हनुमान अंश को लेकर मेकर्स ने शेयर किया बड़ा अपडेट, नीम करोली बाबा पर बनी फिल्म अब तेलुगू वर्जन में होगी रिलीज, जानिए डेट
Hanuman Ansh Releasing in Telugu Version: नीम करोली बाबा की जिंदगी पर बनी फिल्म हनुमान अंश (Hanuman Ansh) दुनियाभर से तारीफ बटोर रही है. इस फिल्म को रिलीज हुए दो महीने हो गए हैं लेकिन अभी भी कमाई कर रही है. इसकी कहानी लोगों को खूब पसंद आ रही है. जिसकी वजह इसकी कमाई में हर रोज बढ़ोतरी हो रही है. फिल्म की बढ़ती पॉपुलैरिटी को देखते हुए मेकर्स ने इसकी वर्ल्ड वाइल्ड रिलीज करने का ऐलान किया था. जिसके बाद से यह फिल्म दुनियाभर से भी शानदार कमाई कर रही है. वहीं, अब फिल्म के प्रोडक्शन हाउथ यानी होम्बले फिल्म्स ने हनुमान अंश को लेकर बड़ा अपडेट शेयर किया है.मेकर्स ने बताया कि अब यह फिल्म दुनियाभर में तेलुगू भाषा में भी रिलीज होने जा रही है. इस खबर के सामने आने के बाद लोग काफी एक्साइटेड हो गए हैं. आइए जानते हैं कि हनुमान अंश का तेलुगू वर्जन कब रिलीज होने जा रहा है.
तेलुगू में इस दिन रिलीज होगी हनुमान अंश
हनुमान अंश की बंपर सक्सेस ने मेकर्स को भी इसे अलग-अलग भाषाओं में रिलीज करने पर मजबूर कर दिया है. फिल्म को मिल रही कामयाबी से मेकर्स काफी खुश है. जिसके बाद अब मेकर्स ने इसे दुनियाभर में तेलुगू में भाषा में रिलीज करने का प्लान किया है. आपको बता दें कि हनुमान अंश का तेलुगू वर्जन दुनियाभर में 9 अक्टूबर को रिलीज होने जा रहा है. इसी के साथ होम्बले फिल्म्स ने फिल्म को मिल रही जबरदस्त सराहना और क्रिटिक्स की तारीफ मिलने के बाद इसे आध्यात्मिक मास्टरपीस को अलग-अलग भाषाओं में दुनिया के सामने पेश करना का प्लान बनाया है.
मेकर्स ने शेयर किया अपेडट
होम्बले फिल्म्स ने सोशल मीडिया पर हनुमान अंश से जुड़ा अपडेट शेयर किया. मेकर्स ने अनाउंसमेंट की, 'हमें बहुत खुशी है कि हम दर्शकों के लिए #HanumanAnsh को तेलुगु में ला रहे हैं, ताकि वे दुनिया भर में बड़े पर्दे पर इसकी दिव्य भव्यता को एक्सपीरियंस कर सकें. हनुमान अंश दुनिया भर में 9 अक्टूबर को रिलीज होगी.'
'डिवाइन डिटूर' से प्रेरित है हनुमान अंश की कहानी
गौरतलब है कि हनुमान अंश को रागिनी एस, नम्रता सिंह, अनुप्रिया नागर और विशाल चतुर्वेदी ने मिलकर प्रोड्यूस किया है. फिल्म अपनी कहानी और आध्यात्मिक सच्चाई से पहले से ही दर्शकों के दिलों पर राज रही है. ऐसे में अब इस भक्तिमय कहानी को देश के अलावा विदेश में भी सुनाने की जिम्मेदारी होम्बले फिल्म्स ने संभाली है. इस फिल्म की कहानी को विशाल चतुर्वेदी ने लिखा और डायरेक्ट किया है. बता दें कि इसकी कहानी 'डिवाइन डिटूर' ((Divine Detour: That Changed My Life) किताब से प्रेरित है.
नीम करोली बाबा की कहानी को दिखाया जाएगा टीवी पर
'हनुमान अंश' (Hanuman Ansh) की ब्लॉकबस्टर सफलता के बाद नीम करौली बाबा की कहानी अब छोटे पर्दे पर भी आने वाली है. सोनी नेटवर्क ने हाल ही में सोशल मीडिया पर शो की पहली झलक शेयर की है. प्रोमो में नीम करोली बाबा से जुड़ी आध्यत्मिक और रहस्यमयी झलकियां दिखाई गई है. प्रोमो के शुरुआत में एक बुजुर्ग व्यक्ति को नदी के किनारे चलते हुए दिखाया गया है. वहीं, बैकग्राउंड में वॉइसओवर सुनाई देता है, 'वह व्यक्ति जिनकी कहानियों ने देश को मंत्रमुग्ध कर दिया. अब, देश उनके जीवन की अन्य जादुई कहानियां देखेगा.' वहीं, प्रोमो में बुजुर्ग व्यक्ति को कंबल में लिपटा हुआ दिखाया गया है और वो आसमान की ओर अपने हाथ उठाते हैं और वहां भगवान हनुमान की छवि दिखाई देती है. हालांकि मेकर्स ने अभी यह रिवील नहीं किया है कि इस शो कब से देखा जा सकेगा. ऐसे में इसके लिए लोगों को इंतजार करना पड़ेगा.
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कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में इबोला से मरने वालों की संख्या 4 हजार के पार
किंशासा, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) में जारी इबोला प्रकोप से मरने वालों की संख्या 4 हजार के पार पहुंच गई है। कांगो के स्वास्थ्य अधिकारियों की ओर से शुक्रवार को जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, सात प्रांतों में इबोला के 8,300 मामलों की पुष्टि हुई है, जिनमें 4,018 लोगों की मौत हो चुकी है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों में बताया गया है कि अब तक 2,162 मरीज ठीक हो चुके हैं। वहीं, इबोला से मृत्यु दर 48.4 प्रतिशत है।
अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा सहायता संगठन मेडेसिन्स सान्स फ्रंटियर्स (एमएसएफ) ने गुरुवार को चेतावनी दी कि इस प्रकोप से वास्तव में प्रभावित होने और जान गंवाने वाले लोगों की संख्या आधिकारिक आंकड़ों से ज्यादा हो सकती है।
संगठन ने कहा कि निगरानी और मामलों की पहचान में कमियों के कारण वास्तविक आंकड़ा अधिक होने की आशंका है।
यह डीआरसी के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा और सबसे घातक इबोला प्रकोप बन गया है। वहीं, दुनियाभर में यह वर्ष 2014 से 2016 के बीच पश्चिम अफ्रीका में फैले इबोला प्रकोप के बाद दूसरा सबसे बड़ा प्रकोप है।
इस बीच, अफ्रीका रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (अफ्रीका सीडीसी) ने गुरुवार को चेतावनी दी कि डीआरसी में हाल में इबोला के दर्ज मामलों में आई कमी को संक्रमण में लगातार गिरावट के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
अफ्रीका सीडीसी ने कहा कि मामलों में कमी बीमारी की निगरानी व्यवस्था में आई रुकावटों के कारण भी हो सकती है।
ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस में अफ्रीका सीडीसी के अधिकारी वेसम मनकौला ने बताया कि मई के मध्य में इबोला का प्रकोप केवल तीन स्वास्थ्य क्षेत्रों तक सीमित था, लेकिन अब यह सात प्रांतों के 63 स्वास्थ्य क्षेत्रों तक फैल चुका है। इनमें से 45 स्वास्थ्य क्षेत्रों में अब भी संक्रमण फैल रहा है।
उन्होंने बताया कि पिछले चार से पांच सप्ताह में महामारी के मामलों का ग्राफ काफी हद तक स्थिर रहा है। ताजा सप्ताह में दर्ज मामलों में कमी भी आई है, लेकिन एजेंसी ने इसे बीमारी पर लगातार नियंत्रण मिलने का संकेत मानने से सावधान किया है।
मनकौला ने कहा, मामलों के ग्राफ में गिरावट का यह मतलब नहीं है कि प्रकोप पूरी तरह नियंत्रण में आ गया है। कई इलाकों में असुरक्षा और स्थानीय समुदायों के विरोध के कारण बीमारी की निगरानी और इससे निपटने की गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। इससे चिंता बढ़ गई है कि संक्रमण के कुछ मामलों की पहचान नहीं हो पा रही होगी।
--आईएएनएस
एएमटी/वीसी
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