Congress Nitin Gadkari आवास के बाहर Ethanol ईंधन के खिलाफ प्रदर्शन
नागपुर, तीन अगस्त युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को ई-20 ईंधन के मुद्दे को लेकर नागपुर में विरोध प्रदर्शन किया और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के आवास का ‘घेराव’ करने के लिए मार्च निकाला। हालांकि, पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया, जिसके बाद कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया। यह ‘मोर्चा’ शहर के महाल स्थित चितनवीस पार्क चौक से गडकरी के निजी आवास तक निकाला गया।
इस दौरान युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने ई-20 ईंधन की व्यावहारिक उपयोगिता पर सवाल उठाते हुए नारेबाजी की। केंद्रीय मंत्री के आवास के पास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था और रास्ते में अवरोधक लगाए गए थे। इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने के लिए अवरोधक पार करने की कोशिश की।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। कांग्रेस ई-20 ईंधन के मुद्दे पर नितिन गडकरी को लगातार निशाने पर ले रही है। पार्टी का कहना है कि 29 जुलाई को संसद में ई20 पेट्रोल के देशव्यापी क्रियान्वयन पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी द्वारा दिए गए जवाब से समाधान के बजाय और अधिक सवाल खड़े हुए हैं।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोमवार को कहा कि गडकरी का दावा है कि वर्षों तक वैज्ञानिक परीक्षण करने के बाद ही ई-20 पेट्रोल लागू किया गया है और इससे वाहनों को व्यापक स्तर पर नुकसान पहुंचने का कोई प्रमाण नहीं है। रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘लेकिन पिछले कई महीनों से देशभर के उपभोक्ता और मैकेनिक माइलेज, इंजन के प्रदर्शन में गिरावट, वाहनों पर ई20 के दीर्घकालिक प्रभाव, इंजन की अनुकूलता, ठंडे मौसम में स्टार्ट होने में दिक्कत, 2023 से पहले बने वाहनों में तेजी से घिसावट, पुराने वाहनों में फ्यूल इंजेक्टर जाम होने, ईंधन पाइपों में जंग लगने तथा रबर के पुर्जों में दरार आने जैसी समस्याओं की शिकायत कर रहे हैं।’’ मुंबई में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने गडकरी के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि ई20 ईंधन को लागू करना एक ‘‘बड़ा घोटाला’’ है, जिसने सत्ता से जुड़े कुछ निहित स्वार्थों को फायदा पहुंचाते हुए लाखों वाहन मालिकों को संकट में डाल दिया है।
सपकाल ने दावा किया, ‘‘ई-20 ईंधन को पूरे देश में लागू करने की समयसीमा 2030 से पहले इसलिए कर दी गई, ताकि कुछ खास हितों को फायदा पहुंचाया जा सके। ऐसी शिकायतें भी मिली हैं कि पेट्रोल में एथनॉल की जगह पानी मिलाया जा रहा है। पूरे मामले की गहन जांच होनी चाहिए।’’ उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इन ‘‘अनियमितताओं’’ के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, नितिन गडकरी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जिम्मेदार हैं।
गडकरी के इस्तीफे की मांग करते हुए सपकाल ने दावा किया कि नागपुर के सांसद ने वाहन मालिकों की शिकायतों के बावजूद एथनॉल मिश्रित ईंधन कोपुरजोर तरीके से बढ़ावा दिया। कांग्रेस नेता ने यह भी दावा किया कि इस कथित घोटाले में बिचौलिए शामिल हैं, जिनकी भूमिका उजागर होनी चाहिए। सपकाल ने कहा कि मिश्रित ईंधन को पेट्रोल के दाम पर बेचकर उपभोक्ताओं के साथ धोखा किया गया है, इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी को देश से माफी मांगनी चाहिए।
IRCTC catering पर 5.13 करोड़ रुपये जुर्माना, रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw का राज्यसभा में बयान
नयी दिल्ली, तीन अगस्त ट्रेनों में भोजन की खराब गुणवत्ता और अस्वच्छ पेंट्री कार से जुड़ी शिकायतों की जांच के बाद सेवा प्रदाताओं पर पिछले तीन वर्षों में 5.13 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा को यह जानकारी दी। कांग्रेस सांसद चंद्रकांत हंडोरे ने प्रीमियम ट्रेनों में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता का मुद्दा उठाते हुए पूछा था कि पिछले तीन वर्षों के दौरान प्रीमियम और एक्सप्रेस ट्रेनों में खराब भोजन, अस्वच्छ पेंट्री कार और आतिथ्य सेवाओं में कमी से संबंधित कितनी शिकायतें मिलीं?
हंडोरे ने यह भी जानना चाहा था कि संस्थागत रूप से अधिक शुल्क वसूलने और खराब गुणवत्ता वाला या निर्धारित मात्रा से कम भोजन परोसने के दोषी आईआरसीटीसी लाइसेंसधारकों के खिलाफ क्या वैधानिक कार्रवाई की गई? वैष्णव ने शुक्रवार को अपने लिखित जवाब में कहा, “भारतीय रेल हर साल जो भोजन परोसती है, उसे लेकर औसतन केवल 0.0008 प्रतिशत शिकायतें प्राप्त होती हैं। पिछले तीन वर्षों में इन शिकायतों की जांच के आधार पर 5.13 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है।” रेल मंत्री ने कहा कि यात्रियों को निर्धारित मानकों के अनुसार अच्छी गुणवत्ता वाला और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने के लिए भारतीय रेल द्वारा लगातार प्रयास किया जाता है।
इसके लिए समय-समय पर आवश्यक कदम उठाए जाते हैं। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा में सुधार के लिए उठाए गए कई कदमों का उल्लेख किया। इनमें चिह्नित स्थानों पर आधुनिक बेस किचन शुरू करना, निर्धारित बेस किचन से भोजन की आपूर्ति और भोजन तैयार करने की प्रक्रिया की वास्तविक समय निगरानी के लिए बेस किचन में सीसीटीवी कैमरे लगाना शामिल है।
वैष्णव ने ट्रेनों में इलेक्ट्रॉनिक बिलिंग और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के उपायों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पेंट्री कार में पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीनें लगाई जा रही हैं, जिससे डिजिटल बिलिंग और नकद रहित लेनदेन को आसान बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि पेंट्री कार में यूपीआई, क्यूआर कोड और स्वाइप मशीन जैसे कई डिजिटल भुगतान विकल्प भी उपलब्ध हैं।
रेल मंत्री का यह जवाब सोमवार को राज्यसभा की वेबसाइट पर उपलब्ध कराया गया।
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