन के नाम एक और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड

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11 वर्षीय Bodhana Sivanandan ने बनाया सबसे युवा WGM बनने का Guinness World Record

(अदिति खन्ना) लंदन, दो अक्टूबर ब्रिटिश भारतीय शतरंज खिलाड़ी बोधना शिवानंदन का नाम सबसे कम उम्र में महिला ग्रैंडमास्टर (डब्ल्यूजीएम) का खिताब हासिल करने के लिए शुक्रवार को एक बार फिर ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में दर्ज किया गया। लंदन की 11 वर्षीय स्कूली छात्रा ने पिछले सप्ताह 46वें शतरंज ओलंपियाड में इतिहास रचते हुए महिला ग्रैंडमास्टर का प्रतिष्ठित खिताब हासिल करने वाली दुनिया की सबसे कम उम्र की शतरंज खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया था। उज्बेकिस्तान के समरकंद में मिली उनकी इस असाधारण उपलब्धि ने उनके नाम एक और रिकॉर्ड जोड़ दिया है।

इससे पहले वह महज 10 वर्ष की उम्र में दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर चुकी थीं। इस नए खिताब के साथ बोधना के नाम अब कुल तीन गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड हो गए हैं। इससे पहले उन्होंने ‘‘महिला अंतरराष्ट्रीय मास्टर बनने वाली सबसे कम उम्र की शतरंज खिलाड़ी’’ और ‘‘शतरंज टूर्नामेंट में किसी ग्रैंडमास्टर को हराने वाली सबसे कम उम्र की महिला खिलाड़ी’’ होने का रिकॉर्ड बनाया था।

वैश्विक रिकॉर्ड संस्था ने कहा, ‘‘बोधना ने यह हालिया उपलब्धि उस समय हासिल की, जब ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स 2027’ छप चुका था। इस कारण उनका नया रिकॉर्ड इस वर्ष की पुस्तक में शामिल नहीं है। हालांकि, उनकी पिछली दोनों रिकॉर्ड उपलब्धियों को नए संस्करण में जगह दी गई है।’’ बोधना को उनकी पिछली दोनों उपलब्धियों के लिए आधिकारिक गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड प्रमाणपत्र मिल चुके हैं और तीसरे रिकॉर्ड का प्रमाणपत्र भी उन्हें जल्द मिलेगा।

बोधना ने एक बयान में कहा, ‘‘ ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स 2027’ में जगह मिलना मेरे लिए बेहद सम्मान की बात है। इससे मुझे बहुत प्रोत्साहन और आत्मविश्वास मिला है। यह मुझे लगातार बेहतर प्रदर्शन करने तथा और उपलब्धियां हासिल करने के लिए प्रेरित करता है।’’ शतरंज से उनका सफर एक अप्रत्याशित उपहार और शतरंज की बिसात के एक खास मोहरे ‘घोड़े’ को लेकर पैदा हुई दिलचस्पी से शुरू हुआ था।

बचपन में वह ‘घोड़े’ वाले मोहरे से इतनी प्रभावित थीं कि उसे अन्य खिलौनों की तरह अपने पास रखना चाहती थीं। उनके पिता ने उन्हें समझाया कि अगर वह शतरंज के सेट से केवल घोड़े का मोहरा निकाल लेंगी तो बाकी लोग खेल नहीं पाएंगे। इसके बाद बोधना ने पांच साल आठ महीने की उम्र में शतरंज सीखना शुरू किया और छह वर्ष की उम्र में प्रतियोगिताएं जीतने लगीं।

‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ के प्रधान संपादक क्रेग ग्लेनडे ने कहा कि इस स्कूली छात्रा की कहानी इस बात का शानदार उदाहरण है कि किसी बच्चे की जिज्ञासा किस तरह उसे असाधारण उपलब्धि तक पहुंचा सकती है।

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  Sports

Team India के ODI स्क्वाड में Rishabh Pant की वापसी मुश्किल, 2 साल से नहीं खेला मैच

ऋषभ पंत के टेस्ट क्रिकेट में लगातार मजबूत होते कद के बीच सीमित ओवरों की टीम में उनकी जगह को लेकर तस्वीर अब भी साफ नहीं है। भारतीय टीम के लिए पंत ने 2 साल से ज्यादा समय से कोई वनडे मुकाबला नहीं खेला है। वेस्टइंडीज के खिलाफ घोषित वनडे टीम में भी उन्हें जगह नहीं मिली है, जिससे 50 ओवर के क्रिकेट में उनकी वापसी को लेकर सवाल और बढ़ गए हैं।

मौजूद जानकारी के अनुसार पंत ने भारत के लिए अब तक 31 वनडे मुकाबले खेले हैं, जिनमें उन्होंने 33.50 की औसत से 871 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से 1 शतक और 5 अर्धशतक निकले हैं। उनका सबसे बड़ा वनडे स्कोर 125 रन नाबाद है, जो उन्होंने 2022 में इंग्लैंड के खिलाफ बनाया था।

अब विकेटकीपर की दौड़ पहले से ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो गई है। ईशान किशन ने वनडे में सबसे तेज दोहरा शतक लगाने का रिकॉर्ड बनाया है, लेकिन वह अभी तक 50 ओवर की टीम में अपनी जगह नियमित नहीं कर पाए हैं। वहीं ध्रुव जुरेल को भी वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे टीम में शामिल किया गया है। ऐसे में पंत के लिए वापसी का रास्ता आसान नहीं दिखता है।

खुद पंत भी मानते हैं कि टीम से बाहर होना तकलीफ देता है। उन्होंने खेल से जुड़े एक कार्यक्रम में कहा कि किसी खिलाड़ी को जब झटका लगता है तो वापसी की उम्मीद हमेशा बनी रहती है। उनके मुताबिक खिलाड़ी को रोजमर्रा के करियर में ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है और अपने रास्ते पर ध्यान बनाए रखना जरूरी है।

पंत ने यह भी कहा कि बाहर से लोग अलग-अलग राय दे सकते हैं, लेकिन खिलाड़ी को पता होता है कि वह कितनी मेहनत कर रहा है। उनका कहना है कि मौके का इंतजार करने के साथ सही समय आने पर उसे अपने प्रदर्शन से अपने पक्ष में बदलना भी जरूरी है।

टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी पंत की स्थिति पूरी तरह मजबूत नहीं है। संजू सैमसन इस प्रारूप में भारत के प्रमुख विकेटकीपर बल्लेबाज बने हुए हैं। टी20 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन के बाद सैमसन की स्थिति और मजबूत हुई है। ईशान किशन भी जरूरत पड़ने पर विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभालते हैं।

गौरतलब है कि पंत के पिछले 2 आईपीएल सीजन भी बल्ले से बहुत प्रभावी नहीं रहे हैं। 2025 में उन्होंने 24.45 की औसत और 133.17 के स्ट्राइक रेट से 269 रन बनाए थे। हालांकि, सीजन के आखिरी लीग मुकाबले में उन्होंने शतक लगाया था। इसके अगले सीजन में पंत ने 28.36 की औसत और 138 के स्ट्राइक रेट से 312 रन बनाए हैं।

इसके बावजूद पंत ने साफ कर दिया है कि वह भारतीय टीम में वापसी की कोशिश जारी रखेंगे। उनका मानना है कि उन्हें अब भी अपनी क्षमता दिखाने के पर्याप्त मौके नहीं मिले हैं। हालांकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट लगातार बदल रहा है और ऐसे में खिलाड़ी को मौके का इंतजार करने के साथ मिले अवसर को प्रदर्शन में बदलना पड़ता है। यही कोशिश अब पंत की वापसी की राह तय करने वाली है।

Fri, 02 Oct 2026 22:27:00 +0530

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